Mohan Cabinet Meeting: मोहन कैबिनेट बैठक आज, इन प्रस्तावों पर लगेगी मुहर! सांदीपनि स्कूलों की बसों का तय हो सकता है किराया
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार, 12 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक बुलाई गई। यह बैठक दोपहर 3 बजे मंत्रालय में बुलाई गई है। बैठक में प्रदेश के विकास और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी जा सकती है।
कैबिनेट बैठक में सांदीपनि स्कूलों की बसों का किराया तय करने का प्रस्ताव स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा रखा जा सकता है। कलेक्टरों को जिले की परिस्थितियों के अनुसार बस किराया तय करने और अभिभावकों से शुल्क लेने का अधिकार मिल सकता है।। इसका सीधा असर 1 लाख 50 हजार छात्रों के अभिभावकों की जेब पर पड़ेगा। प्रदेश के 19 जिलों में फिलहाल 370 सांदीपनि विद्यालया है जिसमें बच्चों को लाने और वापस ले जाने का कोई किराया नहीं लगता है।
साथ ही नवगठित जिले पांढुर्णा, मैहर, मऊगंज और निवाड़ी में महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय खोलने,जिला स्तर पर पद सृजित और विभागीय योजनाओं को जारी रखने का प्रस्ताव भी लाया जा सकता है। इसके अलावा बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान के तहत हुए कार्यों पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। इस अभियान का समापन 17 अक्टूबर होना है, ऐसे में प्रगति और कार्यों की समीक्षा की जा सकती है। मंत्रियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को कोई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
पिछली कैबिनेट बैठक में हुई थे कई बड़े फैसले
बता दें कि पिछली कैबिनेट बैठक (29 सितंबर 2026) में प्रदेश के समग्र विकास और जनहित को गति देने के लिए लगभग 24 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का भी फैसला लिया गया था।
साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए आगामी पांच वर्षों के लिए 5,329.17 करोड़ रुपये, स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश राशि के लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये तथा स्वास्थ्य केंद्रों व औषधि नियंत्रण के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे।
इसके अलावा 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से दमोह-कटनी 4-लेन मार्ग निर्माण, ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580 करोड़ 22 लाख रुपयें और सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन की कान्ह डायवर्सन परियोजना सहित दतिया, नीमच व सागर की बंडा वृहद सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति दी गई गई थी।
रणजी ट्रॉफी के बीच इंडिया-ए का न्यूजीलैंड दौरा क्यों- वेंगसरकर:घरेलू क्रिकेट की अहमियत कम होगी, 24 अक्टूबर से शुरू होगा टूर्नामेंट
पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने रणजी ट्रॉफी के बीच में इंडिया-ए टीम को न्यूजीलैंड भेजने पर नाराज हैं। उन्होंने BCCI के इस फैसले की आलोचना की है। 70 साल के वेंगसरकर ने कहा, 'जब रणजी ट्रॉफी सीजन चल रहा है, तब इंडिया ए का दौरा क्यों कराया जा रहा है? फिर रणजी ट्रॉफी कराने का क्या मतलब है?’ इंडिया ए को 24 अक्टूबर से न्यूजीलैंड का दौरा करना है। उसे वहां पर 3 मल्टी डे मैच खेलने हैं। टीम इंडिया की कप्तानी ध्रुव जुरेल को सौंपी गई है। वेंगसरकर बोले- घरेलू सीजन के दौरान शैडो टूर करना बेतुका वेंगसरकर ने कहा, ‘अपने घरेलू सीजन के दौरान शैडो टूर कराने का यह विचार पूरी तरह बेतुका है। इससे देश के प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट का महत्व कम हो रहा है।’ वेंगसरकर ने कहा, ‘अगर आपके सर्वश्रेष्ठ घरेलू खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी के दौरान इंडिया ए के लिए खेल रहे हैं, तो रणजी में रन बनाने और विकेट लेने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन का महत्व कम हो जाता है।’ कंडीशंस भांपने के लिए मुख्य टीम को जल्दी भेजिए- वेंगसरकर वेंगसरकर ने कहा, ‘अगर आप चाहते हैं कि आपके खिलाड़ी परिस्थितियों और स्थानीय माहौल के जल्दी अभ्यस्त हों, तो अपनी मुख्य टीम को जल्दी भेजिए।’ 116 टेस्ट खेल चुके वेंगसरकर ने आगे कहा, ‘उन खिलाड़ियों को भेजने का कोई मतलब नहीं है, जो टेस्ट सीरीज में खेलने वाले ही नहीं हैं।’ वेंगसरकर भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता भी रह चुके हैं। उन्होंने पहले भी घरेलू कैलेंडर के दौरान इंडिया A टूर और घरेलू सीरीज कराने के BCCI के फैसले पर सवाल उठाए हैं। ------------------------------------------------------------ रेड बॉल क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रणजी ट्रॉफी मैच में साई सुदर्शन चोटिल:लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर गए, पिछले महीने चोट से लौटे थे भारतीय क्रिकेटर साई सुदर्शन सोमवार को जयपुर में एक रणजी मैच के दौरान चोटिल हो गए। वे कवर पर करण लांबा का ड्राइव रोकने की कोशिश कर रहे थे। यह गेंद पी. सरवाना कुमार ने फेंकी थी। चोट लगने के बाद वे एक सपोर्ट स्टाफ का सहारा लेकर लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर गए। पढ़ें पूरी खबर
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