साइबर ठगी के पैसों से उड़ाए शौक, खरीदा लग्जरी फ्लैट और बनवाए सोने के दांत; ऐसे पकड़ा गया UK का चोर
UK Crypto Fraud: तकनीक की दुनिया में साइबर अपराध के तरीके हर दिन बदल रहे हैं और शातिर अपराधी लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाने के लिए नए रास्ते खोज रहे हैं. ब्रिटेन से सामने आए एक सनसनीखेज मामले में एक 25 साल के युवक को मोबाइल सिम स्वैप करके करोड़ों रुपये की क्रिप्टोकरेंसी चुराने का दोषी पाया गया है. अदालत ने इस पूरे षड्यंत्र के लिए उसे ढाई साल की जेल की सजा सुनाई है. दोषी का नाम अजय शिंजिन है, जिसे लोग एजे मार्ले क्रूज के नाम से भी जानते हैं. इस शातिर युवक ने चंद दिनों के भीतर चार लोगों के खातों से करीब 2.56 करोड़ रुपये मूल्य की डिजिटल मुद्रा पर हाथ साफ कर दिया था.
चुराए गए पैसों से ठाठ-बाट और सोने के दांत
पुलिस जांच में यह बात खुलकर सामने आई कि इस बड़े साइबर अपराध से मिले हिस्से में से आरोपी को सीधे तौर पर 44 हजार पाउंड से अधिक की रकम हासिल हुई थी. अपराध की कमाई हाथ में आते ही आरोपी ने इसे अय्याशी और दिखावे में उड़ाना शुरू कर दिया. उसने चुराए गए धन का उपयोग दुबई में बेहद आलीशान छुट्टियां बिताने के लिए किया. इतना ही नहीं, लंदन के सबसे महंगे रिहायशी इलाकों में गिने जाने वाले कैनरी व्हार्फ के एक आलीशान अपार्टमेंट का भारी-भरकम किराया भी इसी पैसे से चुकाया गया. आरोपी के शौक इतने अजीबोगरीब थे कि उसने अपने दांतों पर सोने का पानी चढ़ाने के लिए महंगी ग्रिल्स भी तैयार करवाईं.
सिम स्वैप तकनीक से ऐसे हुआ खेल
यह पूरा मामला नवंबर 2021 के पहले हफ्ते का है, जब ब्रिटेन की प्रमुख दूरसंचार कंपनी बीटी को अपने नेटवर्क में कुछ अजीब गतिविधियों की भनक लगी. जांच में पता चला कि कंपनी के कई ग्राहकों के मोबाइल नंबरों को धोखे से ऐसे सिम कार्ड्स पर चालू कर दिया गया था जो असल में अपराधियों के कब्जे में थे. सिम स्वैपिंग एक ऐसा खतरनाक खेल है जिसमें जालसाज मोबाइल कंपनी के कस्टमर केयर को गुमराह करके किसी असली ग्राहक के नंबर का डुप्लीकेट सिम जारी करवा लेते हैं. जैसे ही यह नया सिम चालू होता है, पीड़ित व्यक्ति के फोन से नेटवर्क पूरी तरह उड़ जाता है. इसके बाद बैंक, क्रिप्टो प्लेटफॉर्म और ईमेल से जुड़े सारे ओटीपी सीधे अपराधियों के मोबाइल पर आने लगते हैं.
5 दिनों में चार लोगों के क्रिप्टो खाते साफ
ओटीपी का नियंत्रण हाथ में आते ही इस गिरोह ने पीड़ितों के क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट्स में जबरदस्त सेंधमारी की. 2 नवंबर से 7 नवंबर 2021 के बीच केवल पांच दिनों के छोटे से अंतराल में चार बड़े खातों को पूरी तरह खाली कर दिया गया. एक पीड़ित ने इस ठगी में करीब 40 हजार पाउंड गंवा दिए, जिसमें से लगभग 27 हजार पाउंड सीधे इस आरोपी के निजी खाते में पहुंच गए. इसी तरह दूसरे पीड़ित के खाते से 17 हजार पाउंड गायब कर दिए गए, जो बाद में आरोपी के डिजिटल वॉलेट में बरामद हुए. तीसरे पीड़ित के कॉइनबेस खाते से लगभग 8 हजार पाउंड चुराने में भी इस युवक की सीधी भूमिका रही.
