Satyanjal Pandey इस्लामाबाद में बने भारत के नए प्रभारी राजदूत
इस्लामाबाद, तीन अगस्त भारतीय राजनयिक सत्यांजल पांडे ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में भारत के प्रभारी राजदूत के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। भारतीय मिशन ने सोमवार को यह जानकारी दी। वर्ष 2008 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी पांडे ने गीतिका श्रीवास्तव का स्थान लिया है, जिन्हें अगस्त 2023 में इस पद पर नियुक्त किया गया था।
भारतीय मिशन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, डॉ. सत्यांजल पांडे ने एक अगस्त 2026 को इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में प्रभारी राजदूत के तौर पर कार्यभार संभाला। उच्चायोग की पोस्ट को दोबारा साझा करते हुए पांडे ने लिखा, एक शानदार टीम का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।’’ इससे पहले वह श्रीलंका में भारत के उप उच्चायुक्त थे। अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के भारत के फैसले के बाद पाकिस्तान द्वारा राजनयिक संबंधों का स्तर कम किए जाने के बाद इस्लामाबाद और दिल्ली स्थित भारतीय और पाकिस्तानी उच्चायोगों का नेतृत्व प्रभारी राजदूत कर रहे हैं।
Sheikh Hasina के प्रस्तावित कार्यक्रम पर Bangladesh ने India से मांगा रुख स्पष्ट करने को
ढाका, तीन अगस्त बांग्लादेश ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के बुधवार को नयी दिल्ली में प्रस्तावित संवाददाता सम्मेलन को लेकर भारत से उसका रुख स्पष्ट करने को कहा है। यह संवाददाता सम्मेलन पांच अगस्त को हसीना सरकार के पतन के दो साल पूरे होने के मौके पर होना है। बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबेद इस्लाम ने सोमवार को ढाका में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि भारतीय क्षेत्र से हसीना की सार्वजनिक राजनीतिक गतिविधियों का दोनों देशों के रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि हसीना (78) के पांच अगस्त को नयी दिल्ली में ‘फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया’ की ओर से आयोजित एक निजी कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल होने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वालों में हसीना के अमेरिका में रहने वाले बेटे साजीब वाजेद जॉय, पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल और बांग्लादेश ह्यूमन राइट्स वॉच के महासचिव मोहम्मद अली सिद्दीकी शामिल हैं। शमा ने कहा, “बांग्लादेश चाहता है कि भारत इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करे।” उन्होंने कहा कि ढाका नहीं चाहता कि इस मुद्दे से दोनों देशों के आपसी संबंधों पर बुरा असर पड़े।
शमा ने कहा कि “भारत में रह रहे भगोड़े, जो बांग्लादेश में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं”, उनकी राजनीतिक गतिविधियों से दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि ढाका ने लगातार दोहराया है कि “भगोड़ों या दोषी ठहराए गए लोगों” को बांग्लादेश में अस्थिरता फैलाने के मकसद से राजनीतिक गतिविधियां संचालित करने के लिए भारतीय जमीन के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। शमा ने कहा, “हम चाहते हैं कि भारत के साथ हमारे संबंध बेहतर हों।
मेरा मानना है कि भारत भी यही चाहता है।” उधर, सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ की खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री तारिक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि भारत की जमीन से हसीना का प्रस्तावित सार्वजनिक संबोधन “द्विपक्षीय संबंधों में आई सकारात्मक गति” को कमजोर कर सकता है। खबर में कहा गया है कि कबीर ने यह बात तब कही, जब बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने सोमवार को उनसे शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने बांग्लादेश-भारत संबंधों के विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया और आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा की।
ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “बातचीत आपसी हित और आपसी फायदे के आधार पर दोनों पड़ोसी देशों के बीच लोगों पर केंद्रित सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित थी।” गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने सोमवार को कहा कि सरकार ने देशभर में लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच अगस्त से पहले कानून लागू करने वाली और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है।
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