यौन उत्पीड़न के आरोपी सांसद के बचाव पर Congress मुख्यालय घेरेगी BJP महिला मोर्चा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला इकाई ने रविवार को आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी यौन उत्पीड़न के आरोपी एक सांसद को बचा रहे हैं, जिसके विरोध में उसके सदस्य यहां कांग्रेस मुख्यालय के बाहर मार्च निकालेंगे। भाजपा महिला मोर्चा ने कहा कि वह कांग्रेस द्वारा इनर मणिपुर से अपने सांसद प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम का बेशर्मी से बचाव करने के खिलाफ सोमवार को नारी शक्ति हुंकार आंदोलन आयोजित करेगा। 11 छात्रों के यौन उत्पीड़न के आरोप में प्रोफेसर को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से बर्खास्त कर दिया गया है।
भाजपा ने कहा कि विरोध मार्च दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित आंध्र एजुकेशन सोसाइटी स्कूल से शुरू होकर आईटीओ पर कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन की ओर जाएगा, जहां प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी और प्रभारी दग्गुबाती पुरंदेश्वरी के नेतृत्व में पार्टी की महिला सांसद, विधायक, पार्षद और दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा की हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगी। भाजपा ने कहा कि नौ अक्टूबर को जेएनयू की आंतरिक शिकायत समिति ने यौन उत्पीड़न और ‘अंक देने के बदले यौन संबंध बनाने’ से जुड़े आरोपों को सही पाए जाने के बाद अकोइजम को बर्खास्त कर दिया था।
पार्टी ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की चुप्पी दर्शाती है कि कांग्रेस कथित कदाचार के मामले में अपने सांसद के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें संरक्षण दे रही है। भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, जो खुद को महिलाओं के अधिकारों का ‘चैंपियन’ बताते हैं और पितृसत्ता को खत्म करने का दावा करते हैं, महिलाओं की सुरक्षा पर सिर्फ खोखले भाषण देते हैं। पार्टी ने कहा, क्या राहुल गांधी, जो पितृसत्ता को खत्म करने की बातें करते रहते हैं, उन्हें इन युवा महिलाओं का दर्द नहीं दिखता?
भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी कोई इत्तफाक नहीं है, बल्कि अपराधियों को बचाने की लंबे समय से जारी पार्टी की प्रवृत्ति का हिस्सा है। उसने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर पहले भी महिलाओं के खिलाफ अपराध और उनके अपमान से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कई महिला नेताओं ने पहले भी पार्टी के अंदर की आपत्तिजनक गतिविधियों का खुलासा किया था।
उसने दावा किया कि तंदूर कांड से लेकर भंवरी देवी और केरलम की घटनाओं तक, कांग्रेस की प्रवृत्ति अपराधियों को बचाने और तभी कार्रवाई करने की रही है, जब वह बुरी तरह घिर जाती है। भाजपा ने आरोप लगाया कि 2023 में कांग्रेस ने अंकिता दत्ता को पार्टी से निकाल दिया था, जिन्होंने बीवी श्रीनिवास के खिलाफ उत्पीड़न और लिंग-आधारित भेदभाव की शिकायत की थी। उसने कहा कि 2024 में बाड़मेर से कांग्रेस के पूर्व विधायक मेवाराम जैन पर नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म के आरोप लगे थे, तब कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था, लेकिन हाल में उन्हें फिर से पार्टी में शामिल कर लिया गया।
भाजपा ने कहा कि इस मार्च के जरिये वह साफ कर देना चाहती है कि देश की महिलाएं यौन उत्पीड़न के आरोपी सांसद को बचाने की राहुल गांधी की कोशिश को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगी। पार्टी ने मांग की कि राहुल गांधी आरोपी सांसद को तुरंत कांग्रेस से निकालें, यह सुनिश्चित करें कि वह लोकसभा से इस्तीफा दें और 11 छात्राओं से माफी मांगें।
पूर्व IAS Divya Mittal का Mirzapur में भव्य स्वागत, समर्थकों ने लगाए जिंदाबाद के नारे
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की घोषणा कर चुकीं उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल का रविवार को जिगना में समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों ने इस दौरान ‘दिव्या मित्तल जिंदाबाद’ और ‘दिव्या दीदी जिंदाबाद’ के नारे लगाए। राजनीति में आने की घोषणा के बाद मित्तल का इस क्षेत्र का यह पहला दौरा था।
उनके पहुंचने पर महिलाओं ने गुलाब की मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया, जबकि लोगों ने उनकी गाड़ी पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं। मित्तल ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आप लोगों ने मुझ पर इतने फूल बरसाये हैं। यह आपका प्यार है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप हर बार मुझे भावुक कर देते हैं।
ऐसा लगता है कि मिर्जापुर ने मुझे भावनाओं में रुलाने का ठेका ले लिया है। मिर्जापुर को हमेशा हंसते रहना चाहिए। किसी को रोना नहीं है।’’ इसके बाद मित्तल ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
वह दोपहर करीब दो बजे मंदिर पहुंचीं और श्रद्धालुओं के साथ कतार में खड़े होकर पूजा की। उनके लिए इस दौरान कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई थी। पुजारी पंडित विनय महाराज ने कलश स्थापना की रस्म पूरी कर धार्मिक अनुष्ठान शुरू कराया।
हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली मित्तल ने 30 अगस्त को आईएएस की सेवा से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने 29 सितंबर को राजनीति में आने की घोषणा करते हुए कहा था कि वह उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगी। मित्तल ने यह भी स्पष्ट किया था कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल होने के बजाय स्वतंत्र रूप से काम करेंगी और देश की आजादी के 80 वर्षों का हिसाब मांगेंगी।
माना जा रहा है कि मित्तल मिर्जापुर से ही अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर सकती हैं। मित्तल मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए अपने प्रशासनिक प्रयासों के लिए चर्चा में रही थीं। उन्होंने राजनीति में आने की घोषणा के दौरान जिले के लहुरिया दह गांव से जुड़ा एक अनुभव भी साझा किया था, जिसमें एक महिला की बातों ने उन्हें भावुक कर दिया था।
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