कौन हैं ममता चौधरी, जिनसे भिड़े अजय राय और लखनऊ कांग्रेस दफ्तर में चले जूते-चप्पल...
Who is Mamta Chaudhary: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सड़क पर आ गई है. दरअसल, रविवार को लखनऊ के पार्टी मुख्यालय में नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' के पदभार ग्रहण के दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और महिला कांग्रेस नेता ममता चौधरी के समर्थक आपस में भिड़ गए.
हुआ कुछ ऐसा कि पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की हुई और हाथों में जूते-चप्पल तक दिखे. इसी घटना के बाद ममता चौधरी का नाम अचानक चर्चा के केंद्र में आ गया है. आइए आपको बताते हैं कि ममता चौधरी कौन हैं और उनकी अजय राय से अदावत कब से है.
कौन हैं ममता चौधरी?
जानकारी के मुताबिक ममता चौधरी उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की महिला विंग (मध्य क्षेत्र) की अध्यक्ष हैं. वे दलित समुदाय की धोबी जाति से आती हैं और लंबे समय से कांग्रेस के सांगठनिक ढांचे और महिला कांग्रेस की गतिविधियों में सक्रिय रही हैं. उनके पति का नाम मनीष कुमार तिवारी बताया जाता है.
क्या ममता चौधरी किसी चुनावी पद पर भी हैं?
ममता चौधरी लखनऊ के मालवीय नगर वार्ड से कांग्रेस की पार्षद हैं और नगर निगम में पार्टी का प्रतिनिधित्व करती हैं. बता दें साल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें लखनऊ की आरक्षित मोहनलालगंज सीट से उम्मीदवार बनाया था लेकिन उन्हें सिर्फ 2,990 वोट मिल सके थे.
#WATCH | Lucknow, UP: On scuffle between Congress leaders in Lucknow, Congress leader Mamta Chaudhary says, "I didn't even realize what was happening at the time. There was a large group of us women—the entire Women's Congress wing waiting to welcome Didi (Aradhana Misra-Mona).… pic.twitter.com/zIEeEiOA6N
— ANI (@ANI) October 11, 2026
11 अक्टूबर को कांग्रेस मुख्यालय में आखिर हुआ क्या?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पार्टी की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के पदभार ग्रहण का कार्यक्रम चल रहा था. इसी बीच अजय राय अपने समर्थकों के साथ मुख्यालय पहुंचे. आरोप है कि इस दौरान ममता चौधरी की तरफ से उनकी मौजूदगी पर तीखी टिप्पणी की गई, जिसके बाद अजय राय के समर्थक भड़क गए और माहौल बिगड़ गया.
दोनों पक्षों का अपना-अपना दावा क्या है?
अजय राय ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से शिकायत करते हुए अनुशासनहीनता करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. उनके खेमे का कहना है कि ममता चौधरी की तरफ से अपशब्दों का इस्तेमाल हुआ. वहीं, ममता चौधरी ने रोते हुए आरोप लगाया कि वे आराधना मिश्रा के स्वागत के लिए रास्ता बनवा रही थीं तभी अजय राय उन पर चिल्लाने लगे. उनके मुताबिक अजय राय के समर्थकों और साथ आए बाहरी लोगों ने गाली-गलौज और मारपीट की. दोनों पक्षों के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है.
"Gaali degi 2 takke ki aurat, madar**chod, sa**li, r**ndi.."
— Farrago Abdullah Parody (@abdullah_0mar) October 11, 2026
Congress leader Ajay Rai abused UP Congress President Mamta Chaudhary.@SupriyaShrinate will give award to Ajay Rai ???????????? pic.twitter.com/7SaR8YtibU
घटना के बाद अजय राय को कैसे मनाया गया?
मामला बिगड़ता देख कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद ने अजय राय को शांत कराया. बताया जा रहा है कि अजय राय पहले कार्यक्रम से नाराज होकर बाहर निकल गए थे लेकिन समझाने के बाद वापस लौटे और बाकी कार्यक्रम में शामिल हुए. हालांकि कुछ रिपोर्टों के मुताबिक वे नई प्रदेश अध्यक्ष की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं पहुंचे.
अजय राय की क्या मांग है और पार्टी का क्या रुख है?
अजय राय ने ममता चौधरी को पार्टी से बाहर करने की मांग की है. सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि उन्हें मामले की जांच कराने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है. फिलहाल पार्टी की तरफ से किसी औपचारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं हुई है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दोनों पक्ष अपने-अपने आकाओं को साधने में और अपना पक्ष मजबूत करने में लगा हुआ है.
