नरसिंहपुर: CM यादव ने सांदीपनि विद्यालय के नए भवन का किया लोकार्पण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि जारी, विभिन्न विकास कार्यों की भी सौगात
जबलपुर मेट्रोपॉलिटन सिटी के विस्तार से नरसिंहपुर और कटनी सहित आसपास के क्षेत्रों में भी विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। हमने वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ घोषित किया है। युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अगले वर्ष PSC परीक्षा साल में 2 बार आयोजित की जाएगी। प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना भी की जाएगी।
यह बातें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को नरसिंहपुर में आयोजित कार्यक्रम में कहीं।मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं, बेहतर अध्ययन कक्षों, लाइब्रेरी, खेल के मैदानों और बच्चों के लिए बस की सुविधा से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिल रही है।
नए विद्यालयों के शुभारंभ से लेकर शासकीय स्कूलों में निःशुल्क साइकिल, पाठ्यपुस्तकें और गणवेश की व्यवस्था तक, विद्यार्थियों की जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है। वहीं, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी प्रदान कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 540 करोड़ की लागत से नरसिंहपुर-पिपरिया मार्ग के उन्नयन, एकांत वन कॉरिडोर और गीताभवन के निर्माण सहित क्षेत्र के विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नरसिंहपुर में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत 35.56 लाख से अधिक हितग्राहियों को 213.41 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की। साथ की सड़क, शिक्षा, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जुड़े 175 करोड़ से अधिक के 31 विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। इनमें 80.70 करोड़ रुपये के 10 कार्यों का लोकार्पण तथा 94.44 करोड़ रुपये के 21 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इसके अलावा लगभग 42.52 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय के नवीन भवन का भी लोकार्पण किया। वहीं विद्यालय को प्राप्त 15 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना अंतर्गत पात्र ग्रामीणों को संपत्ति के अधिकार अभिलेख वितरित किए।
शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय के नवीन भवन में क्या-क्या सुविधाएं
- शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय का 4 मंजिला नवीन भवन लगभग 42.52 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत से निर्मित किया गया है।
- 2,400 विद्यार्थियों की क्षमता वाले इस भवन में शैक्षणिक, प्रयोगात्मक, रचनात्मक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
- भवन में ब्लॉक-ए, ब्लॉक-बी, मिडिल स्कूल तथा 340 व्यक्तियों की क्षमता वाला मल्टीपरपज हॉल बनाया गया है।
- भू-तल पर 8 कक्षाओं के साथ आर्ट एवं क्राफ्ट रूम, डांस रूम और म्यूजिक रूम की व्यवस्था की गई है।
- प्रथम तल पर 16, द्वितीय तल पर 26 और तृतीय तल पर 12 कक्षाएं निर्मित की गई हैं।
कंप्यूटर, साइंस, मैथ्स और वोकेशनल लैब सहित विभिन्न प्रयोगशालाओं का प्रावधान किया गया है। - तृतीय तल पर जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं भौतिक विज्ञान की प्रयोगशालाएं बनाई गई हैं।
- विद्यालय भवन में प्राचार्य एवं उप प्राचार्य कक्ष, मीटिंग हॉल, स्टाफ रूम, रिकॉर्ड रूम, परीक्षा कक्ष और काउंसलर रूम सहित आवश्यक प्रशासनिक कक्ष बनाए गए हैं।
- प्रत्येक तल पर बालक-बालिकाओं एवं दिव्यांगजनों के लिए प्रसाधन तथा सभी तलों पर पेयजल और विद्युत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
- पुस्तकालय के लिए अलग कक्ष भी उपलब्ध कराया गया है। लोक निर्माण विभाग, नरसिंहपुर के अंतर्गत कार्यपालन यंत्री (भवन) के माध्यम से इसका निर्माण कराया गया है।
80.70करोड़ रुपये के 10 कार्यों का लोकार्पण
- 80.70 करोड़ रुपये के 10 कार्यों के लोकार्पण में लोक निर्माण विभाग द्वारा गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र में 3.49 करोड़ रुपये की लागत से 4.50 KM की सिमरिया- चरगवां मार्ग से कुकलाह-सालीवाड़ा मार्ग, तेंदूखेड़ा क्षेत्र में लिंगा (भौरझीर) से नर्मदाघाट मार्ग का 0.98 करोड़ रुपये तथा कोठिया से नर्मदाघाट मार्ग का 3.71करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मार्ग शामिल है।
- गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र में बगासपुर-सहजपुर मार्ग से बकौरी तक 5 KM लंबे मार्ग का 5.60 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य और तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के कल्याणपुर में 1.23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल भवन भी इन विकास कार्यों में शामिल है।
- नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के 10गांवों में 5.83 करोड़ रुपये, गोटेगांव के 20 गांवों में 9.20 करोड़ रुपये, तेंदूखेड़ा के 12 गांवों में 5.15 करोड़ रुपये तथा गाडरवारा के 8 गांवों में 2.99 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित योजनाएं इसमें शामिल हैं। इन योजनाओं से कुल 50 गांवों में नल-जल व्यवस्था से संबंधित कार्यों को लाभ मिलेगा।
94.44करोड़ रुपये के विकास कार्यों के भूमिपूजन
- लोक निर्माण विभाग द्वारा तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में शक्ति शुगर मिल से बरैठा मार्ग (3.90 KM) के लिए 3.95 करोड़ रुपये तथा ढोडा-केसला मार्ग (4.75 KM) के लिए 7.38 करोड़ रुपये के कार्यों का भूमिपूजन। गाडरवारा में कोठिया से नोनिया मार्ग (2KM) के लिए 3.31 करोड़ रुपये तथा बनवारी पहुंच मार्ग के लिए 1.24 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं।
- गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र में बेदू-जमुनीया-कछवा-दौन मार्ग (5.80 KM) के लिए 6.36 करोड़ रुपये, खोबी-भैंसा-राकी मार्ग के लिए 6.07 करोड़ रुपये, सिमरीबड़ी-बसखरवा-ठेमी मार्ग के लिए 3.19 करोड़ रुपये तथा ओल्ड बाबे रोड से खमरिया मार्ग के लिए 3.14 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन।
- नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में उमरिया-पीपरहा मार्ग के लिए 5.37 करोड़ रुपये का कार्य तथा तेंदूखेड़ा क्षेत्र में पीएम कृषि हायर सेकेंडरी स्कूल बोहानी पहुंच मार्ग के लिए 1.30 करोड़ रुपये का कार्य भी प्रस्तावित है।
- तेंदूखेड़ा में 11.28 करोड़ रुपये की लागत से नवीन 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना में दो एफ, दो जी और दो एच टाइप आवासगृहों का निर्माण भी शामिल है।
- चीचली, बारहबड़ा और नरसिंहपुर में 50-50 सीटर अनुसूचित जाति मैट्रिक बालक छात्रावासों के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा। प्रत्येक छात्रावास के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत है। इन तीनों कार्यों की कुल लागत 15 करोड़ रुपये है।
- गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र के साईंखेड़ा महाविद्यालय भवन में 0.73करोड़ रुपये की लागत से बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य किया जाएगा। गाडरवारा के शासकीय महाराणा प्रताप पीजी महाविद्यालय में 2.37 करोड़ रुपये की लागत से द्वितीय तल पर विस्तार, मुख्य द्वार एवं गार्ड रूम, बाउंड्रीवाल तथा सीसी रोड निर्माण कार्य प्रस्तावित है।
- गाडरवारा के 15 स्कूलों में 9.49 करोड़ रुपये, गोटेगांव के 5 स्कूलों में 4.30 करोड़ रुपये, तेंदूखेड़ा के 5 स्कूलों में 4.09 करोड़ रुपये तथा नरसिंहपुर के 4स्कूलों में 3.31 करोड़ रुपये की लागत से ये कार्य किए जाएंगे। चांवरपाठा, चीचली और गोटेगांव में 5 शासकीय माध्यमिक शालाओं के नवीन भवन निर्माण के लिए 2.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
आज नरसिंहपुर से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत 35.56 लाख से अधिक हितग्राहियों को ₹213.41 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की। https://t.co/qZvnpc1MRG
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) October 11, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में नरसिंहपुर में आयोजित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण एवं सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि का अंतरण कार्यक्रम https://t.co/fB4Kv88Kyj
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) October 11, 2026
बालाघाट में फर्जी MBBS डॉक्टर का मामला, उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, पूछा- इस लापरवाही की जवाबदेही कौन लेगा?
मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। छिंदवाड़ा और बालाघाट में बच्चों की मौत के मामलों को लेकर पहले से घिरी सरकार के सामने अब बालाघाट से ही स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आया है। जिले के बिरसा में पदस्थ ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. सुनील सिंह के खिलाफ फर्जी MBBS डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में FIR दर्ज की गई है।
बता दें कि विपक्ष बच्चों की मौत के मामलों को लेकर सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठा रहा है। इसी बीच फर्जी डिग्री के आधार पर डॉक्टर के सरकारी पद पर नियुक्ति का मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं। वहीं अब, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने फर्जी डॉक्टर मामले में सरकार को आड़े हाथ लिया है।
फर्जी MBBS डिग्री के आधार पर नौकरी कर रहे डॉ. सुनील कुमार सिंह का भंडाफोड़ होने के बाद अब कांग्रेस को एक नया मुद्दा मिल गया है। उमंग सिंघार ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर सीएम डॉ. मोहन यादव से सवाल पूछा है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक व्यक्ति 17 सालों से सरकारी मेडिकल ऑफिसर की नौकरी कर रहा था और सरकार इस बात से कैसे बेखबर थी?
बच्चों की मौत और फर्जी डॉक्टर के मामले पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने सीएम मोहन यादव से सवाल किया है कि बच्चों की मौतों के लिए जिम्मेदार बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही कौन लेगा? उन्होंने कहा कि बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव के कारण 32 से अधिक बच्चों की मौत हो गई। अब बिरसा में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात रहे सुनील कुमार सिंह के दस्तावेज फर्जी पाये गये हैं। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक व्यक्ति 17 साल तक सरकारी मेडिकल ऑफिसर के पद पर नौकरी करता रहा और सरकार बेखबर रही।
उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि.. बालाघाट में बच्चों की मौत भाजपा सरकार के स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही और प्रशासनिक विफलता का नतीजा है। उन्होंने सीएम मोहन यादव से सवाल किया कि.. मासूमों की मौतों और सरकारी तंत्र की इस लापरवाही की जवाबदेही कौन लेगा? उन्होंने पूछा कि सिर्फ एफआईआर दर्ज करने से क्या होगा और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई कब की जाएगी?
BMO डॉ. सुनील कुमार सिंह की डिग्री निकली फर्जी
बता दें कि बालाघाट में के बिरसा में पदस्थ BMO डॉ. सुनील कुमार सिंह का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जानकारी अनुसार, सुनील कुमार पिछले 17 सालों से फर्जी MBBS की डिग्री के आधार पर सरकारी डॉक्टर की नौकरी कर रहे थे। शिकायत के बाद जब उन पर जांच बैठाई गई तो पांच महीने तक चली लंबी और गहन जांच के बाद डॉ. सुनील सिंह की MBBS डिग्री और मेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह फर्जी पाया गया। खबर है कि राज्य शासन से आदेश मिलते ही बिरसा थाना पुलिस ने आरोपी पूर्व बीएमओ के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।
बच्चों की मौतों के लिए जिम्मेदार बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही कौन लेगा, मोहन यादव जी?
बालाघाट में 32 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव के कारण मौत हो गई। अब बिरसा में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात रहे सुनील कुमार सिंह के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक व्यक्ति 17 सालों से सरकारी मेडिकल ऑफिसर की नौकरी कर रहा था और सरकार बेखबर रही।
बालाघाट में बच्चों की मौत भाजपा सरकार के स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही और प्रशासनिक विफलता का नतीजा है!
@DrMohanYadav51 जी, मासूमों की मौतों और सरकारी तंत्र की इस लापरवाही की जवाबदेही कौन लेगा? सिर्फ FIR नहीं, जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई कब होगी?
@CMMadhyaPradesh @rshuklabjp
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@INCIndia @INCMP#US13045
— Umang Singhar (@UmangSinghar) October 11, 2026
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