"मेरे साथ सोना होगा इस बार..." Niti Taylor से साउथ डायरेक्टर ने की थी गंदी डिमांड, फिल्म के बदले दिया था गंदा ऑफर
Niti Taylor Reveals A South Indian Director Made Dirty Demand: नीति टेलर का नाम टीवी की टॉप एक्ट्रेसेस में गिना जाता है. उन्होंने अपनी खूबसूरती और क्यूट पर्सनैलिटी से हर किसी का दिल जीत लिया था. जेन-जी के बीच तो नीति काफी पॉपुलर हैं. 'कैसी ये यारियां' में नजर आ चुकी नीति टेलर पर्दे पर जितनी सुलझी हुईं नजर आती हैं, उनकी प्रोफेशन लाइफ उतनी आसान नहीं रही.
इंडस्ट्री में पैर जमाने के लिए नीति को काफी कुछ झेलना पड़ा. साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपने शुरुआती दिनों में ही नीति को कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा. उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने साथ हुई उस बदतमीजी को याद किया. एक्ट्रेस ने खुलासा किया कि कैसे एक डायरेक्टर ने उनसे कॉल पर काम के बदले एक भद्दी डिमांड की.
एक रॉन्ग नंबर ने बदली किस्मत
हाल ही में हटरफ्लाई को दिए एक इंटरव्यू में नीति ने बताया कि जब वह कॉलेज में थी, उसी दौरान उन्हें एक रॉन्ग नंबर से कॉल आया, जो बालाजी फिल्म्स से था. उन्होंने नीति को ऑडिशन के लिए बुलाया.
नीति ने बताया, "उस दौरान पोर्टफोलियो होते थे, मैंने कहा मेरे पास तो है ही नहीं. उन्होंने कहा आप आ जाओ. मैं अंधेरी वेस्ट गई. एक क्रिएटिव हेड ने मुझे देखा और ऑडिशन लिया. ऐसे ही मेरा सिलेक्शन हुआ. इसके बाद मुझे मिला 'कैसी ये यारियां'. 10 साल तक यही कर रही थी मैं."
साउथ डायरेक्टर ने किया था कास्टिंग काउच
कास्टिंग काउच के सवाल पर नीति टेलर ने अपने साउथ फिल्मों के दौर को याद किया. एक्ट्रेस ने बताया कि साउथ फिल्मों में काम करते हुए उनके साथ एक डायरेक्टर ने गंदी डिमांड की थी.
एक्ट्रेस ने बताया, "जब मैं साउथ फिल्में करती थी. मैंने दो ही की है. उसमें मेरा जो डायरेक्टर था, उसने पहली मूवी की. उसके पूरे होने पर उसने मुझे कॉल किया एक और फिल्म के लिए. उसने कहा कॉल पर कि इस पर आपको मेरे साथ सोना पड़ेगा. आपको इस दौरान समझ ही नहीं आता कि आपको कैसे रिएक्ट करना है."
नीति ने कर दिया डायरेक्टर को ब्लॉक
नीति ने बताया कि डायरेक्टर की भद्दी डिमांड सुनते ही उन्होंने उसे ब्लॉक कर दिया था और सीधे अपनी मां को कॉल किया. नीति ने कहा, "इमेजन करो, वो बूढ़ा. मैंन उसे और लोगों के साथ ऐसा करते देखा था, लेकिन ये नहीं पता था मेरे ऊपर ये सब कब आ जाएगा. मैंने तभी सोच लिया था कि मैं दोबारा कभी कोई मूवी नहीं करूंगी. मैंने उसे कुछ नहीं कहा, बस ब्लॉक कर दिया."
