Kolkata Police ने TMC सांसद Abhishek Banerjee को बिलबोर्ड विवाद में भेजा नया नोटिस
पुलिस रविवार को तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी नीत गुट के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंची और कैमक स्ट्रीट पार्टी कार्यालय बिलबोर्ड मामले में फिर से पूछताछ के लिए बुलाने का नोटिस दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। हफ्ते भर में पुलिस दूसरी बार डायमंड हार्बर सांसद के कालीघाट स्थित आवास पर इस उद्देश्य से पहुंची।
इससे पहले, सात अक्टूबर को बनर्जी घर पर मौजूद नहीं थे और नोटिस लेने के लिए भी कोई उपलब्ध नहीं था। अधिकारी ने बताया कि इस बार नोटिस बनर्जी के आवास पर उनके कर्मचारी को थमाया गया। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की शिकायत के सिलसिले में नोटिस देने के लिए शेक्सपियर सरनी पुलिस थाने की एक टीम कालीघाट में बनर्जी के घर पहुंची।
अधिकारी ने बताया कि नगर निकाय ने आरोप लगाया था कि पिछले महीने कैमक स्ट्रीट पर मौजूद एक इमारत से तृणमूल का साइनबोर्ड हटाने की कोशिश के दौरान पुलिसकर्मियों और केएमसी कर्मचारियों को परेशान किया गया तथा उन पर हमला किया गया। इस इमारत में पार्टी का कार्यालय है। शुरूआत में, कोई भी व्यक्ति नोटिस लेने को तैयार नहीं था।
हालांकि, कुछ समय बाद, इसे सांसद के कर्मचारी को दे दिया गया। यह घटना 27 अगस्त को मध्य कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय की इमारत से बिलबोर्ड हटाने को लेकर हुए हंगामे से संबंधित है। इस घटना के सिलसिले में शेक्सपियर सरनी पुलिस थाने में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
बनर्जी से इनमें से एक मामले में पुलिस थाने में पहले ही पूछताछ की जा चुकी है। यह पूछताछ कई घंटे तक की गई थी। पुलिस अब उसी मामले में उनसे फिर से पूछताछ करना चाहती है।
अग्निशमन विभाग ने इस मामले के संबंध में अलग से एक नोटिस जारी कियाथा। पुलिस के इस कदम की निंदा करते हुए तृणमूल प्रवक्ता और विधायक कुणाल घोष ने कहा, ‘‘भाजपा (सरकार) इतने निम्न स्तर तक पहुंच गई है कि महालया के बाद भी नोटिस भेजा गया है, जबकि दुर्गा पूजा में बस कुछ ही दिन बचे हैं।
Aradhana Mishra ने संभाला UP Congress अध्यक्ष का पद, लखनऊ मुख्यालय में हुआ हंगामा
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नवनियुक्त अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने रविवार को शारदीय नवरात्र के पहले दिन औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया। हालांकि, इस दौरान लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में दो गुटों के बीच तीखी बहस और हाथापाई हुई। सूत्रों ने बताया कि एक गुट ने मोना के समर्थन में नारे लगाए जबकि दूसरे गुट ने पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अजय राय के समर्थन में नारेबाजी की।
पार्टी मुख्यालय में मौजूद एक नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि किसी कार्यकर्ता की बात से नाराज होकर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अजय राय कार्यक्रम से बाहर चले गए थे हालांकि, राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी और कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद इमरान मसूद की पहल पर उन्हें वापस कार्यालय लाया गया। सूत्र ने बताया कि मिश्रा और राय के समर्थकों के बीच अशांति की असल वजह तुरंत साफ नहीं हो पाई लेकिन एक समय जब समर्थक आपस में हाथापाई कर रहे थे और एक-दूसरे को अपशब्द कह रहे थे, तो गुस्से में दिख रहे राय ने कार्यक्रम से बाहर चले जाने की धमकी दी। हालांकि, तिवारी और मसूद समेत वरिष्ठ नेताओं ने बीच-बचाव किया और राय को रुकने के लिए मनाया।
बाद में उन्हें मोना का गुलदस्ते के साथ स्वागत करते हुए देखा गया! नेता ने सोशल मीडिया पर मारपीट की खबरों को गलत बताते हुए कहा कि कार्यक्रम की सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं और पार्टी नेताओं के बीच कोई मनमुटाव नहीं है। इस बीच, तिवारी और मसूद द्वारा अजय राय को समझाने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने ‘एक्स’ पर बताया कि आराधना मिश्रा ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के मार्गदर्शन में नेहरू भवन स्थित पार्टी मुख्यालय में पदभार संभाला। पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने (आराधना मिश्रा ने) पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए संगठन को मजबूत करने और अपने दायित्वों का निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प लिया। आराधना मिश्रा ने पदभार संभालने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा पर जोर दिया।
उन्होंने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों, चुनाव की निष्पक्षता और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाए। नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष ने बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और किसानों तथा मजदूरों की समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ साप्ताहिक ‘चार्जशीट अभियान’ शुरू करने की घोषणा भी की।
इस अभियान के तहत हर सप्ताह जनहित से जुड़े एक प्रमुख मुद्दे पर आरोपपत्र जारी कर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। मिश्रा ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। कांग्रेस ने दो अक्टूबर को आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था।
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