चुनाव आयोग के खिलाफ यह पहला मार्च नहीं, नरेंद्र मोदी के समर्थन में भी हुआ था प्रदर्शन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट जाते समय बस से समर्थकों का अभिवादन कर रहे हैं. (फोटो-PTI)
2018 की वो डरावनी फिल्म, जिसका खौफ 8 साल से है कायम | सिर्फ 7 बातें, जिसने बदल डाले हॉरर मूवीज के मायने
8 Years Movie 'Tumbbad': कुछ फिल्में अपने समय से इतनी आगे की होती हैं कि बॉक्स ऑफिस पर शुरुआती भीड़ में वे धुंधली पड़ सकती हैं. लेकिन, समय के साथ उनका जादू दर्शकों को अपनी ओर खींचने लगता है. डायरेक्टर राही अनिल बर्वे की 12 अक्तूबर 2018 में रिलीज हुई 'तुम्बाड' ऐसी ही एक अनोखी सिनेमाई मास्टरपीस है. जब यह फिल्म पहली बार थिएटर में आई, तो इसे वह कमर्शियल सक्सेस नहीं मिली जिसकी यह हकदार थी, लेकिन धीरे-धीरे वर्ड-ऑफ-माउथ और इसकी असाधारण दुनिया ने इसे कल्ट क्लासिक का दर्जा दिलाया. जब इसे 2024 में फिर से रिलीज किया गया, तो जो दर्शक इसे देखने आए और इसने जो नए रिकॉर्ड बनाए, उन्होंने साबित कर दिया कि सच्ची कला कभी पुरानी नहीं होती. जैसे ही 'तुम्बाड' ने अपनी रिलीज के 8 शानदार साल पूरे किए और सिनेफाइल्स इसके मोस्ट अवेटेड सीक्वल 'तुम्बाड 2' का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. यह देखना दिलचस्प है कि इस फिल्म को इतना खास क्या बनाता है. सिर्फ वेस्टर्न हॉरर फिल्मों की नकल करने के बजाय भारतीय जड़ों और लोककथाओं से जुड़ी इस कहानी ने फिल्ममेकिंग के हर पहलू पर नई राह दिखाई. तो आइए, उन 7 खास बातों और अनोखी फिल्म बनाने की टेक्नीक के बारे में विस्तार से जानते हैं.
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