अजय राय और ममता चौधरी के बीच यह तनातनी पुरानी है?
सियासी गलियारों में चर्चा है कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही है. कहा जाता है कि अजय राय के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए भी ममता चौधरी कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से उनके फैसलों पर सवाल उठाती रही हैं. यह भी चर्चा है कि अजय राय को पद से हटाए जाने की प्रक्रिया में ममता चौधरी की भूमिका रही, जिससे वे उनसे नाराज चल रहे थे. हालांकि ये बातें सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं पर आधारित हैं, इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है.
क्या ममता चौधरी को आराधना मिश्रा खेमे का माना जाता है?
पार्टी के भीतर यह चर्चा आम है कि ममता चौधरी नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा के गुट के करीब मानी जाती हैं. इसकी एक वजह उनके पति का कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी से करीबी रिश्ता बताया जाता है.
Congress leader Mamta Chaudhary to Ajay Rai: Mujhe inko dekhne ka shauk hi nhi hia..
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) October 12, 2026
Ajay Rai: Aukaat me baat karo! Aukaat me baat karo!
How a brawl unfolded at Congress office in Lucknow. https://t.co/KNH8gkzQbL pic.twitter.com/j9v4XOCakw
इस घटना का कांग्रेस की चुनावी तैयारी पर क्या असर पड़ सकता है?
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस 2027 के चुनाव की तैयारी में है और संगठन में बदलाव के साथ नई टीम खड़ी की जा रही है. ऐसे वक्त में नई प्रदेश अध्यक्ष के पहले ही दिन खुलकर सामने आई गुटबाजी पार्टी के लिए असहज स्थिति है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आराधना मिश्रा के सामने सबसे पहली चुनौती यही होगी कि वे अलग-अलग खेमों को साथ लेकर चल पाएं. अब सबकी नजरें इस पर हैं कि पार्टी नेतृत्व इस मामले में जांच के बाद किस तरह की कार्रवाई करता है. देखना यह होगा कि कार्रवाई दोनों पक्षों पर होती है या किसी एक पर और क्या इससे पार्टी के भीतर की दरार भरती है या और गहरी होती है.
'रास्ता छोड़ो, अध्यक्ष जी आ रहे हैं' पर भड़कीं ममता चौधरी, लखनऊ कांग्रेस दफ्तर में जमकर चले जूते
Maa Brahmacharini Ki Aarti Lyrics: नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी देवी की जरूर पढ़ें आरती
Maa Brahmacharini Ki Aarti Lyrics: आज यानी 12 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है. इस दिन दुर्गा मां के दूसरे स्वरूप माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. ये दुर्गा मां का अविवाहित रूप माना जाता है. ब्रह्मचारिणी माता श्वेत रंग के वस्त्र पहनती हैं. उनके दाहिने हाथ में जप माला और बाएं हाथ में कमंडल होता है. देवी दुर्गा का यह स्वरूप अत्यंत भक्तिमय होता है. कहा जाता है कि माता के इस रूप की उपासना करने से जीवन से सभी कष्टों का निवारण होता है. मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर, मिश्री, सफेद मिठाई और दूध से बने पदार्थों का भोग लगाया जाता है. उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए आपको नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की आरती पढ़नी चाहिए.
मां ब्रह्मचारिणी की आरती ( Maa Brahmacharini Aarti Lyrics in Hindi)
जय अम्बे ब्रह्मचारिणी माता।जय चतुरानन प्रिय सुख दाता॥
ब्रह्मा जी के मन भाती हो।ज्ञान सभी को सिखलाती हो॥
ब्रह्म मन्त्र है जाप तुम्हारा।जिसको जपे सरल संसारा॥
जय गायत्री वेद की माता।जो जन जिस दिन तुम्हें ध्याता॥
कमी कोई रहने ना पाये।कोई भी दुख सहने न पाये॥
