विशेष कैबिनेट बैठक: PM मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे, सीएम यादव ने गिनाईं उनके कार्यकाल की उपलब्धियां, जानिए और क्या-क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के तौर पर 25 साल पूरे होने पर सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में विशेष कैबिनेट बैठक हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री यादव ने सीएम हाउस में मीडिया ब्रीफिंग कर उनके कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईंऔर एक संकल्प भी पारित किया गया।
मुख्यमंत्री यादव ने मोदी के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश और दुनिया के एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्होंने जब-जब विधायक का चुनाव लड़ा, तब-तब मुख्यमंत्री बने, और जब-जब सांसद का चुनाव लड़ा, तब-तब प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अनावश्यक कानूनों को समाप्त करने, ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने और पीएम गतिशक्ति के माध्यम से विकास परियोजनाओं को गति देने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
UPI से लेकर वंदे मातरम् तक का जिक्र
उन्होंने कहा कि UPI के व्यापक विस्तार, सेमीकंडक्टर मिशन और AI मिशन से भारत तकनीकी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। वहीं, 2 लाख से अधिक स्टार्टअप युवाओं की उद्यमशीलता और नवाचार को नई दिशा दे रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने से लेकर जनधन, मुद्रा, आवास, जल जीवन मिशन, पीएम स्वनिधि और उज्ज्वला जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं तक, देश में करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होना हम सभी देशवासियों के लिए गौरव का विषय है। इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर में इसके सामूहिक एवं पूर्ण गायन को लेकर विशेष उत्साह है। भारत आज चंद्रयान, विज्ञान, खेल और तकनीक के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। वैज्ञानिकों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने वाला वातावरण नए भारत की ताकत है
भाजपा के बारे में कहा जाता था, अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी जी की हत्या के बाद जो चुनाव हुए थे, उसमें सहानुभूति की लहर के कारण आखिरी बार किसी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था। उसके बाद ऐसा माना जाने लगा था कि गठबंधन के बिना देश में सरकार चल ही नहीं सकती। यहां तक कि भाजपा के बारे में भी कहा जाता था कि वह अकेले अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती, ऐसे समय में 2014 में नरेंद्र मोदी को सीधे प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना बहुत बड़ा फैसला था।और उससे भी बड़ी बात यह हुई कि वे पूर्ण बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, आयुष्मान भारत, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऐतिहासिक निर्णयों ने देश को नई दिशा दी है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और उज्जैन के श्री महाकाल महालोक जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों ने भारत की गौरवशाली विरासत को नई पहचान दी है। मध्यप्रदेश में भी बेहतर सुविधाओं और धार्मिक पर्यटन के विस्तार से उज्जैन सहित प्रमुख तीर्थस्थलों की ओर श्रद्धालुओं का आकर्षण बढ़ा है
दो लाख से अधिक नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में युवाओं को दो लाख से अधिक नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य है। अब तक हमने एक लाख पद भर दिए हैं और लगातार प्रमोशन भी हो रहे हैं। DPC परसों से फिर चालू हो रही है। एक साल नहीं, दो साल की DPC होगी। सरकार अपना निर्णय ले रही है, लेकिन दिल्ली मॉनिटर कर रही है। आने वाली कठिनाई में मदद कर रही है।केंद्र और राज्यों के बीच इतना सौहार्दपूर्ण संबंध है, और हमारा ही नहीं, आसपास के राज्यों से भी रखने की बात है। केन बेतवा नदी जोड़ो – UP के साथ, पार्वती-कालीसिंध-चंबल राजस्थान के साथ। कहां वो समय गया जब एक-दूसरे पर केस लड़ते थे।
LIVE: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा विशेष मंत्रिपरिषद की बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री निवास, भोपाल में आयोजित ‘मीडिया ब्रीफिंग’ https://t.co/vxePClciIl
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) October 12, 2026
न्यूजीलैंड टेस्ट से पहले रणजी ट्रॉफी के झटके से कैसे संभलेगी टीम इंडिया? जानें स्टार प्लेयर्स के फ्लॉप होने से क्यों बढ़ा टेंशन
Ranji Trophy: घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी 2026-27 के पहले ही दौर में भारतीय टेस्ट टीम के बड़े खिलाड़ियों के फ्लॉप शो ने सिलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट की रातों की नींद उड़ा दी है. भारतीय टीम को 19 नवंबर 2026 से न्यूजीलैंड के खिलाफ 2 मैचों की बेहद महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज खेलनी है. इस बड़े इम्तिहान से ठीक पहले मैच प्रैक्टिस के लिए रणजी खेलने उतरे यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल जैसे स्टार बल्लेबाज बुरी तरह फेल हो गए. जायसवाल जहां बिना खाता खोले शून्य पर आउट हुए, तो वहीं केएल राहुल सिर्फ 4 रन बना सके. टेस्ट सीरीज से पहले इन 2 मुख्य खिलाड़ियों की खराब फॉर्म टीम इंडिया के लिए एक खतरे की घंटी है, जो न्यूजीलैंड दौरे पर भारी नुकसान पहुंचा सकती है.
