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Jio Platforms समेत 12 कंपनियां अक्टूबर में ला रहीं IPO

प्राथमिक बाजार में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये धन जुटाने की रफ्तार लगातार बनी हुई है। अक्टूबर में जियो प्लेटफॉर्म्स, जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस और अवाडा इलेक्ट्रो समेत करीब एक दर्जन कंपनियां अपना आईपीओ लाने की तैयारी में हैं। इन कंपनियों के आईपीओ से प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

मर्चेंट बैंकर से मिली जानकारी के अनुसार, इस महीने आईपीओ लाने की तैयारी कर रही अन्य कंपनियों में फ्यूजन सीएक्स, एचडी फायर प्रोटेक्ट, टोन्बो इमेजिंग, बोनफिग्लियोली ट्रांसमिशंस, सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज, पारस हेल्थकेयर, एनडीआर इनविट ट्रस्ट, गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स और एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। इस साल अबतक 96 आईपीओ के जरिये कंपनियों ने 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई है। इनमें अकेले सितंबर महीने में 35 आईपीओ बाजार में आए थे।

जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड की प्रबंध निदेशक और इक्विटी कैपिटल मार्केट्स प्रमुख नेहा अग्रवाल ने कहा कि वर्ष की दूसरी छमाही में भी भारतीय प्राथमिक बाजार में मजबूत गतिविधियां जारी हैं। हालांकि, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रम के कारण कंपनियों को आईपीओ लाने के लिए उपयुक्त समय का चयन करना पड़ सकता है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण कंपनियों के शेयरों के प्रति निवेशकों की रुचि बनी हुई है। उन्होंने कहा कि घरेलू संस्थागत निवेशकों के पास उपलब्ध पर्याप्त पूंजी और विदेशी निवेशकों की चुनिंदा भागीदारी से सार्वजनिक निर्गम बाजार को समर्थन मिल रहा है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की दूरसंचार और डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ इस महीने का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। इसके भारत का अबतक का सबसे बड़ा आईपीओ होने की उम्मीद है।

एचडी फायर प्रोटेक्ट ने अपने 712 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए 258 से 271 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। यह निर्गम 13 अक्टूबर को खुलेगा और 15 अक्टूबर को बंद होगा। इसमें प्रवर्तकों की हिस्सेदारी बिक्री (ओएफएस) के जरिये पूरी राशि जुटाई जाएगी।

वहीं, कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित ग्राहक अनुभव सेवाएं देने वाली कंपनी फ्यूजन सीएक्स ने 702 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए 275 से 289 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। इसका निर्गम 14 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक खुला रहेगा। प्रौद्योगिकी आधारित विनिर्माण मंच जेटवर्क अपने आईपीओ के जरिये करीब 5,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।

इसमें 2,600 करोड़ रुपये का नया निर्गम और 9.68 करोड़ तक शेयरों की बिक्री पेशकश शामिल है। कंपनी का आईपीओ 15 अक्टूबर को खुलेगा और 19 अक्टूबर को बंद होगा। रक्षा प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी टोन्बो इमेजिंग ने 1.22 करोड़ तक शेयरों की बिक्री पेशकश का प्रस्ताव रखा है।

इसका आईपीओ भी 15 से 19 अक्टूबर तक खुला रहेगा। इसी अवधि में बोनफिग्लियोली समूह की भारतीय इकाई बोनफिग्लियोली ट्रांसमिशंस का आईपीओ आएगा। कंपनी ने 4.32 करोड़ तक शेयरों की बिक्री पेशकश का प्रस्ताव दिया है।

चिकित्सा उपकरण बनाने वाली सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज का आईपीओ भी 15 अक्टूबर को खुलेगा और 19 अक्टूबर को बंद होगा। इस निर्गम में 1.38 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश की जाएगी। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी अवाडा इलेक्ट्रो आईपीओ के जरिये 7,600 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।

पारस हेल्थकेयर 1,800 करोड़ रुपये और एनडीआर इनविट ट्रस्ट 750 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं। गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स ने 1.97 करोड़ तक शेयरों के आईपीओ का प्रस्ताव रखा है। इन कंपनियों के निर्गम में नए शेयर जारी करने और मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने, दोनों की योजना शामिल है।

जल एवं अपशिष्ट जल उपचार समाधान उपलब्ध कराने वाली एसएफसी एन्वॉयरर्नमेंटल टेक्नोलॉजीज ने 150 करोड़ रुपये के नए शेयर निर्गम और 1.23 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश वाला आईपीओ प्रस्तावित किया है।

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बच्चों की सुरक्षा में निवेश करने वाली AI कंपनियों को प्रोत्साहन मिले: WEF विशेषज्ञ Cathy Li