उसकी विरति रहे ठिकाने।जो तेरी महिमा को जाने॥
रद्रक्षा की माला ले कर।जपे जो मन्त्र श्रद्धा दे कर॥
आलस छोड़ करे गुणगाना।माँ तुम उसको सुख पहुँचाना॥
ब्रह्मचारिणी तेरो नाम।पूर्ण करो सब मेरे काम॥
भक्त तेरे चरणों का पुजारी।रखना लाज मेरी महतारी॥
ब्रह्मचारिणी माता के मंत्र
ऊं ऐं नम:
ऊं देवी ब्रह्मचारिण्यै नम:
ऊं ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्ये नम:
माता ब्रह्मचारिणी चालीसा (Mata Brahmcharini Chalisa in Hindi)
दोहा
कोटि कोटि नमन मात पिता को, जिसने दिया ये शरीर
बलिहारी जाऊं गुरू देव ने, दिया हरि भजन में सीर
स्तुति
चन्द्र तपे सूरज तपे, और तपे आकाश
इन सब से बढकर तपे,माताऒ का सुप्रकाश
मेरा अपना कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा
तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा ॥
पद्म कमण्डल अक्ष, कर ब्रह्मचारिणी रूप
हंस वाहिनी कृपा करो, पडू नहीं भव कूप ॥
जय जय श्री ब्रह्माणी, सत्य पुंज आधार
चरण कमल धरि ध्यान में, प्रणबहुं मां बारम्बार ॥
चौपाई
जय जय जग मात ब्रह्माणी, भक्ति मुक्ति विश्व कल्याणी
वीणा पुस्तक कर में सोहे, शारदा सब जग सोहे
हंस वाहिनी जय जग माता, भक्त जनन की हो सुख दाता
ब्रह्माणी ब्रह्मा लोक से आई, मात लोक की करो सहाई
क्षीर सिन्धु में प्रकटी जब ही, देवों ने जय बोली तब ही
चतुर्दश रतनों में मानी, अद॒भुत माया वेद बखानी
चार वेद षट शास्त्र कि गाथा, शिव ब्रह्मा कोई पार न पाता
आदि शक्ति अवतार भवानी, भक्त जनों की मां कल्याणी
जब−जब पाप बढे अति भारी, माता शस्त्र कर में धारी
पाप विनाशिनी तू जगदम्बा, धर्म हेतु ना करी विलम्बा
नमो: नमो: ब्रह्मी सुखकारी, ब्रह्मा विष्णु शिव तोहे मानी
तेरी लीला अजब निराली, सहाय करो माँ पल्लू वाली
दुःख चिन्ता सब बाधा हरणी, अमंगल में मंगल करणी
अन्न पूरणा हो अन्न की दाता, सब जग पालन करती माता
सर्व व्यापिनी असंख्या रूपा, तो कृपा से टरता भव कूपा
चंद्र बिंब आनन सुखकारी, अक्ष माल युत हंस सवारी
पवन पुत्र की करी सहाई, लंक जार अनल सित लाई
कोप किया दश कन्ध पे भारी, कुटुम्ब संहारा सेना भारी
तु ही मात विधी हरि हर देवा, सुर नर मुनी सब करते सेवा
देव दानव का हुआ सम्वादा, मारे पापी मेटी बाधा
श्री नारायण अंग समाई, मोहनी रूप धरा तू माई
देव दैत्यों की पंक्ति बनाई, देवों को मां सुधा पिलाई
चतुराई कर के महा माई, असुरों को तू दिया मिटाई
नौ खण्ङ मांही नेजा फरके, भागे दुष्ट अधम जन डर के..
तेरह सौ पेंसठ की साला, आस्विन मास पख उजियाला
रवि सुत बार अष्टमी ज्वाला, हंस आरूढ कर लेकर भाला
नगर कोट से किया पयाना, पल्लू कोट भया अस्थाना
चौसठ योगिनी बावन बीरा, संग में ले आई रणधीरा
बैठ भवन में न्याय चुकाणी, द्वारपाल सादुल अगवाणी
सांझ सवेरे बजे नगारा, उठता भक्तों का जयकारा
मढ़ के बीच खड़ी मां ब्रह्माणी, सुन्दर छवि होंठो की लाली
पास में बैठी मां वीणा वाली, उतरी मढ़ बैठी महाकाली
लाल ध्वजा तेरे मंदिर फरके, मन हर्षाता दर्शन करके
दूर दूर से आते रेला, चैत आसोज में लगता मेला
कोई संग में, कोई अकेला, जयकारो का देता हेला
कंचन कलश शोभा दे भारी, दिव्य पताका चमके न्यारी
सीस झुका जन श्रद्धा देते, आशीष से झोली भर लेते
तीन लोकों की करता भरता, नाम लिए सब कारज सरता
मुझ बालक पे कृपा कीज्यो, भुल चूक सब माफी दीज्यो
मन्द मति जय दास तुम्हारा, दो मां अपनी भक्ती अपारा
जब लगि जिऊ दया फल पाऊं, तुम्हरो जस मैं सदा सुनाऊं
श्री ब्रह्माणी चालीसा जो कोई गावे, सब सुख भोग परम सुख पावे
दोहा
राग द्वेष में लिप्त मन, मैं कुटिल बुद्धि अज्ञान
भव से पार करो मातेश्वरी, अपना अनुगत जान॥
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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