Responsive Scrollable Menu

Raigarh Road Accident Data 2026: 9 महीनो में 621 सड़क हादसे.. 334 लोगों की दर्दनाक मौतें, रोड एक्सीडेंट के मामले में रिकॉर्ड कायम कर रहा छत्तीसगढ़ का ये जिला

जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क हादसों को रोकने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में हेलमेट बांटे जा रहे हैं और स्कूलों में भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

Continue reading on the app

मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थन में उतरे 124 पूर्व IAS और IFS, चुनावी धांधली के दावों को बताया पूरी तरह बेबुनियाद

SIR Controversy:  देश की लोकतांत्रिक प्रणाली और चुनाव प्रक्रिया पर उठते राजनीतिक सवालों के बीच देश के 124 पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने एक बड़ा और कड़ा संदेश दिया है. भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अफसरों ने एकजुट होकर चुनाव आयोग और उसकी कार्यप्रणाली का जोरदार समर्थन किया है. दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद इन पूर्व अधिकारियों ने सीधे देश के आम नागरिकों के नाम एक खुला पत्र लिखा है.

इस साझा पत्र में अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत का वर्तमान चुनावी ढांचा पूरी तरह मजबूत, पारदर्शी और अभेद्य है. बिना किसी ठोस सबूत के संस्थाओं पर उंगली उठाना और हार का ठीकरा चुनावी प्रक्रिया पर फोड़ना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता.

आधुनिक दौर में चुनावी सुरक्षा का मजबूत चक्र

पूर्व नौकरशाहों ने अपने पत्र में विस्तार से समझाया है कि भारतीय चुनाव प्रणाली में सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए हर स्तर पर कड़े नियम बनाए गए हैं. मतदान केंद्र पर वोटिंग शुरू होने से लेकर परिणाम आने तक हर प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के पोलिंग एजेंट मौजूद रहते हैं. मतदान समाप्त होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को एजेंटों के सामने सील किया जाता है. इसके बाद मशीनों को कड़ी निगरानी वाले स्ट्रॉन्ग रूम में केंद्रीय सुरक्षा बलों के पहरे में रखा जाता है.

इन कमरों पर चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरे नजर रखते हैं और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी बाहर पहरा देने की पूरी छूट होती है. इसके साथ ही वीवीपैट पर्चियों का मिलान भी किया जाता है. इतने सारे स्तरों पर होने वाली जांच के बाद किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी या मानवीय हेराफेरी की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाती है.

बूथ कैप्चरिंग के अंधकार से निष्पक्ष मतदान तक का सफर

पूर्व अधिकारियों ने इस बात पर विशेष ध्यान दिलाया कि भारत का चुनाव तंत्र अब उस पुराने दौर से बहुत आगे निकल चुका है जब बूथ कैप्चरिंग, मतपेटियों में फर्जी मतपत्र भरना और हिंसा की घटनाएं आम बात हुआ करती थीं. पहले के समय में बाहुबल के दम पर मतदान केंद्रों पर कब्जा कर लिया जाता था, जिससे सच्चा जनादेश छिप जाता था. पत्र में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का सीधा उदाहरण देते हुए बताया गया कि इतने बड़े राज्य में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हुआ. पूरे चुनाव के दौरान किसी भी एक केंद्र पर दोबारा मतदान कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी. इतना ही नहीं, उस चुनाव में वर्ष 1951 के बाद से अब तक का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया. यह ऐतिहासिक उपलब्धि दिखाती है कि जनता का विश्वास मतदान व्यवस्था पर कितना गहरा हुआ है.

जीत पर चुप्पी और हार पर सवाल उठाने का दोहरा रवैया

पूर्व अधिकारियों ने राजनीतिक दलों के दोहरे रवैये पर सीधा प्रहार किया है. पत्र में बेहद दो टूक शब्दों में कहा गया है कि कोई भी व्यवस्था ऐसी नहीं हो सकती जो चुनाव जीतने पर तो निष्पक्ष लगे और चुनाव हारते ही उसमें धांधली दिखने लगे. अधिकारियों ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि मौजूदा चुनाव आयोग की देखरेख में ही केंद्र की सत्ताधारी पार्टी कई राज्यों के विधानसभा चुनाव हारी है. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्र में सत्तारूढ़ दल ने अपना पूर्ण संसदीय बहुमत भी खो दिया था. अगर तंत्र किसी एक दल के पक्ष में काम कर रहा होता, तो ऐसे चुनावी परिणाम कभी संभव नहीं होते. अधिकारियों ने कहा कि सवाल पूछना निश्चित रूप से हर नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है, लेकिन गंभीर आरोप लगाने वालों की यह नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी भी है कि वे उन आरोपों को ठोस प्रमाणों के साथ सिद्ध करें.

वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण क्यों जरूरी है

विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर फैलाई जा रही आशंकाओं का जवाब देते हुए अधिकारियों ने कहा कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन बनाना निष्पक्ष चुनाव की पहली शर्त है. बिहार का आंकड़ा सामने रखते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान के माध्यम से लगभग बाईस लाख मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए. इसके अलावा करीब सात लाख ऐसे नाम पकड़े गए जो एक से अधिक जगहों पर दर्ज थे. इसी प्रक्रिया के दौरान लगभग साढ़े इक्कीस लाख नए और पात्र मतदाताओं को वोटर लिस्ट में जोड़ा भी गया. अधिकारियों ने साफ कहा कि अगर मतदाता सूची को साफ और दुरुस्त नहीं किया जाएगा, तो असली मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा नहीं हो पाएगी, बल्कि इससे फर्जी वोट डालने वालों को बढ़ावा मिलेगा. एक पारदर्शी मतदाता सूची ही लोकतंत्र की रीढ़ होती है.

नियमों, अपीलों और न्यायपालिका की निगरानी में सुधार

पूर्व नौकरशाहों ने यह भी याद दिलाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम किसी कमरे में बैठकर चुपचाप नहीं किया जाता. इसके भीतर कई स्तरों पर सुरक्षा और जांच के प्रावधान मौजूद हैं. किसी का नाम हटाने या जोड़ने से पहले बाकायदा नोटिस जारी किया जाता है, पक्षों की सुनवाई होती है और आपत्ति दर्ज कराने के लिए अपील का पूरा अवसर दिया जाता है. इस पूरी कवायद में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ स्तर के एजेंट सक्रिय रूप से भाग लेते हैं. पत्र में उल्लेख किया गया कि देश की सर्वोच्च अदालत ने भी इस पूरी प्रक्रिया की कानूनी पड़ताल की थी. अदालत ने जरूरी अतिरिक्त सुरक्षा उपाय सुझाते हुए चुनाव आयोग के इस कदम और उसके संवैधानिक अधिकारों को पूरी तरह सही ठहराया था.

संस्थाओं पर भरोसा बनाए रखने की अपील

पत्र के अंत में पूर्व नौकरशाहों ने चुनावी नतीजों पर सवाल उठाने वाले नेताओं और संगठनों से आत्ममंथन करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि जिस व्यवस्था पर आज धांधली का ठप्पा लगाया जा रहा है, उसी व्यवस्था और उसी वोटिंग मशीन से अतीत में उन दलों ने भी ऐतिहासिक जीत हासिल की थी. ऐसे में सवाल उठाने वालों को खुद से यह पूछना चाहिए कि उन्हें वास्तव में देश की चुनावी व्यवस्था पर शक है या फिर वे केवल अपने प्रतिकूल आए चुनाव परिणामों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिशें अंततः नागरिकों के भरोसे को चोट पहुंचाती हैं, इसलिए बिना साक्ष्य के अविश्वास का माहौल खड़ा करना बंद होना चाहिए.

यह भी पढ़ें: Explainer: सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी नहीं दी तो Form-6 में कैसे हुआ बदलाव? SC और चुनाव आयोग में किस बात पर विवाद?

Continue reading on the app

  Sports

यशस्वी जायसवाल की आखिरी क्या मजबूरी है? बैटिंग छोड़ विकेटकीपिंग पर उतरे, जानें वसीम जाफर ने क्या कहा

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा ओपनर बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को हाल ही में विकेटकीपिंग करते हुए देखा गया था. इस पर अब पूर्व क्रिकेटर वसीम जाफर ने यशस्वी को सलाह दी है. वसीम जाफ ने यशस्वी को साफ तौर पर कहा है कि वह सिर्फ अपने बैटिंग पर ध्यान दें. उन्हें विकेटकीपिंग करने की कोई जरूरत नहीं है. Sun, 11 Oct 2026 06:16:40 +0530

  Videos
See all

Iran America War Live Update: World War 3 का खतरा? | Trump | IRGC | Khamenei | Putin | Hormuz | War #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-11T01:16:43+00:00

Iran America War LIVE: ईरान अमेरिका युद्ध के हालात! | Trump | Hormuz | IRGC | Middle East War | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-11T01:15:39+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers