'रास्ता छोड़ो, अध्यक्ष जी आ रहे हैं' पर भड़कीं ममता चौधरी, लखनऊ कांग्रेस दफ्तर में जमकर चले जूते
Congress Workers Clash: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं के समर्थक आपस में भिड़ गए. मौका था नए नेतृत्व के स्वागत और पदभार ग्रहण का, लेकिन उत्साह का यह माहौल कुछ ही मिनटों में तीखी तनातनी, धक्का मुक्की और हंगामे में बदल गया. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और महिला कांग्रेस से जुड़ी नेता ममता चौधरी के समर्थकों के बीच यह विवाद इतना बढ़ गया कि नौबत हाथापाई और जूते लहराने तक पहुंच गई. इस पूरे वाकये ने मंच पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं को असहज कर दिया और कार्यक्रम में अफरा तफरी का माहौल बन गया.
नए नेतृत्व की ताजपोशी का था कार्यक्रम
दरअसल, लखनऊ के माल एवेन्यू स्थित कांग्रेस मुख्यालय में उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के पदभार ग्रहण का औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. नए पदाधिकारियों के स्वागत के लिए प्रदेश भर से बड़ी तादाद में कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता पहुंचे हुए थे. कार्यालय परिसर पूरी तरह से भरा हुआ था और चारों तरफ नारे बाजी चल रही थी. पार्टी इस आयोजन के जरिए संगठन में नई ऊर्जा भरने का संदेश देना चाहती थी, लेकिन तभी अचानक स्थिति अनियंत्रित हो गई.
Lucknow, Uttar Pradesh: A verbal spat broke out between supporters of former UP Congress president Ajay Rai and newly appointed president Aradhana Mishra Mona during the joining ceremony at the state headquarters. Ajay Rai left the office following an exchange with a party leader… pic.twitter.com/7QpZ3Y5GJ2
— IANS (@ians_india) October 11, 2026
'कौन अध्यक्ष?' कहते ही भड़क उठा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अपने कार्यकर्ताओं के साथ दफ्तर के अंदर दाखिल हो रहे थे. परिसर में भारी भीड़ होने की वजह से रास्ता संकरा हो गया था. इसी दौरान अजय राय के साथ चल रहे समर्थकों ने आगे खड़े लोगों से हटने का अनुरोध करते हुए कहा कि 'सामने से रास्ता छोड़ दीजिए, अध्यक्ष जी निकल रहे हैं.' वहां मौजूद ममता चौधरी और उनके साथियों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी और सवाल दाग दिया कि 'कौन अध्यक्ष? अब तो नए अध्यक्ष आ चुके हैं.' इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई.
गाली गलौज के बाद लहराए गए जूते
देखते ही देखते यह कहासुनी तीखी बहस और फिर खुली लड़ाई में तब्दील हो गई. अजय राय गुट का आरोप है कि ममता चौधरी और उनके लोगों ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को लेकर बेहद अपमानजनक और अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल किया. अपने नेता के लिए अपशब्द सुनते ही अजय राय के समर्थक गुस्से से भर गए और उन्होंने ममता चौधरी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. विरोध इतना उग्र हो गया कि कुछ कार्यकर्ताओं ने हाथों में जूते उठाकर लहराना शुरू कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों का यह भी कहना है कि इस दौरान दोनों गुटों के बीच धक्का मुक्की हुई और जूते फेंकने की घटना भी घटी.
वरिष्ठ नेताओं तक पहुंची तकरार
हंगामे के बाद अजय राय सीधे मंच और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के पास पहुंचे. उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी, नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया. अजय राय ने दो टूक शब्दों में कहा कि कुछ अराजक तत्व जानबूझकर पार्टी के भीतर का माहौल बिगाड़ रहे हैं. ऐसे लोगों की हरकतों से जनता और मीडिया के बीच पार्टी की छवि खराब होती है. उन्होंने वरिष्ठ नेतृत्व से मांग की कि अनुशासनहीनता करने वाली ममता चौधरी को तुरंत कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाया जाए.
पार्टी की साख पर लगा बड़ा झटका
इस अप्रिय घटनाक्रम के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बीच बचाव कर माहौल को शांत कराने की कोशिश की. मंच पर मौजूद नेताओं ने अजय राय को भरोसा दिलाया कि इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और अनुशासन तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. हालांकि, जिस दिन पार्टी अपने नए संगठन की शुरुआत कर रही थी, उसी दिन मुख्यालय के भीतर इस तरह की गुटबाजी और जूता बाजी ने संगठन की अंदरूनी कलह को एक बार फिर सबके सामने ला दिया है. दफ्तर में मौजूद आम कार्यकर्ता भी इस घटना से हैरान नजर आए.
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Aniruddhacharya Career: अनिरुद्धाचार्य महाराज ने बताया कि उनका बचपन खेती-किसानी वाले गांव में बीता, जहां डॉक्टर और इंजीनियर जैसे पेशों की जानकारी सीमित थी. आर्थिक परिस्थितियों के बीच उन्होंने पढ़ाई की और सत्यनारायण कथा सुनाने से धार्मिक कथाओं के प्रति रुचि बढ़ी. भागवत सुनाना और समाज की सेवा करना उनका लक्ष्य बन गया.
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