पाकिस्तान में रची गई थी हमले की साजिश, गिरफ्तार आरोपी मनीर अहमद पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में हुए आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है. NIA ने 9 अक्टूबर को जम्मू की विशेष NIA अदालत में 535 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इसमें गिरफ्तार आरोपी मनीर अहमद के साथ मारे जा चुके पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के तीन आतंकियों को भी आरोपी बनाया गया है. इनमें आतंकी कमांडर सैफुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह कश्मीरी उर्फ अतीक नजीर उर्फ अतीक उर रहमान शामिल है.
यह मामला 22 फरवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके के वानी मोहल्ला, पासर कोटे में हुए आतंकी हमले से जुड़ा है. NIA के मुताबिक, जांच में हमले की साजिश के तार पाकिस्तान से जुड़े मिले हैं.
चार्जशीट में सामने आईं अहम बातें
- 535 पन्नों की चार्जशीट दाखिल: NIA ने जम्मू की विशेष अदालत में गिरफ्तार आरोपी मनीर अहमद और मारे जा चुके तीन आतंकियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है.
- सैफुल्लाह था आतंकी कमांडर: चार्जशीट के अनुसार, पाकिस्तान का रहने वाला सैफुल्लाह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर था. वह कश्मीर टाइगर्स (अजरेल ग्रुप) से भी जुड़ा था. यह समूह जैश-ए-मोहम्मद के तहत काम करता था.
- सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकी ढेर: हमले में तीन आतंकी शामिल थे, जिनका नेतृत्व सैफुल्लाह कर रहा था. सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में तीनों मारे गए.
- मनीर अहमद पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप: NIA की जांच में गिरफ्तार आरोपी मनीर अहमद की भूमिका आतंकियों को मदद देने में सामने आई है. उस पर सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमलों में शामिल आतंकियों को जानबूझकर पनाह देने और छिपाने का आरोप है.
- पहाड़ी इलाकों में सक्रिय था आतंकी समूह: जांच एजेंसी के मुताबिक, यह समूह किश्तवाड़ जिले के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में सक्रिय था. इस पर सुरक्षा बलों के जवानों और स्थानीय लोगों की जान लेने वाले कई हमलों में शामिल होने का आरोप है.
- पाकिस्तान में रची गई साजिश: करीब पांच महीने तक चली जांच में NIA ने आतंकी हमले की साजिश के तार पाकिस्तान से जुड़े होने की बात कही है. मामले में आगे की जांच जारी है.
देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और साजिश रचने के आरोप
NIA ने मनीर अहमद के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं. वहीं, आरोपी आतंकियों के खिलाफ भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने और सीमा पार से साजिश रचने से संबंधित दंडात्मक प्रावधान भी लगाए गए हैं.
जांच एजेंसी के अनुसार, चार्जशीट में हमले की साजिश, तीनों मारे गए आतंकियों की भूमिका, मनीर अहमद की कथित मदद और इन आरोपों के समर्थन में जुटाए गए साक्ष्यों का विवरण दिया गया है. मामले में आगे की जांच जारी है.
Mumbai में बिना अनुमति प्रदर्शन पर Tushar Gandhi और Imran Khan समेत 400 हिरासत में
नयी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के समर्थन में यहां बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में मुंबई के विभिन्न स्थानों से पुलिस ने शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी, अभिनेता इमरान खान और माकपा कार्यकर्ताओं समेत करीब 400 लोगों को हिरासत में लिया। प्रदर्शन अगस्त क्रांति मैदान, हुतात्मा चौक और अन्य स्थानों पर किए गए। हुतात्मा चौक पर प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाली वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के कई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि तुषार गांधी के नेतृत्व वाले ‘हम भारत के लोग’ संगठन के सदस्यों और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं समेत सैकड़ों लोग बिना अनुमति के अगस्त क्रांति मैदान में एकत्र हुए थे। इनमें से करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारी ने कहा कि उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर मुंबई के विभिन्न स्थानों से करीब 400 लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों में शामिल रुबैद भोजानी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ‘‘बहुत बेरहमी’’ दिखाते हुए उन्हें हिरासत में लिया। भोजानी ने कहा, ‘‘हमने प्रधानमंत्री को वोट दिया था, लेकिन उन्होंने हमें धोखा दिया।
हम मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हैं।’’ अगस्त क्रांति मैदान में हिरासत में लिए गए लोगों में अभिनेता इमरान खान भी शामिल थे। अभिनेता ने पुलिस वैन से सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘‘जाहिर तौर पर, मैं ड्राइव पर जा रहा हूं।’’ प्रदर्शन में शामिल एक बुजुर्ग जिन्हें हृदय में पेसमेकर लगा हुआ था, ने आरोप लगाया कि एक पुलिस कांस्टेबल ने उन्हें खींचा और धक्का दिया। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि कुछ नारे लगाने और जोशीले भाषणों के साथ शांतिपूर्ण बैठक हो सकती थी, लेकिन पुलिस ने लोगों को घसीटकर वैन में बैठाया और हिरासत में लेकर उसे एक हिंसक तमाशे में बदल दिया।
प्रदर्शनकारियों को गामदेवी और तारदेव पुलिस थानों में ले जाया गया। इससे पहले दिन में महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी को बांद्रा से हिरासत में लेकर डी. एन. नगर पुलिस थाने ले जाया गया था। बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर एकत्र हुए।
शिवसेना (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे भी गांधी की रिहाई की मांग को लेकर पुलिस थाने पहुंचे। ‘हम भारत के लोग’ संगठन का नेतृत्व करने वाले गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पोस्टर साझा कर नागरिकों से अपराह्न साढ़े तीन बजे अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। सामाजिक कार्यकर्ता फिरोज मिथिबोरवाला को भी उनके घर से हिरासत में लेकर एमआईडीसी पुलिस थाने ले जाया गया।
इस बीच, दादर के शिवाजी पार्क में कॉजपा सदस्यों को प्रदर्शन करने से रोकने के लिए महिला अधिकारियों समेत अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। मुंबई के अन्य स्थानों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने कहा कि मुंबई उच्च न्यायालय के एक आदेश के अनुसार अगस्त क्रांति मैदान को प्रदर्शन स्थल के रूप में निर्धारित नहीं किया गया है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कार्रवाई की गई।
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