सबसे बड़ा वार और 1.30 लाख पाउंड की लूट
इस गिरोह ने सबसे बड़ा झटका चौथे पीड़ित को दिया, जिसके खाते से 6 और 7 नवंबर के दौरान लगभग 1 लाख 30 हजार पाउंड की विशाल क्रिप्टोकरेंसी उड़ा ली गई. इस चोरी की कड़ियां भी तकनीकी पड़ताल के बाद सीधे तौर पर आरोपी से जुड़ी पाई गईं. दूरसंचार कंपनी से मिली विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर लंदन पुलिस ने कई संदिग्धों की पहचान शुरू की थी. जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि आरोपी कम से कम चार ऐसे मोबाइल उपकरणों के संपर्क में था जिनका इस्तेमाल सीधे तौर पर इस सिम स्वैपिंग धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किया गया था.
दुबई से लौटते ही एयरपोर्ट पर शिकंजा
लंदन पुलिस ने सबसे पहले साल 2021 में ही इस आरोपी को उसके ठिकाने से पकड़ लिया था. लेकिन मामला डिजिटल तकनीक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले नेटवर्क से जुड़ा था, इसलिए पुलिस लगातार कड़ियां जोड़ती रही. जब गिरोह के खिलाफ पुख्ता डिजिटल और वित्तीय सबूत इकट्ठे हो गए, तब अक्टूबर 2023 में जैसे ही आरोपी दुबई की ऐशो-आराम भरी यात्रा पूरी करके लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर उतरा, पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया. भारी सबूतों के सामने आरोपी के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा और उसने अदालत में अपना गुनाह पूरी तरह स्वीकार कर लिया.
तकनीक का दुरुपयोग करने वालों को कड़ा संदेश
सिटी ऑफ लंदन पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक यह बहुत सुनियोजित और जटिल वित्तीय अपराध था जिसने आम लोगों को गहरा सदमा और बड़ा नुकसान पहुंचाया. आरोपी ने सिम बदलने की प्रक्रिया की तकनीकी कमियों को हथियार बनाकर लोगों की जिंदगी भर की कमाई पर डाका डाला था. लंदन की अदालत ने यह फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि आधुनिक तकनीक की आड़ में अपराध करने वालों के खिलाफ कानून पूरी सख्ती से पेश आएगा. डिजिटल दुनिया में किसी का हक छीनकर लग्जरी लाइफ जीने का सपना देखने वालों के लिए यह सजा एक कड़ा सबक है.
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IND vs WI 3rd T20: वेस्टइंडीज ने जीता टॉस, भारत पहले करेगा बल्लेबाजी, टीम इंडिया की प्लेइंग 11 से कुलदीप यादव बाहर
IND vs WI 3rd T20: भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरा टी20 मैच इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जा रहा है. वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. जिसके चलते टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी करने उतरेगी. भारतीय टीम की प्लेइंग 11 में 2 बड़े बदलाव किए गए हैं. शिवम दुबे और कुलदीप यादव को इस मैच से बाहर रखा गया है और उनकी जगह नीतीश कुमार रेड्डी और प्रिंस यादव को प्लेइंग 11 में शामिल किया गया है. दूसरी ओर, वेस्टइंडीज की प्लेइंग-11 में भी बड़ा बदलाव हुआ है और रोमियो शेफर्ड यह मुकाबला नहीं खेल रहे हैं.
ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग 11
भारत की प्लेइंग 11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, मयंक यादव और प्रिंस यादव हैं.
वेस्टइंडीज की प्लेइंग 11: शाई होप (विकेटकीपर/कप्तान), कामिल पूरन, शिम्रोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, कीमो पॉल, रोस्टन चेज़, शमर स्प्रिंगर, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती.
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