Android और iPhone में Battery Drain रोकें, Settings से बदलें Background Apps परमिशन
अक्सर आपने भी नोटिस किया होगा कि, मोबाइल फोन रातभर बिना यूज किए ही 15 से 20 परसेंट तक बैटरी ड्राप कर रहा है? अगर आपके साथ हो रहा है, तो यह खबर आपके लिए है। इसका मुख्य कारण केवल पुरानी बैटरी नहीं है बल्कि कई बार कुछ ऐसे एप्स भी बैकग्राउंड में लगातार रन करते रहते हैं, जो कि इंटरनेट, लोकेशन, प्रोसेसर या दूसरे सिस्टम रिसॉर्स का यूज करते हैं।
अगर आप इन एप्स को ट्रैक करेंगी, तो फोन की बैटरी बचा सकती हैं। वैसे यह सब मोबाइल में पता लगाने का ऑप्शन मिलता है कि पिछले कुछ घंटों या दिनों में किस एप ने कितनी बैटरी खर्च की है।
Android फोन में कैसे पता करें?
- Android फोन यूजर्स सबसे पहले फोन की Settings में जाएं।
- अब बैटरी या Battery & Device care सेक्शन में जाएं।
- वैसे अलग-अलग कंपनियों के फोन में इस ऑप्शन का नाम थोड़ा अलग हो सकता है।
- इसके बाद आपको Battery Usage या Battery Usage by Apps जैसा ऑप्शन दिखाई दे रहा होगा।
- अब आप इस पर टैप करें, फिर आपको उन एप्स की लिस्ट देखने को मिलेगी, जो सबसे ज्यादा बैटरी का यूज कर रहे हैं।
- इस लिस्ट में देखें कि रात के समय कौन-सा एप सबसे ज्यादा बैटरी यूज कर रहा है।
- यदि कोई ऐसा ऐप जो ज्यादा बैटरी ले रहा है, जिसे आपने यूज नहीं किया, तो वो बैकग्राउंड में एक्टिव हो सकता है।
- जरुरत न होने पर एप की बैकग्राउंड एक्टिविटी को लिमिटेड कर दें।
iPhone में कैसे चेक करें?
अगर आप iPhone यूजर्स हैं, तो इसमें बैटरी चेक करना आसान है। सबसे पहले आप आईफोन की Settings > Battery में जाएं और बैटरी यूज की डिटेल्स को चेक करें। यहां पर एप्स के हिसाब से बैटरी खपत दिखाई देगा। अब आप Last 24 Hours या उपलब्ध दूसरे टाइम पीरियड को देखकर ये पता लगाएं कि सबसे ज्यादा कौन-सा एप ज्यादा बैटरी खा रहा है। फिर जरुरत के अनुसार Background App Refresh, Location Service या अन्य परमिशन लिमिटड आसानी से कर सकते हैं।
Earbuds छोड़ Wired Earphones और MP3 Player अपना रहे युवा, डिजिटल थकान बनी वजह
आज के आधुनिक दौर में टेक्नोलॉजी काफी बढ़ गई है। जबसे से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हर चीज काफी आसान हो गई है। आजकल देखा जा रहा है कि हर वक्त कनेक्टेड रहने की यह मजबूरी से अब लोग दूर जा रहे हैं, लोगों की डिजिटल थकान बढ़ती जा रही हैं।
अब लोग टेक मार्केट के दिलचस्प ट्रेंड से दूर भाग रहे हैं। लोग स्मार्टफोन्स के हाई-टेक फीचर्स को साइड करके वापिस पुराने गैजेट्स की तरफ बढ़ रहे हैं, जो भागदौड़ की जिंदगी के बीच कुछ सुकून के पल दे रहा है।
वायर्ड ईयरफोन्स और MP3 प्लेयर्स की तरफ बढ़ रहे
आज के समय में युवा Earbuds से हटकर अब वायर्ड ईयरफोन्स की तरफ बढ़ रहे हैं। लोग अब ऑफलाइन MP3 प्लेयर को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बना रहे हैं। इस बीच, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड 'बोट' (boAt) के मार्केटिंग मैनेजर राघव शाह ने बताया है कि, हाल ही के महीनों में वायर्ड ईयरफोन और डिजिटल ऑडियो प्लेयर खरीदने वाले नए ग्राहकों की तादाद लगभग 8 गुना बढ़ गई है।
इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह शांति की तलाश। लोग संगीत सुनते समय व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और ई-मेल के लगातार बजने वाले नोटिफिकेशन से परेशान हो चुके है। बिना किसी डिस्टरबेंस के म्यूजिक एन्जॉय करना चाहते हैं।
बढ़ती मांग के हैरान करने वाले आंकड़े:
वायर्ड ऑडियो
इन प्रोडक्ट्स पर नए ग्राहकों में करीब 10 गुना की वृद्धि दर्ज की गई है।
कॉम्पैक्ट कैमरा
आजकल कैमरों की मांग और सप्लाई का अनुपात 10:1 के स्तर पर पहुंच गया है।
शिपमेंट
इस साल 2025 में दुनिया भर में कॉम्पैक्ट कैमरा शिपमेंट में 29.6% का इजाफा देखा गया है।
नई पीढ़ी को क्यों भा रहे हैं पुराने गैजेट्स?
अक्सर लोग इन्हें नॉस्टैल्जिया मानकर खारिज कर देते हैं, लेकिन जिन युवाओं ने कभी आईपॉड या पुराने वॉकमैन देखे तक नहीं, उनके लिए यह एक फ्रेश और नया अनुभव है। वहीं, टेक्स एक्सपर्ट मानते हैं कि नई पीढ़ी का यह तकनीकी का विरोध नहीं, बल्कि उस पर अपना नियंत्रण से हटकर सोची-समझी कोशिश है।
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