'ये हादसा नहीं, प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा', जनकरपुरी मामले पर बोले AAP नेता सौरभ भारद्वाज, उठाए कई गंभीर सवाल
Delhi News: आम आदमी पार्टी ने जनकपुरी में सड़क पर खुले गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय युवक कमल ध्यानी की मौत को लेकर दिल्ली सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एक तरफ सरकार अपने एक साल पूरे होने का जश्न मना रही है, वहीं दूसरी तरफ एक मां अपने बेटे को खोने का दुख झेल रही है.
ये है प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा- सौरभ भारद्वाज
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कमल ध्यानी रोहिणी से अपने घर की ओर लौट रहा था. जनकपुरी में सड़क पर एक गहरा गड्ढा था, जो अंधेरे में दिखाई नहीं दिया. वहां कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेत नहीं थे. कमल बाइक समेत गड्ढे में गिर गया और पूरी रात वहीं पड़ा रहा. सुबह उसकी मौत की खबर सामने आई. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है.
कहीं सच्चाई छिपाने की कोशिश तो नहीं
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि घटना के बाद अब तक मुख्यमंत्री मृतक के परिवार से मिलने क्यों नहीं गईं. पोस्टमॉर्टम 6 फरवरी को हुआ, लेकिन 8 फरवरी तक उसकी रिपोर्ट सामने नहीं आई. आमतौर पर रिपोर्ट 24 घंटे में आ जाती है. इससे संदेह पैदा होता है कि कहीं सच्चाई छिपाने की कोशिश तो नहीं की जा रही.
पुलिस ने क्यों दर्ज नहीं की थी शिकायत
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि एफआईआर से ठेकेदार का नाम हटा दिया गया है और सारा दोष एक मजदूर पर डाला जा रहा है. पुलिस उस मजदूर को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश तक गई है, जबकि जिन अधिकारियों और एजेंसियों की जिम्मेदारी सड़क की सुरक्षा की थी, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने बताया कि घटना की रात कमल के पिता, भाई और दोस्त छह अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में गए, लेकिन किसी ने भी उनकी शिकायत दर्ज नहीं की. यहां तक कि डायरी एंट्री तक नहीं की गई. सवाल यह है कि जब गुमशुदगी की सूचना दी जा रही थी, तो पुलिस ने लापरवाही क्यों दिखाई.
सरकार का मकसद आंकडों को कम दिखाना
आम आदमी पार्टी का कहना है कि अगर पुलिस थानों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तो साफ है कि शिकायतें दर्ज न करने का दबाव ऊपर से है. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार का मकसद समस्याओं को हल करना नहीं, बल्कि आंकड़ों को कम दिखाना बन गया है. उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले.
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'14वीं पंचवर्षीय योजना' अवधि के दौरान शीत्सांग ने 20.23 लाख हेक्टेयर क्षीण चरागाह को बहाल किया
बीजिंग, 8 फरवरी (आईएएनएस)। हाल ही में, शीत्सांग के वानिकी और घास के मैदान ब्यूरो से पता चला कि 14वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2021-2025) के दौरान, शीत्सांग ने 20.23 लाख हेक्टेयर बिगड़े हुए घास के मैदान को बहाल किया, जिससे घास के मैदान का क्षेत्रफल 8 करोड़ 66 हजार हेक्टेयर पर स्थिर हो गया और घास के मैदान का कुल वनस्पति आवरण 50 तक बढ़ गया।
बताया जाता है कि 14वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के दौरान, शीत्सांग ने प्राकृतिक बहाली को प्राथमिकता देने और कृत्रिम बहाली को पूरक बनाने के सिद्धांत का निरंतर पालन किया और क्षीण चरागाह की पारिस्थितिक बहाली परियोजनाओं को सक्रिय रूप से लागू किया, छिंगहाई जैसे प्रांतों के उन्नत अनुभवों से सीखते हुए, बिना जुताई के पुनः बीज बोना, बाड़ लगाना, जहरीले खरपतवारों पर नियंत्रण, कृत्रिम घास लगाना, घास के मैदान में सुधार और हवाई बीज बोने जैसे उपाय किए, जिसके परिणामस्वरूप घास के मैदान की पारिस्थितिकी धीरे-धीरे बहाल हुई।
इसके अतिरिक्त, 14वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के दौरान, शीत्सांग का आर्द्रभूमि क्षेत्र बढ़कर 81 लाख 69 हजार 3 सौ हेक्टेयर हो गया, जिसमें 1 लाख हेक्टेयर बिगड़ी हुई आर्द्रभूमि को संरक्षित और बहाल किया गया। मरुस्थलीकृत भूमि 2 करोड़ 9 लाख 61 हजार 2 सौ हेक्टेयर पर स्थिर रही और लगभग 2 लाख 80 हजार हेक्टेयर मरुस्थलीकृत भूमि का उपचार किया गया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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