डोनाल्ड ट्रंप ने कहा रूस और यूक्रेन के बीच 'सीजफायर' पर बनी सहमति; जेलेंस्की बोले- हमें इसकी जानकारी नहीं
Russia Ukraine War : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा करते हुए कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर लागू हो गया है. यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इससे इंकार किया है.
The post डोनाल्ड ट्रंप ने कहा रूस और यूक्रेन के बीच 'सीजफायर' पर बनी सहमति; जेलेंस्की बोले- हमें इसकी जानकारी नहीं appeared first on Prabhat Khabar.
Flipkart के 1000 से अधिक पूर्व कर्मचारियों ने Walmart से Stock Options भुनाने की मांग की
फ्लिपकार्ट में काम कर चुके 1,000 से ज्यादा पूर्व कर्मचारियों ने अपने शेयर विकल्पों से जुड़ी मांगों को लेकर कंपनी और उसकी मूल कंपनी वॉलमार्ट के सामने सामूहिक अपील रखी है। पूर्व कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें भी कंपनी में अभी काम कर रहे कर्मचारियों की तरह अपने हिस्से के शेयरों से पैसा हासिल करने का सही मौका दिया जाए। यह मामला ऐसे समय में बढ़ा है, जब फ्लिपकार्ट के शेयर बाजार में उतरने की योजना यानी आईपीओ को लेकर अभी कोई तय समय सामने नहीं आया है।
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अपील में फ्लिपकार्ट के अलावा मिंत्रा, क्लियरट्रिप, शॉप्सी और सुपरमनी में काम कर चुके पूर्व कर्मचारी भी शामिल हैं। उन्होंने वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट के निदेशक मंडल से मांग की है कि पहले से मिले शेयर विकल्पों को भुनाने के लिए पूर्व कर्मचारियों के लिए भी उचित व्यवस्था बनाई जाए। यह केवल हस्ताक्षर जुटाने का अभियान नहीं, बल्कि कंपनी और उसकी कंपनी के सामने रखी गई सामूहिक मांग है।
पूर्व कर्मचारियों ने अपनी अपील में 3 प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, मौजूदा कर्मचारियों को शेयरों से पैसा हासिल करने का जो मौका दिया जा रहा है, उसे योग्य पूर्व कर्मचारियों तक भी बढ़ाया जाए। दूसरी, नौकरी छोड़ने के बाद पहले से मिले शेयर विकल्पों का इस्तेमाल करने की समय सीमा को अगले भुगतान या शेयरों की खरीद से जुड़े अवसर तक बढ़ाया जाए, ताकि कंपनी छोड़ने के कारण उनके विकल्प अपने आप समाप्त न हो जाएं। तीसरी, फ्लिपकार्ट या वॉलमार्ट की ओर से एक तय संपर्क अधिकारी नियुक्त किया जाए और पूर्व कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाए।
बता दें कि इससे पहले फ्लिपकार्ट के कई पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने भी वॉलमार्ट के निदेशक मंडल को पत्र लिखकर शेयरों के मामले में उचित और समान व्यवहार की मांग की थी। इनमें मिंत्रा के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश बंसल, फ्लिपकार्ट के पूर्व मुख्य कारोबार अधिकारी अंकित नगोरी, पूर्व तकनीकी अधिकारी अमोद मालवीय और रवि गरिकापति, पूर्व मुख्य उत्पाद अधिकारी मेकिन महेश्वरी और पूर्व उपाध्यक्ष अनुज चौधरी शामिल थे।
पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि ये शेयर विकल्प उनके वेतन और मेहनत का हिस्सा थे। इनमें से कई शुरुआती कर्मचारियों को 2008 से 2016 के बीच शेयर विकल्प मिले थे और वे एक दशक से ज्यादा समय से इन्हें अपने पास रखे हुए हैं। उनकी मांग है कि पात्र कर्मचारियों को पूरा अवसर मिले, न कि भविष्य में होने वाली खरीद में केवल सीमित हिस्सा दिया जाए।
इस विवाद के पीछे फ्लिपकार्ट के आईपीओ को लेकर बनी अनिश्चितता भी बड़ी वजह है। कंपनी ने सार्वजनिक बाजार में उतरने की योजना को अपनी रणनीति का हिस्सा बताया है, लेकिन अभी कोई निश्चित तारीख नहीं दी है। वहीं, स्विगी और मीशो जैसी कंपनियां शेयर बाजार में उतर चुकी हैं। पहले फ्लिपकार्ट ने करीब 2 अरब डॉलर के निजी निवेश की संभावना भी तलाश की थी, लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद वॉलमार्ट ने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कल्याण कृष्णमूर्ति से सार्वजनिक बाजार में उतरने से पहले मुनाफे पर ध्यान देने को कहा था।
गौरतलब है कि फ्लिपकार्ट पहले भी कर्मचारियों को शेयर विकल्पों के जरिए लाभ कमाने के अवसर दे चुकी है। जुलाई में हुए कार्यक्रम सहित कंपनी अब तक कर्मचारियों के लिए 1.5 अरब डॉलर से ज्यादा की राशि का मूल्य उपलब्ध करा चुकी है, उस समय कंपनी का मूल्यांकन 38 अरब डॉलर तक पहुंचा था। पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी छोड़ने का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि वे नौकरी के दौरान कमाए गए शेयरों से लाभ लेने का मौका खो दें। उन्होंने वॉलमार्ट के निदेशक मंडल से लिखित जवाब देने और पात्र पूर्व कर्मचारियों को भी इस सुविधा में शामिल करने पर विचार करने की मांग की है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi







.jpg)