(कोमल शर्मा) नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की कृत्रिम मेधा (एआई) विशेषज्ञ कैथी ली ने भारत की शिक्षा व्यवस्था में एआई साक्षरता को शामिल करने और बच्चों की सुरक्षा में निवेश करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत पर जोर दिया है। विश्व आर्थिक मंच के सेंटर फॉर एआई एक्सिलेंस की प्रमुख ली ने कहा कि एआई से बच्चों के लिए शिक्षा, रचनात्मकता और संबंधी सुविधाओं के विस्तार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, लेकिन इसके साथ हानिकारक सामग्री, निजता के उल्लंघन, भ्रामक जानकारी और शोषण जैसे जोखिम भी बढ़ रहे हैं। ली ने पीटीआई-के साथ साक्षात्कार में कहा कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में एआई सुरक्षा के उपाय स्थानीय भाषाओं, सांस्कृतिक परिस्थितियों, इंटरनेट की उपलब्धता और डिजिटल साक्षरता के विभिन्न स्तर को ध्यान में रखकर तैयार किए जाने चाहिए।

‘एआई के दौर में बच्चों की सुरक्षा और बेहतरी: सर्वश्रेष्ठ व्यवहार तथा प्रोत्साहन’ पर जारी एक श्वेतपत्र की सह-लेखिका ली ने कहा कि बच्चों को यह समझना जरूरी है कि एआई कहां गलत हो सकता है, उससे मिली जानकारी की पुष्टि कैसे करनी चाहिए और किन परिस्थितियों में मानवीय निर्णय लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एआई साक्षरता को शिक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने के साथ ही बच्चों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एआई प्रणाली में सुरक्षा और बाल अधिकारों से जुड़े आकलन को अनिवार्य किया जाना चाहिए। ली ने कहा कि भारत में एआई मॉडल का परीक्षण विभिन्न भाषाओं और सांस्कृतिक संदर्भों में किया जाना चाहिए।

इस प्रक्रिया में बच्चों, शिक्षकों, अभिभावकों और बाल सुरक्षा विशेषज्ञों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद, वित्तपोषण और स्वतंत्र मूल्यांकन के माध्यम से कंपनियों को बच्चों की सुरक्षा के लिए निवेश करने को प्रोत्साहित किया जा सकता है। ली ने कहा, ‘‘सुरक्षा और नवोन्मेषण को एक-दूसरे के विरोधी लक्ष्यों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

बच्चे एआई के साथ बड़े होंगे। हमारा उद्देश्य उन्हें इसके सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल के लिए आवश्यक कौशल और संरक्षण प्रदान करना होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई एक उपाय पर्याप्त नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था बच्चों की उम्र, विकास के स्तर और संबंधित एआई प्रणाली की क्षमताओं के अनुरूप होनी चाहिए।

केवल उम्र की पुष्टि करने की व्यवस्था किसी प्रणाली को सुरक्षित नहीं बनाती। ली ने कहा कि एआई को बच्चों की सीखने की क्षमता और स्वतंत्र निर्णय लेने की योग्यता को बढ़ावा देना चाहिए, न कि शिक्षकों, अभिभावकों या मानवीय संबंधों का स्थान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि निजता संबंधी सेटिंग, अभिभावकों का नियंत्रण और शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था सरल होनी चाहिए तथा सुरक्षा के मजबूत उपाय ‘डिफॉल्ट’ रूप से सक्रिय रहने चाहिए।

किसी बच्चे को केवल इसलिए कम सुरक्षा नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि उसके माता-पिता के पास समय, संसाधन या डिजिटल जानकारी की कमी है। ली ने कहा कि भारत के सामने अपने एआई पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के साथ ही बच्चों की सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर मजबूत क्षमता विकसित करने का अवसर है। इसके लिए भारतीय भाषाओं और परिस्थितियों के अनुरूप आंकड़ों, स्वतंत्र मूल्यांकन, शिकायत निवारण व्यवस्था और बाल अधिकारों पर प्रभाव के आकलन की जरूरत होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार, उद्योग, विश्वविद्यालय और नागरिक समाज मिलकर साझा परीक्षण उपकरण, आंकड़े और विशेषज्ञता उपलब्ध करा सकते हैं, ताकि छोटे स्टार्टअप भी बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित कर सकें। ली ने कहा कि एआई के इस्तेमाल से जुड़े नियमों में निजता, जवाबदेही, मानवीय निगरानी और शोषण से सुरक्षा के साझा मानक होने चाहिए, जबकि उनके क्रियान्वयन में भारत की भाषाई विविधता, शिक्षा व्यवस्था और प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के तरीकों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘सफलता का आकलन केवल इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि बच्चों को एआई से दूर रखा गया है या नहीं।

यह देखना अधिक महत्वपूर्ण है कि वे एआई का इस्तेमाल करने के लिए कितने सुरक्षित और सक्षम हैं।

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शुभमन गिल ने किया बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम, जीता रिकॉर्ड 5वीं बार आईसीसी अवार्ड, शेफाली वर्मा ने भी रचा इतिहास

icc award record 5th time to shubhman gill: 27 वर्षीय शुभमन गिल को इससे पहले 2023 में जनवरी और सितंबर तथा 2025 में फरवरी और जुलाई के लिए यह सम्मान मिला था. भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान ने कहा कि पांचवीं बार आईसीसी प्लेयर आफ द मंथ का पुरस्कार जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है और मैं इस सम्मान के लिए पैनल का आभारी हूं. Tue, 13 Oct 2026 13:06:25 +0530

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