भोपाल के गर्ल्स हॉस्टल में खाने की गुणवत्ता पर सवाल, भोजन में इल्ली मिलने के बाद जांच शुरू, 7 सैंपल लिए
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। पंचशील नगर में स्थित शासकीय कन्या महाविद्यालय के छात्रावास हॉस्टल में छात्राओं को मिलने वाले खाने में इल्ली मिलने की शिकायत सामने आई है। इस घटना के बाद से ही हॉस्टल की छात्राओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है और मामला गरमा गया है।
अधिकारी बोले- रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच टीम जब हॉस्टल पहुंची, तो उन्होंने सबसे पहले किचन और वहां रखी राशन सामग्री को देखा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि मौके पर रसोई में साफ-सफाई की स्थिति ठीक दिखाई दी और अनाज भी सही मात्रा में मौजूद था। अधिकारियों ने हॉस्टल से कुल सात सैंपल लिए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट आने पर ही असली स्थिति साफ हो पाएगी।
पीने के पानी से लेकर कर्मचारियों पर लगाए आरोप
जांच के दौरान जब अधिकारियों ने हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं से बात की, तो कई और शिकायतें भी सामने आ गईं। छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में सिर्फ खाने की ही समस्या नहीं है, बल्कि पीने के पानी का पानी भी साफ नहीं आता। इसके अलावा कमरों की सफाई न होने और हॉस्टल के चौकीदारों व कर्मचारियों के खराब व्यवहार को लेकर भी छात्राओं ने अपनी नाराजगी जताई।
वार्डन को दिए गए सख्त निर्देश
छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने हॉस्टल की वार्डन मनीषा चौधरी को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें राशन के सही रख-रखाव, किचन की रोज सफाई और खाने की क्वालिटी सुधारने को कहा गया है। वहीं इस पूरे मामले पर आज यानी 12 अक्टूबर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा समिति की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें कई बड़े अधिकारी शामिल होंगे।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि लैब से नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार सख्त एक्शन लिया जाएगा। वहीं पानी, सफाई और हॉस्टल की बाकी व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। फिलहाल सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि हॉस्टल में रह रही छात्राओं को जल्द से जल्द राहत मिल सके और स्वच्छ माहौल मिल पाए।
उज्जैन में देवास गेट बस स्टैंड बंद, आगर-मक्सी की बसों के बदले रूट
सिंहस्थ 2028 को लेकर उज्जैन में निर्माण कार्यों का दौर देखने को मिल रहा है। यातायात व्यवस्था सुचारू बनाने के लिए देवास गेट बस स्टैंड को बंद कर दिया गया है। यहां से चलने वाली बसों का संचालन अब नानाखेड़ा से किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से यात्रियों को परेशानी हो रही है।
प्रशासन द्वारा पहले ही 12 अक्टूबर से देवास गेट बस स्टैंड बंद करने जानकारी दे दी गई थी। इसके बावजूद भी जानकारी के अभाव में कई लोग यहां पर पहुंचे और परेशान हो तो दिखाई। इस दौरान बस स्टैंड परिसर में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ दिखाई दिया। अब यहां से चलने वाली बसों को अलग-अलग रास्ते के जरिए अपने गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा।
कहां से जाएंगी बसें
देवास गेट बस स्टैंड पर सबसे ज्यादा आगर और मक्सी के लिए बस मिला करती थी। अब इनके लिए नया रूट प्लान तैयार किया गया है। अगर और मक्सी की बस पांड्याखेड़ी होते हुए कोठी के पीछे से पाइप फैक्ट्री और भरतपुरी होकर नानाखेड़ा पहुंचेगी। वहीं देवास की बसों को सेठी पेट्रोल पंप से भरतपुरी होते हुए नानाखेड़ा जाना होगा। इंदौर की बसों के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज और आस्था गार्डन से नानाखेड़ा का रूट तय किया गया है। बड़नगर और बायपास रूट की बसें बायपास रिंग रोड से आस्था गार्डन होते हुए नानाखेड़ा आएगी।
लग रहा है ज्यादा समय
देवास गेट बस स्टैंड से मिलने वाली बसों की वजह से यात्रियों को काफी सुविधा रहती थी। खासकर पुराने उज्जैन में रहने वाले लोगों के लिए यह पास पड़ता था। लेकिन अब यात्रियों को 30 से 40 मिनट ज्यादा लगाकर ट्रैफिक से गुजरते हुए नानाखेड़ा पहुंचना होगा। ऐसे में आवागमन में ज्यादा समय खर्च होगा।
अभी तय नहीं है आगे का निर्माण
देवास गेट बस स्टैंड को फिलहाल सिंहस्थ के काम के लिए बंद तो कर दिया गया है। लेकिन यह तय नहीं किया गया है कि आगे यहां पर क्या होने वाला है। दरअसल शहर में सड़क चौड़ीकरण और एलिवेटेड ब्रिज सहित अन्य विकास कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में देवास के बस स्टैंड पर क्या निर्माण किया जाएगा इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
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