ठाणे पुलिस ने Pradeep Purnekar मर्डर केस में यूपी कोर्ट से दो संदिग्धों का Transit Remand मांगा
ठाणे पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) शिवसेना (उबाठा) के पदाधिकारी प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में पकड़े गए दो प्रमुख संदिग्धों को पुणे लाने के लिए उत्तर प्रदेश की एक अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल करने की प्रक्रिया में है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेश साल्वी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दोनों आरोपियों को ठाणे लाया जाएगा और कानूनी कार्रवाई के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।
पुलिस ने शुक्रवार को बताया था कि संतोष कनोजिया उर्फ टल्ली और अमित सिंह उर्फ पपलू को ठाणे पुलिस की एक टीम ने प्रयागराज से पकड़ा है। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या पांच हो गई है। सूत्रों ने बताया कि कनोजिया के खिलाफ पूर्व में लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था।
संदेह था कि वह देश छोड़कर भागने या दूसरे राज्यों में जाने की कोशिश कर सकता है। इस बीच, एसआईटी ठाणे में पुलिस हिरासत में मौजूद तीन अन्य आरोपियों से पूछताछ कर रही है। एसआईटी इससे पहले सुभाष उर्फ पप्पया शिंदे, निखिल यादव और नितेश पवार को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के एक अधिकारी ने पूर्व में बताया था कि हत्या की पूरी साजिश कनोजिया और शिंदे ने रची थी। उन्होंने हथियारों और वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन सहित अन्य जरूरी इंतजाम किए थे। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी में मनपाड़ा के वार्ड प्रमुख रहे पूर्णेकर की 29 सितंबर को हत्या कर दी गई थी।
Sonam Wangchuk ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की निंदा की, दी भूख हड़ताल की चेतावनी
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन को रोकने के लिए छात्र और युवा नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि देश में स्थिति ‘अघोषित आपातकाल’ जैसी लग रही है। उन्होंने सरकार से गिरफ्तारियां रोकने और बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान करने की अपील की। वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि अगले 24 घंटे में पाबंदियां नहीं हटाई गईं, तो वह लेह या दिल्ली में शांतिपूर्ण धरना देने, भूख हड़ताल करने या पदयात्रा निकालने पर विचार कर सकते हैं।
दिल्ली में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों की खबरों के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर यह संदेश साझा किया। ये गिरफ्तारियां जंतर-मंतर पर कॉजपा के प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए की गई थीं। कॉजपा ने मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन का आह्वान किया था।
वांगचुक ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अघोषित आपातकाल के दौर से गुजरेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी थी कि आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए इतने सारे नेता मौजूद हैं, लेकिन अब मुझे पता चला है कि उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुझे उम्मीद है कि गिरफ्तार किए गए लोगों को जल्द रिहा कर दिया जाएगा। यदि उन्हें कल तक रिहा नहीं किया गया, तो मैं अनशन या पदयात्रा निकालने पर विचार करने के लिए मजबूर हो जाऊंगा।’’ वांगचुक ने एक वीडियो संदेश भी साझा किया, जिसमें ‘अघोषित आपातकाल’ की निंदा करते हुए सरकार से बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान करने की अपील की।
वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता चला कि आज (शनिवार) दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें छात्र नेता, युवा नेता, वकील, पत्रकार और यहां तक कि सांसद भी शामिल हैं। कल जब मैंने आप सभी को आज के प्रदर्शनों के दौरान शांति और एकता बनाए रखने का आग्रह करते हुए संदेश भेजा था, तब मुझे विश्वास था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की निश्चित रूप से अनुमति दी जाएगी।’’ प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की और पाबंदियां लगाईं। प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश कर रहे विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
इनमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन और माणिक सरकार शामिल हैं।
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