नोबेल पुरस्कार की खोज में JNU प्रोफेसर का भी योगदान, सुनील कटेरिया की रिसर्च ने सालों बाद किया कमाल
जेएनयू के प्रोफेसर सुनील कटेरिया ने जर्मनी में पीएचडी के दौरान एक एकल-कोशिका वाले शैवाल में प्रकाश को महसूस करने वाले दो जीन की पहचान की थी। दो दशक से अधिक समय बाद यह खोज ऑप्टोजेनेटिक्स की वैज्ञानिक नींव का हिस्सा बन गई है।
भारतीय परमाणु हथियारों के विरोध से लेकर ‘भगवा आतंकवाद’ के नैरेटिव तक: चिदंबरम के खुद को ‘दिमागी नक्सल’ स्वीकारने पर क्यों हैरान नहीं है कोई
चिदंबरम की भारत और विकास विरोधी मानसिकता उनके हर फैसले में साफ झलकती है। कभी उन्हें डिजिटल इंडिया से समस्या हुई कभी उन्होंने भगवा आतंक का नैरेटिव गढ़ा।
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