त्योहारों पर नहीं होगी कन्फर्म टिकट की टेंशन, जबलपुर और भोपाल से चलेंगी 100 स्पेशल ट्रेन; देखें पूरी लिस्ट
Diwali Special Trains: त्योहारों के मौसम में अपनों के पास घर जाने की चाहत हर किसी के दिल में होती है. दशहरा, दिवाली और छठ महापर्व जैसे बड़े अवसरों पर ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं बचती है. महीनों पहले से ही टिकटों की बुकिंग फुल हो जाती है और टिकट खिड़की पर सिर्फ लंबी वेटिंग लिस्ट ही हाथ लगती है. ऐसे मुश्किल समय में घर जाने वाले मुसाफिरों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाली एक शानदार खबर सामने आई है.
पश्चिम मध्य रेल यानी WCR ने आगामी त्योहारों को देखते हुए अपनी कमर कस ली है. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें आरामदायक सफर देने के लिए कुल 100 स्पेशल ट्रेन सेवाएं संचालित करने का बड़ा कदम उठाया है. इस फैसले से मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर भारत और बिहार की तरफ यात्रा करने वाले हजारों लोगों को सीधी राहत मिलने जा रही है.
त्योहारों की इस रेल सौगात से मध्य प्रदेश के जबलपुर, भोपाल, कटनी, रीवा और सतना जैसे बड़े शहरों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा. इसके साथ ही दिल्ली, उत्तराखंड और बिहार जाने वाले लोगों के लिए भी सीटों की उपलब्धता काफी बढ़ जाएगी. अक्सर देखा जाता है कि त्योहारों के समय उत्तर भारत की ओर जाने वाली गाड़ियों में सबसे ज्यादा मारामारी रहती है. इस समस्या को दूर करने के लिए रेलवे ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और धार्मिक नगरी हरिद्वार के लिए विशेष फेरे चलाने की रूपरेखा तैयार की है.
राजधानी दिल्ली और उत्तराखंड जाने वाले मुसाफिरों के लिए राहत
उत्तर भारत की ओर यात्रा करने वाले मुसाफिरों की मांग को ध्यान में रखते हुए जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है. गाड़ी संख्या 01707 प्रत्येक शनिवार को रात के समय जबलपुर से रवाना होगी और अगले दिन दोपहर बाद देश की राजधानी पहुंचेगी. वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 01708 हर रविवार को निजामुद्दीन से दोपहर बाद चलकर अगले दिन सुबह जबलपुर पहुंचेगी. यह सेवा 17 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच यात्रियों को राहत देती रहेगी.
इसके अलावा धार्मिक यात्रा पर हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी खास इंतजाम किया गया है. जबलपुर से हरिद्वार के बीच चलने वाली विशेष गाड़ी कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, झांसी, ग्वालियर, आगरा कैंट और रुड़की जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी, जिससे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों के लोगों को यात्रा का सीधा विकल्प मिलेगा.
बिहार जाने वालों के लिए दानापुर तक स्पेशल ट्रेनों का तोहफा
दिवाली और छठ महापर्व पर बिहार जाने वाली ट्रेनों में भीड़ का दबाव सबसे अधिक देखने को मिलता है. इस बात को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन और कोटा के सोगरिया से दानापुर यानी पटना के लिए दो महत्वपूर्ण स्पेशल गाड़ियां पटरी पर उतारने का फैसला किया है. रानी कमलापति से दानापुर के बीच चलने वाली द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन कुल 22 फेरे लगाएगी. यह गाड़ी नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर और सतना जैसे स्टेशनों से गुजरते हुए बिहार पहुंचेगी.
वहीं दूसरी तरफ सोगरिया से दानापुर जाने वाली साप्ताहिक ट्रेन 12 फेरों में चलेगी, जो गुना, अशोक नगर, सागर और दमोह के रास्ते आगे बढ़ेगी. इन दोनों गाड़ियों के चलने से बुंदेलखंड और महाकौशल इलाके से बिहार जाने वाले प्रवासी कामगारों और परिवारों को सीट के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा.
मध्य प्रदेश के आंतरिक शहरों को जोड़ने वाली गाड़ियां
लंबी दूरी के साथ-साथ रेलवे ने प्रदेश के भीतर यात्रा करने वाले स्थानीय मुसाफिरों का भी पूरा ख्याल रखा है. विंध्य क्षेत्र को राजधानी और औद्योगिक नगरी से जोड़ने के लिए रीवा से रानी कमलापति के बीच सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है. यह ट्रेन अक्टूबर और नवंबर के दौरान चार फेरे पूरा करेगी और बीना, विदिशा, सागर तथा दमोह जैसे शहरों को आपस में जोड़ेगी.
इसके साथ ही रीवा से डॉक्टर अंबेडकर नगर यानी इंदौर के लिए भी साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेन शुरू की गई है, जो इटारसी और भोपाल के रास्ते मालवा अंचल तक पहुंचेगी. रोजाना आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों और छोटे व्यापारियों की सहूलियत के लिए कटनी और सतना के बीच अनारक्षित स्पेशल ट्रेन भी चलाई जा रही है, जो सुबह कटनी से चलकर दिन की शुरुआत में सतना पहुंचेगी और शाम को वापस लौटेगी.
यात्रा से पहले समय और ठहराव की सही पड़ताल जरूरी
रेलवे प्रशासन ने सभी सम्मानित मुसाफिरों से गुजारिश की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों के समय और ठहराव की पूरी जानकारी अवश्य हासिल कर लें. विशेष ट्रेनों की सीटें आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट और रेलवे आरक्षण काउंटरों से आसानी से बुक की जा सकती हैं. किसी भी तरह के भ्रम से बचने के लिए यात्री नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम के मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर जाकर ट्रेनों की सही स्थिति देख सकते हैं. इसके अलावा रेलवे की हेल्पलाइन संख्या 139 पर कॉल करके भी ट्रेनों की आवाजाही से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकती है.
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Ekta Kapoor को लोग क्यों कहते थे तांत्रिक? प्रोड्यूसर ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 'धर्म को मानने पर लोगों को दिक्कत होती है'
Why was Ekta Kapoor called Tantrik: बॉलीवुड और टीवी की पॉपुलर प्रोड्यूसर एकता कपूर (Ekta Kapoor) हर बार अपने काम से हर किसी को हैरान कर देती हैं. एकता कपूर आज इंड्स्ट्री के उन प्रोड्यूसर्स में गिनी जाती हैं, जिनके साथ हर एक्टर काम करने का सपना देखता है. ये बात तो सभी जानते हैं कि एकता कपूर अपने धर्म से बहुत प्यार करती हैं.
इस बात का सबूत ये है कि एकता हमेशा ढेरों अंगूठियां, रुद्राक्ष और मालाएं पहने नजर आती हैं. उनका यही अंदाज उन्हें सबसे अलग बनाता है, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था, जब उनके रुद्राक्ष, माला और तिलक को देखकर लोगों ने उन्हें तांत्रिक समझना शुरू कर दिया था. एकता कपूर ने पहली बार इस पर चुप्पी तोड़ी है.
जब लोग समझने लगे थे एकता को तांत्रिक
हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया (Ranveer Allahbadia) के पॉडकास्ट चैनल पर बात करते हुए एकता कपूर ने अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में आई दिक्कतों पर बात की. एकत कपूर ने इस दौरान याद किया कि लोग एक वक्त पर उन्हें तांत्रिक समझने लगे थे. लोगों के तांत्रिक वाले कमेंट पर बात करते हुए एकता ने कहा, "जब मैं यंग थी, तो मैं टीका लगाती थी, तो सब मुझे बोलते थे कि तुम सनकी क्यों बनी फिर रही हो. मैं आपको बता नहीं सकती कि टीका लगाना, धागा बांधना अपने धर्म को मानना लोगों के लिए एक दिक्कत है. मैं क्लब की जगह मंदिर जाना पसंद करती हूं. अब मुझे फर्क नहीं पड़ता कोई कुछ भी सोचे."
6 महीने तक अपने घर नहीं जा पाईं एकता कपूर
एकता कपूर ने काम को लेकर अपने स्ट्रगल के बारे में भी बात की. उन्होंने बताया कि काम के लिए उन्होंने अपने आप को तवज्जु नहीं दी. एकता कपूर ने बातचीत में आगे कहा, "मेरी कोई जिंदगी नहीं है, लेकिन मुझे ये सब करना पसंद है. मैं सब देखती थी, मैं 6 महीने तक घर नहीं जाती थी. मैं सिर्फ नहाने के लिए घर जाती थी. 1 से 2 घंटे आराम करती थी और वापिस सेट पर आ जाती थी. मेरा टूथब्रश तक ऑफिस में था और मैं सोती थी ऑफिस में ही थी. एक दिन मैंने अपनी मां को फोन किया कि मैं 11 बजे घर आ रही हूं सोने के लिए, तो उन्होंने कहा मैं क्या करूं. मैंने कहा फूल बरसाओ. मेरा घर बस 10 मिनट दूर है ऑफिस से मैं फिर भी घर नहीं गई 6 महीने."
द डर्टी पिक्चर 2 को लेकर क्या कहा?
अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स पर बात करते हुए एकता ने बताया कि वो द डर्टी पिक्चर 2 (The Dirty Picture 2) पर काम कर रही हैं. एकता ने कहा, "मैं पिछले 15 सालों से इसकी प्लानिंग कर रही हूं." हालांकि, एकता ने कहानी को लेकर खुलासा नहीं किया है. उन्होंने ये हिंट जरूर दिया कि ये कुछ अलग होने वाला है. कल्चर को लेकर बात करते हुए नागिन सीरियल की प्रोड्यूसर ने कहा, "मुझे लगता है कि दुनिया पहले से ज्यादा स्पिरिचुअल हो गई है. हम पहले से काफी एक्सपोज हो चुके हैं."
2008 क्यों बना करियर का सबसे बुरा दौर?
साल 2008 एकता कपूर के करियर के लिए बहुत बुरा रहा. एकता ने कहा, "वो साल मेरे लिए बहुत बुरा था. मेरी मेंटल हेल्थ के लिए भी. उस वक्त मैंने अपने बेटे को जन्म दिया था. मैंने पेपर वर्क सही से नहीं किया था, ये मेरी गलती थी. आपको सक्सेस से ज्यादा रिश्ते बनाने चाहिए. मुझे लगता है कि मैंने बहुत गलतियां की. मैं सोचती थी मैं ही बेस्ट काम कर रही हूं."
एकता कपूर के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स
एकता कपूर हर बार अपने प्रोजेक्ट्स से दर्शकों को हैरान कर देती हैं. जल्दी ही एकता द डर्टी पिक्चर 2 (The Dirty Picture 2) लेकर आ रही हैं. इसके अलावा भी उनके कई प्रोजेक्ट्स लाइनअप हैं, जिनका दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है.
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