Zetwerk IPO 15 अक्टूबर को खुलेगा, नए शेयर जारी कर 2,830 करोड़ रुपये जुटाएगी कंपनी
शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए अक्टूबर का महीना एक और बड़े आईपीओ के साथ आ रहा है। बेंगलुरु की विनिर्माण तकनीक कंपनी जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस अपना पहला आईपीओ 15 अक्टूबर को खोलने जा रही है। कंपनी इस निर्गम के जरिए नए शेयर जारी करके 2,830 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसके अलावा कंपनी के संस्थापक और मौजूदा निवेशक भी अपने हिस्से के 14.45 करोड़ तक शेयर बिक्री के लिए पेश करेंगे।
कंपनी ने 11 अक्टूबर को दाखिल दस्तावेजों में आईपीओ से जुड़ी नई जानकारी दी है। इससे पहले नए शेयरों के जरिए 2,600 करोड़ रुपये जुटाने की योजना थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। इसी तरह, पुराने प्रस्ताव में निवेशकों और संस्थापकों की ओर से 9.68 करोड़ शेयर बेचने की बात थी, लेकिन अब इस संख्या को भी बढ़ाकर 14.45 करोड़ तक कर दिया गया है।
जेटवर्क ने मार्च 2026 में गोपनीय प्रक्रिया के तहत आईपीओ के लिए शुरुआती दस्तावेज जमा किए थे। सेबी ने जुलाई 2026 में इन्हें मंजूरी दी, जिसके बाद कंपनी ने संशोधित दस्तावेज दाखिल किए। कंपनी 14 अक्टूबर को बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए एक दिन की शुरुआती बुकिंग खोलेगी। आम निवेशकों के लिए आईपीओ 19 अक्टूबर तक खुला रहेगा। शेयरों का आवंटन 21 अक्टूबर को तय होने की उम्मीद है, जबकि शेयर बाजार में कंपनी के शेयर 23 अक्टूबर को सूचीबद्ध हो सकते हैं। आईपीओ की कीमत का दायरा 12 अक्टूबर को घोषित किया जाएगा।
शेयरों के कुल प्रस्ताव में से कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से को छोड़कर 75% हिस्सा बड़े संस्थागत निवेशकों, 15% गैर-संस्थागत निवेशकों और 10% खुदरा निवेशकों के लिए रखा गया है। पात्र कर्मचारियों के लिए 7 लाख तक शेयर अलग रखे गए हैं। उन्हें अंतिम निर्गम मूल्य से कम कीमत पर शेयर देने की संभावना भी है।
बता दें कि जेटवर्क की स्थापना अमृत प्रतीक आचार्य और श्रीनाथ रामकृष्णन ने की थी। यह कंपनी अपने तकनीकी मंच के जरिए अलग-अलग विनिर्माण इकाइयों की उत्पादन क्षमता को जोड़कर ग्राहकों को सामान तैयार कराने की सुविधा देती है। इसका कारोबार बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई से जुड़े ढांचे, विमानन, रक्षा, तेल-गैस और औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों में फैला है। इसके ग्राहकों में सीमेंस गेम्सा, एसर इंडिया, बोट, एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी, एलएंडटी एमएचआई पावर बॉयलर, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की इलेक्ट्रॉनिक्स एंड रडार डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन शामिल हैं।
कंपनी नए शेयरों से मिलने वाली शुद्ध रकम में से 2,160 करोड़ रुपये अपने और कुछ सहायक कंपनियों के कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करेगी। बाकी रकम का उपयोग दूसरी कंपनियों के अधिग्रहण जैसे कारोबारी विस्तार और सामान्य जरूरतों के लिए किया जाएगा। पीक XV पार्टनर्स, लाइटस्पीड वेंचर पार्टनर्स और एक्सेल इंडिया जैसे निवेशक कंपनी से जुड़े हैं।
वित्तीय नतीजों की बात करें तो जून 2026 तिमाही में कंपनी का घाटा घटकर 732.9 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1,368.4 करोड़ रुपये था। इस दौरान आमदनी 55.4% बढ़कर 4,117.9 करोड़ रुपये पहुंच गई। हालांकि, मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का घाटा बढ़कर 1,606.1 करोड़ रुपये हो गया, जबकि आमदनी 40.4% बढ़कर 15,913.3 करोड़ रुपये रही।
गौरतलब है कि कंपनी के आईपीओ का प्रबंधन कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, अवेंडस कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल, एचएसबीसी सिक्योरिटीज और पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स कर रहे हैं। निवेशकों के लिए कंपनी की आमदनी में बढ़ोतरी के साथ उसका घाटा, कर्ज और आईपीओ का मूल्यांकन भी अहम पहलू हैं।
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