पाकिस्तान: रावलपिंडी में क्यों लगभग एक महीने से लागू धारा 144 की अवधि बढ़ाई गई? मेट्रो बस सेवा भी निलंबित
रावलपिंडी, 8 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के धरना प्रदर्शन से घबराए रावलपिंडी प्रशासन ने शहर में लागू धारा 144 की मियाद बढ़ा दी है। इसके साथ ही राजधानी इस्लामाबाद और रावलपिंडी के बीच चलने वाली मेट्रो बस सेवा भी निलंबित कर दी गई है।
एक आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रतिबंधों को 15 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है। धारा 144 के तहत, सार्वजनिक सभाओं, रैलियों, प्रदर्शनों और जुलूसों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। अधिकारियों ने इस अवधि के दौरान हथियारों के प्रदर्शन और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है।
हम न्यूज के अनुसार, यह नोटिफिकेशन डिप्टी कमिश्नर रावलपिंडी हसन वकार चीमा ने जिला खुफिया समिति की सिफारिशों के बाद जारी किया। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए यह फैसला एहतियाती तौर पर लिया गया है, और नागरिकों से सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया गया है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि धारा 144 के उल्लंघन पर संबंधित कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि धारा 144 को लागू करने की वजह क्या है इसका खुलासा नहीं किया गया है लेकिन दबी जबान में इसे पीटीआई के देशव्यापी प्रदर्शन का नतीजा बताया जा रहा है। प्रमुख मीडिया हाउस डॉन के अनुसार पीटीआई का आरोप है कि दो साल पहले हुए चुनाव में धांधली की गई थी। 8 फरवरी 2024 को आम चुनाव के परिणामों को चुराया गया था। पिछले साल की तरह वो इस दिन पेशावर, इस्लामाबाद और तमाम बड़े शहरों में विरोध रैली निकालेंगे। पार्टी का कहना है कि इसके साथ ही वो शुक्रवार को इस्लामाबाद के तरलाई इलाके के इमामबारगाह धमाके के दुख में शोक दिवस भी मनाएगी।
रावलपिंडी स्थित आडियाला जेल में ही पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान बंद हैं, यहा वजह है कि यहां खास इंतजामात किए गए हैं।
वहीं, इस्लामाबाद और रावलपिंडी के बीच चलने वाली मेट्रो बस सेवा को पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है, जिससे रोजाना यात्रा करने वालों को असुविधा हो रही है।
मेट्रो बस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जिला प्रशासन के निर्देशों पर सदर स्टेशन से पाक सचिवालय तक सेवाएं रोक दी गई हैं। इसके अलावा, रावलपिंडी में इलेक्ट्रिक बस सेवा भी अगले आदेश तक निलंबित कर दी गई है।
अधिकारियों ने सेवाओं की बहाली के लिए कोई समय सीमा घोषित नहीं की है। उन्होंने दावा किया है कि स्थिति सामान्य होने पर परिचालन फिर से शुरू होगा।
सार्वजनिक परिवहन के निलंबन, साथ ही धारा 144 के विस्तार से, ट्विन सिटी (इस्लामाबाद और रावलपिंडी) में सुरक्षा को लेकर लोग संशकित हैं।
धारा 144 पहले जनवरी में लागू की गई थी और इसे कई बार बढ़ाया गया है। जनवरी 2026 के अंत में इसे 6 फरवरी तक बढ़ाया गया था, और अब 21 फरवरी तक विस्तार दिया गया है। यह प्रतिबंध सार्वजनिक सभाओं, रैलियों, जुलूसों, हथियारों के प्रदर्शन और लाउडस्पीकर के उपयोग पर लागू है।
यह स्थिति पाकिस्तान में राजनीतिक और सुरक्षा चुनौतियों को दर्शाती है, जहां ऐसे उपाय अक्सर विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए अपनाए जाते हैं।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील व्यापारियों और किसानों के लिए बड़ा फायदेमंद, निर्यात बढ़ने से आमदनी डबल होने की उम्मीद: एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर कारोबारी और कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के बीच खासा उत्साह है। उन्होंने इसे देश के लिए बेहद फायदेमंद बताया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस समझौते से न केवल व्यापारियों को राहत मिलेगी, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी यह अहम भूमिका निभाएगा। खासकर निर्यात शुल्क में कटौती और आयात पर सख्त शर्तों से घरेलू बाजार और उत्पादन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
दक्षिण गुजरात चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड, सूरत के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में 18 प्रतिशत टैरिफ तय किया जाना भारत के लिए लाभकारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पहले 25 प्रतिशत और बाद में और 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जो कुल मिलाकर 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था। अब इसे घटाकर सीधे 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे साफ है कि इस समझौते में भारत को बड़ा फायदा मिला है।
मद्रासी ने कहा कि अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने के बाद भारत ने दुनिया भर में वैकल्पिक बाजारों की तलाश की और इसमें सफलता भी हासिल की। इससे भारत सिर्फ अमेरिका पर निर्भर नहीं रहा। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से भारत को डबल बेनिफिट मिला है-एक तरफ टैरिफ कम हुआ है, जिससे पुरानी अनुकूल परिस्थितियां लौट सकती हैं, तो वहीं दूसरी तरफ नई वैश्विक रणनीति से भी देश को फायदा मिलेगा। यह डील भारत को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में और मजबूत करती है।
उन्होंने आगे बताया कि फिलहाल भारत से अमेरिका को 86.5 अरब डॉलर का निर्यात होता है, जबकि अमेरिका से भारत का आयात करीब 45.3 अरब डॉलर का है। उन्होंने कहा कि इस आंकड़े में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है, क्योंकि भारत ने अब वैश्विक व्यापार में एक स्थिर गति पकड़ ली है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीति का परिणाम बताया और कहा कि सरकार ने कभी दबाव में झुकने की कोशिश नहीं की, बल्कि बातचीत जारी रखी, जिसका नतीजा यह ट्रेड डील है।
इसके अलावा, सूरत एपीएमसी के निदेशक बाबू भाई शेख ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता दक्षिण गुजरात के किसानों और व्यापारियों के लिए, खासकर फल और सब्जी क्षेत्र में, बेहद फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस डील के तहत इन चीजों पर निर्यात शुल्क शून्य रखा गया है, जिससे स्थानीय कृषि और व्यापार को सीधा लाभ मिलेगा।
बाबूभाई शेख ने यह भी कहा कि इस समझौते में आयात को लेकर सख्त शर्तें रखी गई हैं, जिसके तहत अमेरिका से भारत में खट्टे फल, आलू, मटर और बीन्स जैसे उत्पादों का आयात नहीं होगा। इससे देश के किसानों को बड़ा संरक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में बेहद सराहनीय है। इस डील से व्यापारियों को सीधे व्यापार के अवसर मिलेंगे, निर्यात बढ़ेगा और इसका सीधा फायदा किसानों और व्यापारी वर्ग दोनों की आमदनी में बढ़ोतरी के रूप में देखने को मिलेगा।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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