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Khyber Pakhtunkhwa में Shehbaz Sharif सरकार ने लगाया आपातकाल, विपक्ष ने बताया बड़ी भूल

(एम जुल्करनैन) लाहौर, 11 अक्टूबर पाकिस्तान में विपक्षी दलों और वकीलों के एक संगठन ने रविवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आपातकाल और राज्यपाल शासन लागू किए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इसे ऐसी ‘‘गंभीर राजनीतिक भूल’’ करार दिया, जिसे जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। शहबाज शरीफ सरकार ने उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए रविवार को आपातकाल घोषित कर दिया, जिसके साथ ही जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार का ‘‘अंत’’ हो गया। आपातकाल के तहत सुरक्षा संकट या संवैधानिक व्यवस्था के ठप होने की स्थिति में पाकिस्तान की संघीय सरकार किसी प्रांत की प्रमुख कार्यकारी और विधायी शक्तियां अपने नियंत्रण में ले लेती है।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने संविधान के अनुच्छेद 232(1) और 234(1) के तहत आपातकाल की घोषणा की। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के चेयरमैन बैरिस्टर गौहर खान ने कहा, ‘‘हम इस कार्रवाई को पूरी तरह खारिज करते हैं। खैबर पख्तूनख्वा की जनता का जनादेश उसका संवैधानिक और कानूनी अधिकार है।

इस जनादेश की अनदेखी करके, प्रांतीय स्वायत्तता को कमजोर करके और केंद्र तथा प्रांत के बीच टकराव पैदा करके न तो शांति स्थापित की जा सकती है और न ही स्थिरता लाई जा सकती है।’’ उन्होंने कहा कि आतंकवाद से मुकाबला केवल राष्ट्रीय एकता और संयुक्त रणनीति के जरिए ही किया जा सकता है। पीटीआई के वरिष्ठ नेता और पूर्व संघीय मंत्री मूनिस इलाही ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि प्रांतीय स्वायत्तता कोई खैरात नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है। इलाही ने कहा, ‘‘जनता का जनादेश किसी की जागीर नहीं है, जिसे मनमाने ढंग से छीन लिया जाए।

संविधान की सर्वोच्चता और प्रांतीय स्वायत्तता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।’’ जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के प्रमुख हाफिज नईम-उर रहमान ने कहा, ‘‘जब सत्ता राज्यपाल शासन और आपातकालीन प्रावधानों के जरिए शासन करने की कोशिश करती है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि उनकी सरकार का दीपक बुझने वाला है।’’ पंजाब बार काउंसिल ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को दबाने और नागरिक स्वतंत्रताओं पर अंकुश लगाने के लिए असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। पंजाब बार काउंसिल ने एक बयान में कहा, ‘‘संघीय सरकार और संबंधित संवैधानिक संस्थानों को खैबर पख्तूनख्वा की जनता के मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। प्रांतीय स्वायत्तता का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी अवैध या मनमानी कार्रवाई से बचना चाहिए।’’ उसने कहा कि कानून के शासन, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

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Nepal में Ghatasthapana के साथ 10-दिवसीय बड़ा Dashain उत्सव शुरू

(शिरीष बी. प्रधान) काठमांडू, 11 अक्टूबर नेपाल में रविवार को 10-दिवसीय हिंदू त्योहार विजयादशमी की शुरुआत हुई, जिसे ‘बड़ा दशईं’ के नाम से भी जाना जाता है। यह त्योहार आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष के पहले दिन शुरू होता है। ‘दशईं’ के पहले दिन रविवार को ‘घटस्थापना’ की गई।

इस दिन श्रद्धालुओं ने देवी दुर्गा के नौ रूपों में से एक शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। अन्य आठ देवियां- ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री हैं। पहले दिन ‘जमारा’ तैयार किया जाता है।

इसके लिए रेत और मिट्टी से भरे मिट्टी के पात्र में जौ के बीज बोए जाते हैं, जिनसे अंकुर निकलते हैं। दस-दिवसीय त्योहार के दौरान शक्ति की देवी ‘दुर्गा भवानी’ की पूजा-अर्चना की जाती है। वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ बसंतपुर दरबार स्क्वायर स्थित पुराने महल के हनुमानढोका दशईं घर में भी शुभ ‘जमारा’ उगाने की प्रक्रिया शुरू होती है।

इस साल 21 अक्टूबर को पड़ने वाले दशहरा के दिन पात्र में उगे जौ के अंकुरों को चावल और दही के साथ मिलाकर ‘टीका’ बनाया जाएगा और उसे माथे पर लगाया जाएगा। इस अवसर पर बड़े-बुजुर्ग अपने से छोटों को जौ के अंकुर देकर आशीर्वाद देते हैं। नेपाल का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार दशईं या विजयादशमी बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अंधकार पर प्रकाश की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

राष्ट्रीय त्योहार मनाने के लिए सरकारी कार्यालय एक सप्ताह तक बंद रहते हैं, जबकि शिक्षण संस्थानों में करीब दो सप्ताह की छुट्टी रहती है। इस त्योहार को ‘नवरात्र’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसे नौ रातों और दस दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान नेपाल में भगवती के विभिन्न शक्तिपीठ मंदिरों में पशुओं की बलि भी दी जाती है।

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  Sports

अभिषेक शर्मा का वर्ल्ड रिकॉर्ड, टी20 में सबसे तेज 2000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने, तोड़ा सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड

Abhishek Sharma World Records: अभिषेक शर्मा ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. बाएं हाथ के इस विस्फोटक ओपनर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे तेज 2000 टी20 रन बनाने का महारिकॉर्ड दर्ज कर लिया. अभिषेक के टी20 क्रिकेट में सबसे कम गेंदों पर यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए. उन्होंने इस दौरान सूर्यकुमार यादव का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा. Sun, 11 Oct 2026 19:38:53 +0530

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