पूर्व DGP R Sreelekha ने बताई पार्षद पद छोड़ने के विचार की वजह, काम में देरी से थीं निराश
केरल की पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आर श्रीलेखा ने रविवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के महापौर वी.वी. राजेश को पत्र लिखकर पार्षद पद से इस्तीफा देने की मंशा जताई थी क्योंकि अपने वार्ड के विभिन्न कार्यों में देरी से वह काफी निराश हो गई थीं। तिरुवनंतपुरम नगर निगम के शास्तमंगलम वार्ड से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पार्षद श्रीलेखा ने यूट्यूब चैनल पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि ‘‘यदि किसी पुलिस महानिदेशक को पांच साल तक कांस्टेबल का काम करने के लिए कहा जाए’’, तो उसे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इन कठिनाइयों के बावजूद मैंने पार्षद पद का चुनाव लड़ा और अब इस पद से जुड़ी जिम्मेदारियां निभा रही हूं।’’ श्रीलेखा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है और वह अपनी अंतिम सांस तक इसकी गौरवशाली कार्यकर्ता बनी रहेंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि भाजपा देश की सबसे बेहतरीन राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी है। मेरी किसी अन्य पार्टी में शामिल होने की कोई इच्छा नहीं है, क्योंकि मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बहुत बड़ी समर्थक हूं।’’ पार्षद ने कहा कि जनसेवा से जुड़ी जिम्मेदारियों के कारण उन पर काम का अत्यधिक दबाव था और रविवार को भी आराम नहीं मिल पाता था। लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें हर परिस्थिति में उनके घर पहुंचना पड़ता था, चाहे किसी की मृत्यु हुई हो, शादी हो या कोई बच्चा बीमार हो।
श्रीलेखा ने कहा कि जब भी उन्होंने वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए महापौर को प्रस्ताव भेजे, तो उन्होंने उन्हें तुरंत संबंधित विभागों के पास भेज दिया। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन विभागों में काम करने वाले कर्मचारी इसमें देरी करते रहे। संभवतः इसकी वजह यह है कि वे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के शासनकाल से ही पिछले 45 वर्षों से नगर निगम में हैं।’’ उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यालय में प्रिंटर और वाई-फाई काम नहीं कर रहे थे।
उनकी कुर्सी भी खराब हालत में थी, जिसके कारण उनकी पीठ में परेशानी होने लगी थी। श्रीलेखा ने कहा, ‘‘मैं कई महीनों से इन परिस्थितियों में काम कर रही थी। इन सभी बातों का मुझ पर गहरा असर पड़ा और मैं बहुत निराश हो गई।
इसलिए मैंने महापौर को एक पत्र लिखकर उन विभिन्न कार्यों का ब्योरा दिया, जिनमें देरी हुई थी। मैंने कहा कि यदि ये काम पूरे नहीं हुए, तो मेरे लिए पार्षद के रूप में बने रहना मुश्किल होगा। मैंने उन्हें यह भी बताया कि इन कारणों से मैं इस्तीफा देने पर विचार कर रही हूं।’’ उन्होंने कहा कि बाद में पार्टी के वरिष्ठ नेता उनसे मिलने आए और उनका ढांढस बंधाया।
इसके बाद उन्होंने पार्षद के रूप में काम जारी रखने का फैसला किया। यह मामला तब सामने आया, जब श्रीलेखा द्वारा अपने वार्ड के निवासियों के एक व्हाट्सऐप समूह में कथित तौर पर भेजे गए संदेश में कहा गया था कि उन्होंने महापौर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और पांच अक्टूबर को इसकी एक प्रति जिलाधिकारी को भी सौंपेंगी। हालांकि, महापौर राजेश ने शुरुआत में कहा था कि उन्हें पत्र मिला है, लेकिन उन्होंने इसे नगर निगम के सचिव को आगे नहीं भेजा।
बाद में उन्होंने ऐसा कोई पत्र प्राप्त होने की बात से ही इनकार कर दिया था।
Riyadh Airport पर मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत, भारत ने कहा- आम लोगों को निशाना बनाना बंद हो
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए। भारत ने रविवार को इस हमले की कड़ी निंदा की। भारत ने कहा कि आम लोगों और उनसे जुड़ी जगहों को बार-बार निशाना बनाना पूरी तरह गलत है और इसे तुरंत रोकना चाहिए।
बताया गया कि मिसाइल किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उस हिस्से में गिरी, जहां घरेलू उड़ानों के लिए टर्मिनल 3 और 4 हैं। एक दशक से भी ज्यादा समय में सऊदी अरब की जमीन पर हुआ यह सबसे घातक हमला बताया जा रहा है।
भारत ने क्या कहा?
भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले कुछ दिनों में हुए बार-बार के हमलों की निंदा की। इसमें 10 अक्टूबर को हुए हमले का भी जिक्र किया गया, जिसमें लोगों की जान गई, कई लोग घायल हुए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
विदेश मंत्रालय ने कहा, "आम लोगों और उनसे जुड़ी जगहों पर बार-बार हमले करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।" भारत ने कहा कि वह सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां के लोगों और सरकार के साथ खड़ा है। भारत ने उम्मीद जताई कि इस क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति लौटेगी और हालात सामान्य होंगे।
Statement on Houthi attacks on King Khalid International Airport and other civilian facilities ⬇️ ???? https://t.co/KqxIxD8ej5 https://t.co/S9IKDv13jQ
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) October 11, 2026
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हमले में किन देशों के लोगों की मौत हुई?
हमले में मारे गए लोगों में सऊदी अरब के चार नागरिक और बांग्लादेश के दो नागरिक शामिल थे। इनके अलावा फिलिस्तीन, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया और सूडान के एक-एक नागरिक की भी मौत हुई। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस हमले के लिए पड़ोसी देश यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया।
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इस हफ्ते तीसरी बार हुआ हवाई अड्डे पर हमला
रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस हफ्ते यह तीसरा हमला था। फरवरी के आखिर में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद मध्य पूर्व के किसी भी देश में यह सबसे घातक हमला बताया गया। शनिवार को रियाद आने वाली और वहां से जाने वाली सभी उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर भेज दिया गया। हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन भी कुछ समय के लिए रोक दिया गया।
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