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नीति का एक्स देता था गंदी गालियां
इसी बातचीत में एक्ट्रेस नीति टेलर ने अपनी पर्सनल लाइफ और अपने एक्स के बुरे बर्ताव का भी खुलासा किया. नीति ने बताया जब वो 'कैसी ये यारियां' कर रही थी, तभी उनका उनके एक को-एक्टर के साथ रिलेशनशिप हुआ. एक्ट्रेस ने बताया कि उनका एक्स उन्हें छोटे कपड़े पहनने से रोकता था. लोगों से बात करने से भी उसे दिक्कत होती थी. एक्ट्रेस ने एक किसी याद किया जब उनके एक्स का बर्थडे था, तब वो अपने दोस्तों के साथ गाड़ी तक जा रही थीं, तभी उनके एक्स ने कलेश कर दिया और उन्हें बहुत गंदी-गंदी गालियां दीं और धक्का भी मारा.
फैंस ने दिया ऐसा रिएक्शन
नीति की दर्दभरी कहानी सुनकर उनके फैंस काफी निराश नजर आए. एक यूजर ने नीति के दर्द पर रिएक्शन देते हुए कहा, "नीति ने अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल जिंदगी में बहुत कुछ देखा है, इनमें से कुछ बातें उन्होंने पहले भी बताई थीं. मुझे उम्मीद है कि वह अब इससे उबर चुकी हैं, क्योंकि वह बिना इमोशनल हुए इस बारे में खुलकर बात कर पा रही हैं." एक अन्य यूजर ने लिखा, "आखिरकार उसे अपना जेंटलमैन मिल ही गया... उसके लिए बहुत खुश हूं."
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जापान से सऊदी अरब तक उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार, धामी सरकार का ग्लोबल प्लान तैयार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल से उत्तराखंड के युवाओं का विदेश में नौकरी का सपना साकार हो रहा है. मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत अब तक प्रदेश के 106 युवा विदेश में नौकरी पा चुके हैं. युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाने के लिए उन्हें विदेशी भाषाओं में पारंगत बनाया जा रहा है. इसके लिए प्रदेश में जर्मन और जापानी भाषा के कुल 158 प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. जबकि उत्तरकाशी और टिहरी जनपद में भी जल्द ही विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे.
मुख्यमंत्री धामी की पहल पर मई 2023 में इस रोजगारपरक योजना को मंजूरी दी गई थी। योजना के क्रियान्वयन के लिए कौशल एवं सेवायोजन विभाग के तहत विदेश रोजगार प्रकोष्ठ का गठन किया गया है. सरकार का लक्ष्य युवाओं को वैश्विक जरूरतों के अनुरूप तैयार कर अधिक से अधिक संख्या में विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराना है. इसके लिए देहरादून में जर्मन भाषा के 75 और जापानी भाषा के 45, अल्मोड़ा में जर्मन भाषा के 22 और बागेश्वर में जापानी भाषा के 16 प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. प्रकोष्ठ से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में जनपद देहरादून में जर्मनी के लिए 04 बैच, जापान के लिए 02, जनपद अल्मोड़ा में जर्मनी के लिए 01 और जनपद बागेश्वर में जापान के लिए 01 बैच में भाषा प्रशिक्षण संचालित है. सरकार के प्रयासों से अभी तक 106 युवा विदेशों में रोजगार पा चुके हैं. इनमें 75 जापान, 01 जर्मनी और 30 युवा सऊदी अरब में हेल्थ, हॉस्पिटेलिटी और अन्य सेक्टर में कार्यरत हैं.
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अधिक से अधिक मौकों की खोज
धामी सरकार युवाओं को विभिन्न देशों में रोजगार के अधिकाधिक मौके उपलब्ध कराने के प्रयास में जुटी है. हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड आए जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम और जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा के साथ भी बैठक में तीनों देशों में रोजगार की संभावनाओं और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता पर विशेष तौर पर चर्चा की. अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर तीनों देशों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा.
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना प्रदेश सरकार की कसौटी पर खरी उतरी है. योजना की सफलता को देखते हुए विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ा दी गई है. युवाओं को वैश्विक मांग के अनुरूप आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जा रहा है. अधिकारियों को इसके लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
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