असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के आरोपों को पूरी तरह से 'बेतुका और झूठा' करार दिया है। गोगोई ने मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस का मजाक उड़ाते हुए उसे 'सी-ग्रेड सिनेमा' से भी बदतर और 'सुपर फ्लॉप' बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ढाई घंटे तक मीडिया से बात की, लेकिन फिर भी कोई उनकी बातों से संतुष्ट नहीं हुआ और उन्होंने खुद को ही शर्मिंदा किया है।
जमीन घोटाले का लगाया आरोप
गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की 'परिवर्तन यात्रा' ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार द्वारा कब्जा की गई 12,000 बीघा कीमती जमीन का पर्दाफाश किया है। गोगोई ने वादा किया कि जब कांग्रेस सत्ता में आएगी, तो वह इस जमीन को वापस लेकर गरीबों और भूमिहीनों के बीच बांट देगी।
गोगोई ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि असम में अब कोई भी मुख्यमंत्री की बातों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को पाकिस्तान की फर्जी कहानियां सुनाने के बजाय यह बताना चाहिए कि उनके परिवार ने इतनी बड़ी मात्रा में जमीन कैसे हासिल की।
मुख्यमंत्री ने क्या आरोप लगाए थे?
इससे पहले, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौरव गोगोई पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि गोगोई, उनकी पत्नी और एक पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच 'गहरे संबंध' हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि गोगोई ने 2013 में पाकिस्तान की एक 'गोपनीय यात्रा' की थी, जहां उन्होंने किसी प्रकार की ट्रेनिंग ली थी और वे भारत की खुफिया जानकारी पड़ोसी देश को लीक कर रहे हैं।
Continue reading on the app
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने रविवार को सूरजकुंड मेले में हुए हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने इस हादसे में जान गंवाने वाले पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की बहादुरी की तारीफ की और उनके परिवार को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
शनिवार की शाम सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में खुशियों का माहौल तब मातम में बदल गया जब 'सुनामी' नाम का एक झूला अचानक टूट गया। उस वक्त झूले पर करीब 19 लोग सवार थे। झूला हवा में ही एक तरफ झुक गया और फिर सीधा जमीन पर आ गिरा। इस हादसे में कई लोग घायल हुए और राहत कार्य के दौरान एक पुलिस अधिकारी की जान चली गई।
कौन थे जगदीश प्रसाद?
पलवल में तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद मेले में ड्यूटी पर थे। जैसे ही झूला गिरा, उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना अंदर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश शुरू कर दी। इसी दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। जगदीश प्रसाद 1989 में पुलिस में भर्ती हुए थे। 36 साल की सेवा के बाद वे इसी साल मार्च में रिटायर होने वाले थे।
मुख्यमंत्री सैनी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि हादसे की खबर मिलते ही पर्यटन मंत्री और बड़े अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था। उन्होंने कहा कि शहीद इंस्पेक्टर के परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षा दी जाएगी।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाही की
पुलिस ने झूला चलाने वाले (संचालक) और उसके कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ 'गैर-इरादतन हत्या' (धारा 105) का केस दर्ज किया गया है। मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच टीम बनाई गई है।
Continue reading on the app