भारत की ओपनिंग साझेदारी पर संकट
किसी भी टेस्ट मैच को जीतने के लिए एक मजबूत ओपनिंग साझेदारी की जरूरत होती है. यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल दोनों ही भारतीय टेस्ट टीम में बतौर ओपनर या टॉप ऑर्डर बल्लेबाज नियमित रूप से खेलते हैं. न्यूजीलैंड की पिचों पर तेज गेंदबाजों को शुरुआती मदद मिलती है, जहां नई गेंद का सामना करना सबसे मुश्किल काम होता है. अगर हमारे मुख्य ओपनर्स का आत्मविश्वास घरेलू स्तर पर ही डगमगाया रहेगा, तो न्यूजीलैंड की उछाल और स्विंग लेती पिचों पर वे जल्दी आउट हो सकते हैं. इससे मिडिल ऑर्डर पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा.
A tough start for the star batters! ????
— Sportstar (@sportstarweb) October 11, 2026
Yashasvi Jaiswal is out for a duck, while KL Rahul departs for four as the Ranji Trophy season gets underway.
???? Follow the LIVE action here: https://t.co/sHeMj4Sa3J#RanjiTrophy #KLRahul #YashasviJaiswal pic.twitter.com/6wJnlgZemZ
न्यूजीलैंड की मददगार पिचें और कीवी गेंदबाजों का खौफ
न्यूजीलैंड की वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च की पिचो पर हरी घास और ठंडी हवाओं के कारण गेंद बहुत ज्यादा स्विंग और सीम करती है. ऐसे में न्यूजीलैंड के स्विंग गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के लिए काल बन सकते हैं. रणजी ट्रॉफी में भारतीय पिचों पर जब हमारे बल्लेबाज संघर्ष कर रहे हैं, तो बिना अच्छी लय के न्यूजीलैंड की मुश्किल परिस्थितियों में जाना टीम इंडिया के पूरे बैटिंग लाइनअप को ताश के पत्तों की तरह बिखेर सकता है. खराब फॉर्म के साथ वहां जाने का सीधा मतलब है कि कीवी गेंदबाजों को हावी होने का मौका देना.
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की रेस को नुकसान
न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली यह 2 मैचों की टेस्ट सीरीज भारत के लिए सिर्फ एक सामान्य द्विपक्षीय सीरीज नहीं है. यह सीरीज ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के नजरिए से भारतीय टीम के लिए बेहद नाजुक और महत्वपूर्ण है. फाइनल की रेस में बने रहने के लिए भारत को हर एक मैच जीतना जरूरी है. ऐसे में अगर खराब फॉर्म की वजह से टीम इंडिया न्यूजीलैंड में एक भी टेस्ट मैच गंवाती है, तो उसके लॉर्ड्स में होने वाले WTC फाइनल में पहुंचने के सपने को बहुत बड़ा झटका लगेगा.
???? Team India test players in domestic cricket ????
