मुंबई में 400 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए, एक्टर इमरान खान भी डिटेन
चीफ़ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में मुंबई में हुए प्रदर्शनों के दौरान 400 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें एक्टर इमरान ख़ान भी शामिल थे। पुलिस ने बिना इजाज़त जमा होने से रोकने के लिए अगस्त क्रांति मैदान और शहर की दूसरी जगहों पर लोगों को हिरासत में लिया। इससे पहले दिन में, उसी जगह से कम से कम 200 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें एक्टिविस्ट तुषार गांधी के संगठन 'हम भारत के लोग' के सदस्य और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी) के समर्थक शामिल थे। ये प्रदर्शनकारी राजधानी दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के समर्थन में एकजुटता दिखाने के लिए बिना इजाज़त जमा हुए थे।
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राहुल ने भारत के युवाओं का समर्थन किया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS पर संविधान पर हमला करने का आरोप लगाया और कहा कि "धीरे-धीरे उनके लिए गुंजाइश कम होती जा रही है"। दिल्ली में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए, उन्होंने युवाओं से अपना विरोध जारी रखने को कहा और भरोसा दिलाया कि संविधान की रक्षा और लोगों की आवाज़ बुलंद करने में कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी। राहुल ने एक्स पर पोस्ट किया हम अपने संविधान की रक्षा करेंगे। हम भारत के लोगों की आवाज़ की रक्षा करेंगे। और हम यह पक्का करेंगे कि पिछले 10-15 सालों में भारत के साथ जो हुआ, वह दोबारा कभी न हो। भारत के युवाओं, मुझे आप पर गर्व है। विरोध जारी रखें। हम आपके साथ खड़े हैं।
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सोनम वांगचुक ने अनशन की दी चेतावनी
क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने चेतावनी दी है कि अगर दिल्ली में CJP विरोध प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए नेताओं को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वे भूख हड़ताल या पदयात्रा कर सकते हैं। भारत में हालात को अघोषित इमरजेंसी बताते हुए वांगचुक ने कहा कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन से पहले एकता और शांति की अपील की थी, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इस आंदोलन से जुड़े नेताओं को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर वे हिरासत में ही रहे, तो उन्हें अनशन (भूख हड़ताल) या पदयात्रा करने पर विचार करना पड़ सकता है।
Delhi Riots मामले में पूर्व आप पार्षद Tahir Hussain दंगा भड़काने के दोषी करार
दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े दयालपुर इलाके के एक मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दंगा भड़काने के लिए उकसाने का शनिवार को दोषी ठहराया, जबकि 12 अन्य आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने हुसैन को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147 (दंगा करने के लिए सजा) के साथ धारा 109 (उकसाना) के तहत दोषी ठहराया। हालांकि, अदालत ने उसे अन्य आरोपों से बरी कर दिया।
अदालत ने हुसैन की सजा पर दलीलें सुनने के लिए मामले की सुनवाई 16 नवंबर को तय की है। विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा है। इस मामले में कुल 13 आरोपी थे।
इनमें हुसैन के अलावा मोहम्मद शादाब, शाह आलम, रियासत अली, गुलफाम, राशिद, मोहम्मद रिहान, मोहम्मद आबिद, अरशद कय्यूम, इरशाद अहमद, दीपक सिंह सैनी, नवनीत और महक सिंह शामिल थे। इन सभी पर दंगा करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आग से नुकसान पहुंचाने और आपराधिक साजिश रचने समेत कई अपराधों के आरोप लगाए गए थे। अदालत ने हुसैन के 12 सह-आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया, जबकि पूर्व पार्षद को दो आरोपों में दोषी ठहराया और बाकी आरोपों से बरी कर दिया।
जुलाई में दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े एक मामले में हुसैन और चार अन्य लोगों को दोषी ठहराया था। यह मामला अंकित शर्मा के पिता रवींद्र कुमार की शिकायत पर दयालपुर पुलिस थाने में दर्ज एक प्राथमिकी से संबंधित है। इस मामले में नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने हुसैन को निलंबित कर दिया था।
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे और संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा था।
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