पाकिस्तान: खैबर पख्तूनख्वा में अलग-अलग हमलों में दो पुलिसकर्मी घायल
इस्लामाबाद, 8 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में पुलिस को निशाना बनाकर किए गए दो अलग-अलग हमलों में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी।
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को खैबर पख्तूनख्वा के वज़ीर उप-मंडल स्थित खोनिया खेल पुलिस चेक पोस्ट पर हथियारबंद हमलावरों ने फायरिंग की। सूत्रों के अनुसार, जवाबी कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मी नूर मोहम्मद घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
एक अन्य घटना में, मिराखेल पुलिस टीम को उस समय निशाना बनाया गया जब वे एक हत्या के शिकार व्यक्ति का शव बन्नू के डेरा इस्माइल रोड से अस्पताल ले जा रहे थे। सूत्रों ने बताया कि हथियारबंद हमलावरों की फायरिंग में अजमत नामक पुलिसकर्मी घायल हो गया। पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में छह हमलावर शामिल थे, जो वारदात के बाद मौके से फरार हो गए।
इससे पहले 3 फरवरी को खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत जिले में एक पुलिस रिक्रूट कांस्टेबल की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी। यह घटना सराय नौरंग इलाके के पास नस्रखेल स्थित दरगा जंगल में हुई थी।
जिला पुलिस प्रवक्ता कुदरतुल्लाह ने बताया कि मृतक कांस्टेबल हंगू ट्रेनिंग स्कूल में प्रशिक्षण ले रहा था। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने कांस्टेबल को मंगलवार रात उसके घर से अगवा किया और दरगा नामक जंगल में ले जाकर उसकी हत्या कर दी।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में सरकार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के बीच संघर्षविराम समझौता समाप्त होने के बाद से पाकिस्तान में, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में, आतंकी गतिविधियों में तेज़ी से इजाफा हुआ है।
जनवरी में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह देश में बढ़ते संघर्ष और हिंसा का लगातार पांचवां साल बन गया।
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज़ (पीआईपीएस) की पाकिस्तान सिक्योरिटी रिपोर्ट 2025 के मुताबिक, वर्ष 2025 में देश में कुल 699 हमले दर्ज किए गए, जो 2024 की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक हैं। इन हमलों में 1,034 लोगों की मौत हुई, जबकि 1,366 अन्य घायल हुए, जो मृतकों की संख्या में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, हमलों, आतंकवाद-रोधी अभियानों, सीमा संघर्षों और अपहरण जैसी घटनाओं सहित संघर्ष से जुड़ी हिंसा 1,124 मामलों तक पहुंच गई, जो 2024 के मुकाबले 43 प्रतिशत अधिक है। डॉन ने लिखा कि ये घटनाएं अब केवल अस्थायी झटके नहीं हैं, बल्कि एक गहराते और काबू से बाहर होते संकट की ओर इशारा करती हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हमलों में मारे जाने वालों में सुरक्षा बलों की संख्या काफी अधिक है और पुलिस थानों, गश्ती दलों व चेक पोस्टों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। अधिकतर हमले बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हुए हैं।
खैबर पख्तूनख्वा के दक्षिणी जिलों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर हमले आम होते जा रहे हैं। वहीं, बलूचिस्तान में उग्रवादियों ने हिट-एंड-रन हमलों से आगे बढ़कर हाईवे जाम करने, अपहरण और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने जैसी रणनीतियां अपनाई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसा का बड़ा हिस्सा धार्मिक रूप से प्रेरित संगठनों, विशेष रूप से टीटीपी, के कारण है।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत और अमेरिका के रिश्तों में असीम संभावनाएं, 5-6 साल में 500 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है दोनों देशों के बीच व्यापार: पीयूष गोयल
नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और अमेरिका के रिश्तों में असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले 5 से 6 साल में दोनों देशों के बीच व्यापार 500 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस डील को लेकर भारत में उद्योग जगत और अन्य पक्षों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
अमेरिका के अलावा भारत दूसरे देशों के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को आगे बढ़ा रहा है। पीयूष गोयल ने बताया कि भारत अब तक 9 एफटीए पर साइन कर चुका है, जिनसे 38 देशों के साथ व्यापार होता है।
एनडीटीवी प्रॉफिट कॉन्क्लेव में बोलते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि मुश्किल वैश्विक हालात के बावजूद इस साल भारत का कुल व्यापार 5 से 6 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए भारत एक मजबूत स्थिति में है। इसकी वजह है स्थिर नीतियां और निवेशकों का बढ़ता भरोसा।
पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील फ्रेमवर्क से कई सेक्टरों में बड़ी संभावनाएं खुलेंगी। खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा सेंटर में निवेश को इससे बड़ा फायदा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि इस समझौते से भारत को अमेरिका से आने वाले उत्पादों का लाभ मिलेगा और साथ ही देश के अंदर नए निवेश के मौके भी पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि भारत इस समय कनाडा के साथ एफटीए के लिए बातचीत कर रहा है। इसके अलावा एक और देश के साथ समझौता लगभग पूरा होने वाला है, हालांकि उस देश का नाम उन्होंने नहीं बताया।
पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत बिना किसी तनाव के हुई और सभी पक्षों का सहयोग मिला। उन्होंने बताया कि सरकार का फोकस ऐसे समझौते करने पर है जो आर्थिक विकास, निवेश, नई तकनीक और भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत भूमिका को बढ़ावा दें।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत साल 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापार में लगातार बढ़ोतरी और दुनिया के कई देशों के साथ मजबूत साझेदारी भारत की इस यात्रा को समर्थन दे रही है। यह बयान उन्होंने उसी दिन दिया जब भारत-अमेरिका ट्रेड डील फ्रेमवर्क की घोषणा हुई।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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