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15 दिन में 5 गुना महंगा हुआ चमेली का फूल, क्यों 1,600 रुपये तक पहुंची कीमत?

Jasmine flower price: नवरात्रि के साथ ही शंकरपुरा चमेली की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. करीब 15 दिन पहले ₹240–300 प्रति अट्टे बिकने वाला फूल अब खुले बाजार में ₹1,600 तक पहुंच गया है. जाजी फूल भी ₹800 प्रति अट्टे तक बिक रहा है.

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सितंबर में बदला निवेश का ट्रेंड, सोने और इक्विटी फंड में बढ़ा पैसा; डेट म्यूचुअल फंड से भारी निकासी

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में शुद्ध निवेश अगस्त के 2,597 करोड़ रुपए से महीने-दर-महीने आधार पर 71.4 प्रतिशत बढ़कर सितंबर में 4,451 करोड़ रुपए हो गया है. यह दिखाता है कि सोने की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है.

गोल्ड ईटीएफ में मजबूत निवेश के बावजूद, व्यापक म्यूचुअल फंड उद्योग में महीने के दौरान 1.33 लाख करोड़ रुपए का शुद्ध निकासी दर्ज की गई. इससे पहले अगस्त में 41,353 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया था. इस गिरावट की मुख्य वजह फिक्स्ड इनकम म्यूचुअल फंड योजनाओं से बड़ी मात्रा में निकासी रही. डेट म्यूचुअल फंड्स से सबसे अधिक निकासी हुई. सितंबर में इनसे शुद्ध निकासी तेजी से बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपए हो गई, जबकि पिछले महीने यह 8,127 करोड़ रुपए थी. भारी निकासी के कारण म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) अगस्त के 87.08 लाख करोड़ रुपए से घटकर सितंबर में 82.64 लाख करोड़ रुपए हो गया है.

इसके विपरीत, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की ओर निवेशकों का रुझान बना रहा. सितंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में शुद्ध निवेश 30.6 प्रतिशत बढ़कर 38,307 करोड़ रुपए हो गया, जबकि अगस्त में यह 29,328 करोड़ रुपए था. इक्विटी श्रेणियों में स्मॉल-कैप फंड निवेशकों की सबसे पसंदीदा श्रेणी बने रहे. इनमें सितंबर में 9,039 करोड़ रुपए का निवेश आया, जबकि पिछले महीने यह 7,973 करोड़ रुपए था. मिड-कैप फंड में भी निवेशकों की अच्छी भागीदारी रही. इनमें अगस्त के 6,989 करोड़ रुपए की तुलना में सितंबर में 7,835 करोड़ रुपए का निवेश आया. फ्लेक्सी-कैप फंड में शुद्ध निवेश एक महीने पहले के 5,059 करोड़ रुपए से बढ़कर 6,702 करोड़ रुपए हो गया. वहीं, सेक्टोरल और थीमैटिक फंड में निवेश बढ़कर 3,640 करोड़ रुपए हो गया, जबकि अगस्त में यह 1,713 करोड़ रुपए था. 

लार्ज-कैप फंड एक महीने की शुद्ध निकासी के बाद फिर से सकारात्मक दायरे में लौट आए. सितंबर में इनमें 859 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया, जबकि अगस्त में 1,147 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी हुई थी. इस बीच, मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड में 3,667 करोड़ रुपए का निवेश आया, जो पिछले महीने के 3,671 करोड़ रुपए के लगभग बराबर रहा.सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के माध्यम से निवेशकों की भागीदारी मजबूत बनी रही। सितंबर में मासिक एसआईपी योगदान रिकॉर्ड 32,490 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो अगस्त में दर्ज 32,297 करोड़ रुपए से थोड़ा अधिक है.  

Input; IANS

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  Sports

Ravichandran Ashwin बोले New Zealand सीरीज में Bhuvneshwar Kumar को मिला मेहनत का फल

अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को लगातार अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है और अब वह करीब 4 साल बाद भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी करने जा रहे हैं। पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि भुवनेश्वर ने टीम में लौटने के लिए अलग से कोशिश करने के बजाय अपनी गेंदबाजी और जिम्मेदारी पर ध्यान दिया, जिसका नतीजा उन्हें चयन के रूप में मिला है।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच अगले सप्ताह से शुरू होने वाली 5 मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए भुवनेश्वर कुमार को भारतीय टीम में जगह दी गई है। उनका चयन टीम की घोषणा के बाद चर्चा का बड़ा विषय बना। भुवनेश्वर ने इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए अच्छा प्रदर्शन किया था। नई गेंद से विकेट लेने और गेंदबाजी में निरंतरता बनाए रखने की उनकी क्षमता ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर भुवनेश्वर की वापसी पर बात करते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि तेज गेंदबाज लगातार भारतीय टीम में लौटने के बारे में सोच रहे थे। अश्विन के मुताबिक, भुवनेश्वर ने अपने खेल को बेहतर बनाने और अपनी टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान बनाए रखा। वह नई गेंद से प्रभावी गेंदबाजी करने और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से अपनी जिम्मेदारी निभाने में जुटे रहे।

अश्विन ने कहा कि भुवनेश्वर ने अपने सफर पर ध्यान दिया और जो कुछ उनके हाथ में था, उसे बेहतर तरीके से करने की कोशिश की। भारतीय टीम में वापसी उनके सफल प्रदर्शन का इनाम है। उन्होंने इस मौके को पाने के लिए उसके पीछे भागने के बजाय अपना काम किया और सफलता खुद उनके पास आई। अश्विन ने यह भी संकेत दिया कि खिलाड़ी के लिए अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना और नतीजे की चिंता से दूर रहना सफलता का अहम तरीका हो सकता है।

गौरतलब है कि भुवनेश्वर कुमार लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर थे, लेकिन घरेलू और आईपीएल क्रिकेट में प्रदर्शन के दम पर उन्होंने दोबारा चयन की दौड़ में जगह बनाई। नई गेंद को स्विंग कराने और शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों को परेशान करने की उनकी क्षमता टी20 क्रिकेट में अब भी उपयोगी मानी जाती है।

इसी बातचीत में अश्विन ने 2027 में होने वाले एकदिवसीय विश्व कप को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने भारत को खिताब का मजबूत दावेदार बताया, लेकिन मेजबान दक्षिण अफ्रीका को बड़ी चुनौती माना। अश्विन के अनुसार, भारतीय टीम के पास जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाज, अच्छे स्पिन विकल्प और अनुभवी बल्लेबाज हैं। अगर बुमराह अपनी पूरी क्षमता से गेंदबाजी करते हैं, तो भारत की संभावनाएं और मजबूत हो सकती हैं।

हालांकि, अश्विन ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना आसान नहीं होगा। वहां के मैदानों और पिचों की जानकारी, घरेलू दर्शकों का समर्थन और एसए20 लीग में खेलने से मिले अनुभव से दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों को फायदा मिल सकता है। उनके मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका की टीम एकजुट नजर आती है और उसके खिलाड़ी अपनी परिस्थितियों को अच्छी तरह समझते हैं।

अश्विन की राय में भारत के पास विश्व कप जीतने की क्षमता है, लेकिन खिताब की राह में दक्षिण अफ्रीका सबसे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों में से एक हो सकता है। ऐसे में भारतीय टीम को अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी के साथ-साथ मेजबान टीम की चुनौती से निपटने की भी तैयारी करनी होगी।

Tue, 13 Oct 2026 19:35:00 +0530

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