Rekha Gupta ने द्वारका जन औषधि केंद्र के विक्रेता पर कार्रवाई का दिया आश्वासन
नयी दिल्ली, तीन अगस्त दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को लोगों को दवा देने से इनकार करने पर द्वारका के एक सरकारी अस्पताल में जन औषधि केंद्र चलाने वाले विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उसका लाइसेंस रद्द करने का आश्वासन दिया। गुप्ता ने अपने ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया जिसमें एक व्यक्ति को यह शिकायत करते हुए देखा जा सकता है कि जन औषधि केंद्र चलाने वाले कर्मचारी मरीजों और तीमारदारों को दवाएं देने से इनकार कर रहे हैं। गुप्ता ने कहा कि सार्वजनिक सेवाओं में ऐसा व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
उन्होंने कहा कि सख्त कार्रवाई की जाएगी और विक्रेता का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा, फर्श पर पोछा लग रहा है, इसलिए दवा जैसी ज़रूरी चीज़ देने से मना करना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। यह रील मेरे साथ बड़े पैमाने पर साझा की गई और कई लोगों ने मुझे इसमें टैग किया।
वीडियो में वह व्यक्ति कहता है, जाओ और जिससे चाहो उससे शिकायत करो। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार सेवा का अधिकार विधेयक के माध्यम से जवाबदेही को मजबूत करने के लिए काम कर रही है और प्रत्येक नागरिक को वे सभी सेवाएं मिलनी चाहिए जिनके वे हकदार हैं।
SECI fraud case: दिल्ली पुलिस ने भगोड़े आरोपी शिव शंकर दास को बिहार से किया गिरफ्तार
नयी दिल्ली, तीन अगस्त भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) की ओर से जारी एक निविदा में 136.40 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी जमा करने से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में भगोड़े आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। दिल्ली पुलिस आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 27 जुलाई को पटना से शिव शंकर दास को गिरफ्तार किया।
वह कई महीनों से गिरफ्तारी से बच रहा था। बाद में उसे पुलिस पारगमन हिरासत पर दिल्ली लेकर आई। एक बयान के मुताबिक, वह अभी न्यायिक हिरासत में है।
यह मामला भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। एसईसीआई, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रिलायंस पावर लिमिटेड की सहायक कंपनी रिलायंस एनयू बीईएसएस लिमिटेड ने निविदा प्रक्रिया के दौरान 68.20-68.20 करोड़ रुपये की दो कथित फर्जी बैंक गारंटी जमा की थीं।
इसके बाद ईओडब्ल्यू ने जून 2025 में प्राथमिकी दर्ज की। ईओडब्ल्यू के मुताबिक, ये बैंक गारंटी कथित तौर पर विदेशी बैंकों-एसीई इन्वेस्टमेंट बैंक, मलेशिया और फर्स्ट रैंड बैंक लिमिटेड, मनीला फिलीपीन की ओर से जारी की गई थीं। उनकी प्रामाणिकता साबित करने के लिए कथित रूप से फर्जी ईमेल और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की ओर से जारी बताए गए जाली ‘स्ट्रक्चर्ड फाइनेंशियल मैसेजिंग सिस्टम’ (एसएफएमएस) पुष्टिकरण का इस्तेमाल किया गया।
हालांकि, एसबीआई ने बाद में ऐसे किसी भी पुष्टिकरण को जारी करने से इनकार कर दिया। बयान के अनुसार, पुलिस का आरोप है कि दास ने रिलायंस पावर लिमिटेड के मुख्य वित्तीय अधिकारी अशोक कुमार पाल, पार्थसारथी बिस्वाल और अमरनाथ दत्ता समेत सह-आरोपियों के साथ मिलकर एसईसीआई की निविदा हासिल करने के लिए जाली बैंक गारंटी, एसबीआई के फर्जी समर्थन पत्र, फर्जी एसएफएमएस पुष्टिकरण, नकली मुहरें और लेटरहेड तैयार करने की साजिश रची। जांचकर्ताओं ने बताया कि दास ने एसबीआई की एक फर्ज़ी ईमेल आईडी भी बनाई थी, जिसका कथित तौर पर इस्तेमाल एसईसीआई और कंपनी के अधिकारियों को भेजे गए जाली दस्तावेज़ों की प्रमाणिकता साबित करने के लिए किया गया था।
बयान के मुताबिक, एक वित्तीय जांच से पता चला कि इस साज़िश में अपनी कथित भूमिका के लिए दास को 1.44 करोड़ रुपये मिले थे। ईओडब्ल्यू ने कहा कि दास फरार था और बाद में दिल्ली की एक अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस की एक टीम ने तकनीकी निगरानी के माध्यम से उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी और कोलकाता, मेदिनीपुर, आसनसोल और मुंबई सहित कई शहरों में तलाशी ली, अंत में उसे पटना से गिरफ्तार कर लिया गया।
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