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जंतर-मंतर के बाद रामलीला मैदान में प्रदर्शन करना टेढ़ी खीर! ढाई महीने तक की बुकिंग, लाखों रुपये फीस
दिल्ली के रामलीला मैदान में विरोध प्रदर्शन करना काफी महंगा साबित होने वाला है. अगले ढाई माह तक बुकिंग के लिए कोई भी तारीख खाली नहीं है. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर जहां किसी तरह का चार्ज नहीं है, वहीं रामलीला मैदान में बुकिंग के लिए एक लाख रुपये से अधिक फीस चुकानी पड़ेगी. दिल्ली में नए प्रदर्शन स्थलों में शामिल रामलीला मैदान में विरोध प्रदर्शन करना काफी कठिन और महंगा हो चुका है. दरअसल, इस मैदान में अगले ढाई माह तक बुकिंग को लेकर किसी तरह की तारीख खाली नहीं है. इसके साथ बुकिंग की भारी-भरकम राशि एक लाख रुपये तक पहुंच सकती है.
इन तीन दिनों के लिए बुक किया जा सकता है
आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के 11 अक्टूबर के आदेश के तहत जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया. अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली स्थित CBD ग्राउंड को विरोध प्रदर्शनों के लिए नए स्थल के रूप में तय किया गया. अब रामलीला मैदान में भी प्रदर्शन करना कठिन नजर आ रहा है. इस मैदान को इस वर्ष मात्र 29, 30 और 31 दिसंबर के लिए ही बुक किया जा सकता है.
12 एकड़ में फैला मैदान
इस 12 एकड़ में फैले मैदान 50,000 लोगों के बैठने की क्षमता बताई है. हालांकि, सिविल ऑफिशियल के अनुसार, मैदान का एक खास भाग विरोध प्रदर्शनों के लिए फ्री रखा गया. उसकी क्षमता मात्र 150 लोगों की है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मैदान की बुकिंग की दर 50,000 रुपये हर दिन की है, इसके साथ ही 55,000 रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट देनी होती है. यह रिफंडेबल है. टैक्स को मिलाकर एक दिन की बुकिंग का शुरुआती खर्च करीब 1.21 लाख रुपये तक है.' नए नियमों के तहत रामलीला मैदान की बुकिंग नगर निगम (MCD) की बागवानी विभाग के जरिए होती है. वह इसकी अनुमति देता है. नागरिक निकाय के आवेदन को मंजूरी मिलने से पहले दिल्ली पुलिस से आनपत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी लेना जरूरी है.
दिल्ली पुलिस ने अपने आदेश में कहा कि इन तीनों स्थलों पर प्रदर्शनों के लिए एक विस्तृत और संशोधित SOP अलग से जारी होगा. प्रदर्शनकारियों के अनुसार, किसी संगठन या स्थानीय समूह के लिए रामलीला मैदान में प्रदर्शन की तैयारी करना बड़ा वित्तीय बोझ है. वहीं जंतर-मंतर पर इस तरह का किसी तरह का शुल्क नहीं था.
काफी नुकसान उठाना पड़ेगा
अधिकारियों का कहना है कि अगर यह बिना किसी फीस के दिया जाएगा तो नगर निकाय को हर दिन कम से कम 50 हजार रुपये का उससे अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा. त्योहारी सीजन में रामलीला ग्राउंड की बुकिंग फुल नागरिक निकायों ने जानकारी दी कि आने वाले हफ्तों में दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के मद्देनजर ये मैदान तरह-तरह के कार्यक्रमों और उत्सवों के लिए इस्तेमाल किया जाता है. ये मैदान एक बिजी कमर्शियल क्षेत्र है. इसके पास तीन बड़े अस्पताल और नगर निगम के मुख्यालय हैं. बड़े आयोजनों के दौरान यहां की सड़कों पर काफी दबाव बन जाता है. इसके कारण जाम जैसे हालात हो जाते हैं.
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