दीपके की दादी के निधन पर CJP के झूठे दावों का दिल्ली पुलिस ने किया खंडन, वीडियो जारी करके दिया सबूत
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की हिरासत और उनकी दादी के निधन से जुडा विवाद रविवार को और गहरा गया. दिल्ली पुलिस ने दीपके से बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर की है और पोस्ट में दावा किया कि उन्हें उनकी दादी के निधन की जानकारी तुरंत दे दी गई थी. पुलिस के अनुसार, अधिकारियों ने उन्हें तुरंत अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए घर जाने और परिवार से फोन पर बात करने में मदद करने की भी पेशकश की थी.
विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब सीजेपी नेताओं को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया था. सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के एसआईआर में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करने वाली थी.
वीडियो में क्या दिखा?
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी किए गए वीडियो में पुलिस का एक अधिकारी दिखाई दे रहा है, जो अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी दे रहा है. अधिकारी ने उन्हें संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अगर वह अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहते हैं तो पुलिस बस, ट्रेन, फ्लाइट या फिर परिवहन के अन्य साधनों की व्यवस्था में मदद कर सकती है. वीडियो में अधिकारी परिवार के किसी सदस्य से फोन पर बात करवाने की भी पेशकश की. पुलिस का दावा है कि दीपके को बार-बार सहायता के विकल्प बताए गए हैं. लेकिन उन्होंने तत्काल जाने से इनकार कर दिया. वीडियो में दीपके परिवार से जुड़ी परेशानी व्यक्त करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं.
परिवार ने पुलिस पर लगाए थे आरोप
दीपके के परिवार ने आरोप लगाया था कि उन्होंने पुलिस से बार-बार अनुरोध किया कि उन्हें दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए छोड़ा जाए. लेकिन उनकी अपील पर समय रहते हुए कार्रवाई नहीं हुई. परिवार के अनुसार, दीपके की दादी सावित्रीबाई शंकरराव का महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में निधन हो गया था. 85 साल की थीं और लंबे वक्त से बीमार थीं. परिवार का कहना था कि अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दीपके की वापसी जरूरी थी. वहीं, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनको निधन की जानकारी दी गई थी. यात्रा की सुविधा देने की पेशकश की गई थी.
वीडियो के बाद भी विवाद बरकरार
दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसने मानवीय आधार पर दिपके को हर संभव सहायता देने की पेशकश की थी. दूसरी ओर, CJP और उनके परिवार ने पुलिस की कार्रवाई तथा अंतिम संस्कार में शामिल होने को लेकर सवाल उठाए हैं. फिलहाल, पुलिस द्वारा जारी वीडियो और परिवार के आरोपों के बीच विवाद बना हुआ है. वीडियो में बातचीत दिखाई देती है, लेकिन उससे जुड़े सभी आरोपों और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना किसी एक पक्ष के दावे को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता.
तमिलनाडु में हिट एंड रन, VIDEO:तेज रफ्तार कार ने खड़ी बाइक को टक्कर मारी, मोबाइल देख रहा सवार बच गया
तमिलनाडु के थूथुकुडी (तूतीकोरिन) से एक हिट एंड रन केस का वीडियो सामने आया है। जहां साथनकुलम के पास एक तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़ी बाइक को टक्कर मार दी। बाइक एक चाय दुकान के बाहर खड़ी थी। एक व्यक्ति उससे टिककर खड़ा था। टक्कर के बाद बाइक दूर जाकर गिरी और व्यक्ति जमीन पर बैठ गया। वह कुछ समझ पाता इसके पहले ही आरोपी भाग गया। वहीं, इस घटना का एक और वीडियो सामने आया है। जिस बाइक को टक्कर मारी गई थी, वह उसी चाय दुकान के दूसरी तरफ कुर्सी पर बैठे आदमी पर जाकर गिरी। इससे वह बेसुध होकर गिर पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पीड़ित के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। यह घटना रात 1 बजे के आसपास हुई। जो दुकान में लगे CCTV में रिकॉर्ड हो गई। देखिए घटना की 2 तस्वीरें… भारत में हिट एंड रन कानून से जुड़ी बातें… हिट एंड रन कानून: सड़क दुर्घटना के बाद चालक का मौके से भाग जाना हिट एंड रन कहलाता है। सजा दुर्घटना के नतीजे और परिस्थितियों पर निर्भर करती है। मौत होने पर: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत लापरवाही से मौत होने पर 5 साल की जेल और जुर्माना हो सकता है। 10 साल की सजा का प्रावधान: धारा 106(2) में मौत के बाद पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना दिए बिना भागने पर 10 साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन यह धारा अभी लागू नहीं है। घायल होने पर: मौत न होने की स्थिति में चोट की गंभीरता और घटना के तथ्यों के आधार पर दूसरी कानूनी धाराएं भी लग सकती हैं। दुर्घटना के बाद क्या करें: वाहन रोकें, घायल को सुरक्षित मदद दिलाएं और पुलिस को सूचना दें। मौके से भागने के बजाय कानूनी प्रक्रिया का पालन करें। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… गुरुग्राम हिट एंड रन केस-बैंसला को चचेरे भाई ने उकसाया: अश्लील इशारे कर टक्कर मारी थी गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर लेडी बाइकर सिया को कार से टक्कर मारने के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला और वारदात के समय कार में मौजूद उसके चचेरे भाई लवनीश को कोर्ट में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि कल्याण बैंसला को उसके चचेरे भाई ने उकसाया। बाइकर सिया पर अश्लील इशारे भी किए थे। पढ़ें पूरी खबर…
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