— VIKAS (@Vikas662005) October 11, 2026
Yashasvi Jaiswal - 0(13)
Kl Rahul - 4(11)
Karun Nair - 8(19)
Mayank Agarwal - 5(8)
Devdutt Padikkal - 2(6)
Flopped ???? pic.twitter.com/foe9QUB9HH
भारतीय टीम के मीडिल ऑर्डर पर बढ़ेगा दबाव
जब टॉप ऑर्डर के अनुभवी बल्लेबाज बेहद सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौट जाते हैं, तो पारी को संभालने का सारा दबाव और बोझ सीधे मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों के कंधों पर आ जाता है. केएल राहुल जैसे सीनियर खिलाड़ी का चाहे ओपनिंग में हो या मध्यक्रम में, बार-बार फेल होना टीम के पूरे बल्लेबाजी संतुलन और गेम प्लान को पूरी तरह बिगाड़ देता है. अगर टीम की शुरुआत ही इतनी खराब और निराशाजनक रही, तो मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज मैदान पर उतरकर कभी भी खुलकर अपनी स्वाभाविक या आक्रामक बल्लेबाजी नहीं कर पाएंगे. वे केवल क्रीज पर टिकने और विकेट बचाने के चक्कर में पूरी तरह रक्षात्मक खेल खेलने को मजबूर हो जाएंगे. इसका सीधा नुकसान यह होगा कि रनों की गति थम जाएगी, दबाव में विकेट लगातार गिरेंगे और फिर मैच पर से टीम इंडिया की पकड़ पूरी तरह ढीली हो सकती है.
युवाओं के पास अनुभव की कमी, दावेदारों का भी फ्लॉप शो
इस रणजी सीजन में सिर्फ यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ही नहीं बल्कि टेस्ट टीम के दरवाजे पर दस्तक दे रहे युवा बल्लेबाज जैसे देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन भी पहली पारी में कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके. ऐसे में अगर मुख्य खिलाड़ी फ्लॉप होते हैं, तो टीम के पास बैकअप के तौर पर कोई ऐसा बल्लेबाज नहीं बचेगा जो पूरी तरह इन-फॉर्म हो. अनुभवी खिलाड़ियों की खराब फॉर्म और युवाओं के अनुभव की कमी का यह मिश्रण न्यूजीलैंड जैसे कड़े दौरे पर भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ सकता है.
DEVDUTT PADIKKAL
— Shariq (@Realsuperkings) October 11, 2026
???? vs Australia A
???? Innings: 3
???? Runs: 3
???? Three matches. Three runs. Three poor shots. ????
???? Devdutt has been a big disappointment in this series. He got chances but failed to make them count.
???? He scored runs throughout the domestic season and also… https://t.co/3Zsb9WgCR3 pic.twitter.com/Nclwex26cx
क्या अब भी बची है उम्मीद की किरण?
हालांकि, भारतीय क्रिकेट फैंस और टीम मैनेजमेंट के लिए इस समय सबसे बड़ी राहत की बात सिर्फ इतनी है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला टेस्ट मैच शुरू होने में अभी लगभग एक महीने का पर्याप्त समय बाकी है. इस टेस्ट सीरीज से ठीक पहले भारतीय टीम को न्यूजीलैंड की धरती पर ही सीमित ओवरों की सीरीज भी खेलनी है, जिससे खिलाड़ियों को वहां की परिस्थितियों और पिचों के मिजाज को करीब से समझने का एक बेहतरीन मौका मिलेगा.
इसके अलावा, जारी रणजी ट्रॉफी के आगामी मैचों की दूसरी पारियों में भी इन फ्लॉप हुए दिग्गज बल्लेबाजों के पास क्रीज पर लंबा समय बिताने, नेट सेशन में अपनी तकनीकी कमियों व फुटवर्क की गलतियों को सुधारने और खोई हुई फॉर्म व आत्मविश्वास को वापस पाने का पूरा अवसर रहेगा. क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, और उम्मीद है कि टीम इंडिया के ये स्टार बल्लेबाज समय रहते अपनी पुरानी खतरनाक लय हासिल कर लेंगे और न्यूजीलैंड की चुनौतीपूर्ण धरती पर एक बार फिर तिरंगा फहराने में पूरी तरह कामयाब होंगे.
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