महाराष्ट्र: मुंबई के अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर मृत पाए गए
मुंबई, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुंबई के सायन अस्पताल में प्रथम वर्ष के एक रेजिडेंट डॉक्टर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। यह एक चौंकाने वाली घटना है। अधिकारियों के अनुसार, मृतक डॉक्टर की पहचान शिवशरण पाटिल के रूप में हुई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डॉ. पाटिल का शव कल रात उनके छात्रावास के कमरे के बाथरूम में मिला। इसके बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई।
संदेह यह है कि उन्होंने एनेस्थीसिया की अधिक मात्रा लेकर आत्महत्या की।
पुलिस ने बताया कि डॉ. पाटिल सायन अस्पताल के सर्जरी विभाग में प्रथम वर्ष के स्नातकोत्तर छात्र थे।
घटना की जांच फिलहाल जारी है।
अगस्त में गुजरात के सूरत के एक अस्पताल से भी इसी तरह की घटना सामने आई थी, जहां प्रथम वर्ष के एक रेजिडेंट डॉक्टर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
यह घटना सूरत के न्यू सिविल अस्पताल में घटी, जिसके बाद राज्य द्वारा नियुक्त जांच में रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न के सबूत मिलने पर चार वरिष्ठ डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने यह जानकारी दी थी।
जांच के तहत फॉरेंसिक पोस्टमार्टम का भी आदेश दिया गया। एंटी-रैगिंग कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, मानसिक उत्पीड़न के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार पाए गए चार वरिष्ठ डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
न्यू सिविल अस्पताल के संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष और शिक्षण स्टाफ को भी जूनियर डॉक्टरों की सुरक्षा और उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाने में कथित रूप से विफल रहने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मंत्री ने कहा कि कोई आत्महत्या नोट नहीं मिला। हालांकि, मृतक डॉक्टर के सहपाठियों के बयानों से पता चलता है कि वरिष्ठ डॉक्टरों द्वारा डॉक्टर को बार-बार मानसिक उत्पीड़न और यातना दी गई थी।
पानसेरिया ने कहा कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर गुजरात सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि जूनियर डॉक्टरों को परेशान करना हमारी संस्कृति नहीं है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ डॉक्टरों को रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न के खिलाफ चेतावनी दी।
--आईएएनएस
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CM धामी ने किया श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की स्वर्ण जयंती का शुभारंभ, टिहरी में शिक्षा को दी जा रही प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नरेंद्रनगर में 50वें सिद्धपीठ कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का ध्वजारोहण कर शुभारंभ किया. उन्होंने सांस्कृतिक झांकियों का अवलोकन तथा विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने शहीद स्थल पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं एवं स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने मां कुंजापुरी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना भी की.
मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि और मेले की स्वर्ण जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि पर मेले का शुभारंभ सुखद संयोग है. अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्याओं को मां भगवती का स्वरूप माना गया है. उन्होंने कहा कि 50वां कुंजापुरी मेला लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है. ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने और व्यापार, पर्यटन को बढ़ावा देते हैं. उन्होंने मेले के संस्थापक सुरेंद्र सिंह पांगती और आयोजन समिति के योगदान की सराहना की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत का संवर्धन हो रहा है. अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और केदारनाथ-बदरीनाथ धाम में विकास कार्य इसके उदाहरण हैं. राज्य सरकार केदारखंड और मानसखंड के प्रमुख मंदिरों में सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य कर रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन रोकना और युवाओं को स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. ‘एक जनपद-दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश में बाजार मिल रहे हैं. ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की बिक्री 6 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है. स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, होमस्टे, पर्यटन एवं फिल्म नीति तथा ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी पहलों से स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने समान नागरिक संहिता, सशक्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून और नकल विरोधी कानून का उल्लेख किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई है. उन्होंने ऑपरेशन कालनेमि और अवैध मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं से 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं.
मुख्यमंत्री ने टिहरी के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं. झील क्षेत्र में जलक्रीड़ा, साहसिक पर्यटन और होमस्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे रोजगार बढ़ रहा है. उन्होंने नरेंद्रनगर में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय, सभागार निर्माण, गजा अस्पताल के उच्चीकरण तथा लगभग 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना का भी उल्लेख किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है.
मेले में छोलिया नृत्य, गाडू घड़ा (तेल कलश) की परंपरा, महिषासुर मर्दिनी, प्रह्लाद की भक्ति पर आधारित नरसिंह अवतार, मां कुंजापुरी, भारत की गौरवशाली बेटियां तथा बदलता एवं बढ़ता नरेंद्रनगर सहित विषयों पर आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं. इनमें विद्यार्थियों और सांस्कृतिक दलों ने भाग लिया.
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मेले की स्वर्ण जयंती की बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन लोक संस्कृति के संरक्षण के साथ खेल, पर्यटन और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करता है. उन्होंने पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, विधि महाविद्यालय के लिए बजट एवं पदों के सृजन और सीवर लाइन सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया. संस्थापक सुरेंद्र सिंह पांगती ने अनुभव साझा किए. नगर पालिका परिषद नरेंद्रनगर के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम पंवार ने भी शुभकामनाएं दीं.
11 से 19 अक्टूबर तक चलने वाले इस राज्यस्तरीय मेले में खेलकूद एवं विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे. पद्म डॉ. बसंती बिष्ट, नरेंद्र सिंह नेगी, मीना राणा, संगीता ढौंडियाल, किशन महिपाल, पांडवाज बैंड तथा अन्य कलाकार प्रस्तुतियां देंगे. मेले का समापन पद्म जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के जागर गायन के साथ होगा.
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर मती दीक्षा राणा, नगर पंचायत अध्यक्ष तपोवन मती विनीता बिष्ट, ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, जिलाधिकारी मती नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मती श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी मती वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.
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