भारत को आत्मनिर्भर बनाने और विश्व में शांति फैलाने के लिए समर्पण से काम करें स्वयंसेवक: मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को संघ के स्वयंसेवकों से देश को आत्मनिर्भर बनाने और पूरी दुनिया में शांति का संदेश फैलाने के लिए समर्पण भाव से काम करने का आह्वान किया। राज्य के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे भागवत ने कहा कि आरएसएस ने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं, लेकिन हमें इतने से ही संतुष्ट होकर बैठ नहीं जाना है। भागवत ने कहा, विश्व का मार्गदर्शन करने और दुनिया भर में शांति फैलाने के लिए भारत को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से समृद्ध होना होगा।
भारत माता को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संघ के स्वयंसेवकों को निष्ठापूर्वक काम करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए स्वयंसेवकों को अपने जीवन में अनुशासन, सत्य और प्रतिबद्धता को अपनाना चाहिए। संघ के एक पदाधिकारी ने बताया कि इससे पहले भागवत झारसुगुड़ा हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से संबलपुर गए, जहां उन्होंने स्वयंसेवकों से बातचीत कर उनका मनोबल बढ़ाया।
यूक्रेन नया राष्ट्रपति चुने, युद्ध रोकने में नाकाम रहे Zelenskyy: Donald Trump
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यूक्रेन को एक नया राष्ट्रपति चुनने का समय आ गया है क्योंकि वर्तमान राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के साथ अपने देश के युद्ध को समाप्त करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए हैं। इसके साथ ही ट्रंप ने अमेरिका में डीजल की ऊंची कीमतों के लिए भी जेलेंस्की को दोषी ठहराना। ट्रंप ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ रूस से डीज़ल खरीदने का समझौता किया था ताकि अमेरिका में मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन की ऊंची कीमतों पर काबू पाया जा सके।
उन्होंने अपने देश में डीजल की ऊंची कीमतों के लिए ईरान में अमेरिकी नेतृत्व वाले युद्ध के बदले यूक्रेन को दोषी ठहराने की कोशिश की। ट्रंप ने कहा, वह दुनिया के लिए मुश्किलें खड़ी करना चाहते हैं। वह डीजल ईंधन के ज़रिए हमारे किसानों और पशुपालकों के लिए परेशानी पैदा करना चाहते हैं।
ट्रंप ने शनिवार को व्हाइट हाउस में कहा, ‘‘मेरा सुझाव है कि वे (यूक्रेन के लोग) एक ऐसा नया नेता चुनें जो कोई समझौता कर सके। कुछ कारणों से वह (जेलेंस्की) ऐसा कभी नहीं करते।’’ ट्रंप ने यह दावा भी किया कि यदि वह 2022 में अमेरिका के राष्ट्रपति होते, तो यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता। उन्होंने कहा, ‘‘यूक्रेन और रूस के बीच यह युद्ध शुरू होने का कोई कारण नहीं था।
यह अक्षमता के कारण शुरू हुआ।’’ जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने (जेलेंस्की ने) अपने देश का 30 प्रतिशत हिस्सा गंवा दिया है और दोनों पक्षों को मिलाकर 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं तथा लाखों लोग मारे गए हैं। ट्रंप ने कहा, ‘‘यह एक ऐसा युद्ध है जो कभी शुरू ही नहीं होना चाहिए था। और मुझे लगता है कि अब समय आ गया है जब यूक्रेन को एक नया राष्ट्रपति चुनना चाहिए।
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