उत्तराखंड कैबिनेट ने Jan Vishwas Amendment Bill और अग्निवीर आरक्षण नियमावली को दी मंजूरी
उत्तराखंड में मंत्रिमंडल ने व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने के लिए जन विश्वास संशोधन विधेयक तथा अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने हेतु उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दे दी। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हरिद्वार में गंगा तट पर स्थित मेला नियंत्रण सभागार में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। मंत्रिमंडल ने व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और कारोबार सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की स्वीकृति दी। इसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी एवं प्रक्रियागत त्रुटियों के लिए नागरिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने तथा कानूनों के अप्रचलित एवं अनावश्यक प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
मंत्रिमंडल ने प्रदेश में अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को भी विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी। यह विधेयक केंद्र सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके तहत औद्योगिक विकास, नगरीकरण, आपदाओं और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा अग्निशमन कानून की समीक्षा कर नया कानून लाने का प्रस्ताव है।
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को भी मंजूरी दी। इसका उद्देश्य बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को विनियमित करना है। इसके तहत उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक और कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी।
इससे बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने के साथ जन-धन, संपत्ति और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को संभावित नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी। मंत्रिमंडल ने राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के नियोजन के लिए क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को भी मंजूरी दी। इससे पहले, 2025 की नियमावली के तहत सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और अधिकतम आयु सीमा में छूट का प्रावधान किया गया था।
अब उस नियमावली को अधिक्रमित कर तैयार की गई नई नियमावली में लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में भी छूट देने का प्रावधान किया गया है। एक अन्य निर्णय के तहत मंत्रिमंडल ने अगले विधानसभा सत्र के आयोजन को मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री को सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए अधिकृत कर दिया। मंत्रिमंडल ने हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील के सिसौना गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना तथा केंद्र और राज्य सरकार की आवास नीति के अनुरूप प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के लिए पहुंच मार्ग की न्यूनतम निर्धारित चौड़ाई नौ मीटर से घटाकर छह मीटर करने को भी मंजूरी दी।
इसके अलावा, प्रदेश के साहसी बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत विपरीत परिस्थितियों में धैर्यपूर्वक कार्य करने तथा असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
UP Roadways: बुजुर्ग महिलाएं मुफ्त में करेंगी सफर, फिर भी लेना होगा टिकट; जानें क्यों जरूरी है जीरो रुपये की पर्ची
UP Roadways: यूपी रोडवेज में बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर के साथ जीरो रुपये का टिकट मिलेगा. यह टिकट दुर्घटना के समय बीमा क्लेम में काम आएगा. जानें क्या है नई व्यवस्था और आधार कार्ड क्यों जरूरी है.
The post UP Roadways: बुजुर्ग महिलाएं मुफ्त में करेंगी सफर, फिर भी लेना होगा टिकट; जानें क्यों जरूरी है जीरो रुपये की पर्ची appeared first on Prabhat Khabar.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi






