Flydubai Flight में Captain Smit Machchhar पर हमला मामले की जाँच NIA ने संभाली, अब सामने आयेगा साजिश का पूरा सच
फ्लाईदुबई की विमान में हुई घटना की जांच अब एनआईए करेगी। देखा जाये तो दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हुआ जानलेवा हमला अब अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा के साथ-साथ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर जांच का विषय बन गया है। हम आपको बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 30 सितंबर 2026 को हुई इस सनसनीखेज घटना की जांच के लिए 9 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों के मुताबिक, मामला एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA, 1967 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। अब जांच का दायरा इस सवाल तक पहुंचेगा कि यह हमला केवल एक आरोपी की कथित हरकत थी या इसके पीछे कोई व्यापक साजिश भी थी।
हम आपको याद दिला दें कि घटना फ्लाइट FZ1073 की है, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान के ओमानी सह-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन मच्छार पर धारदार उपकरण से हमला किया था। संयुक्त अरब अमीरात के अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपी का कथित इरादा विमान को इजराइल के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त करना था। हालांकि, इस हमले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।
हम आपको यह भी बता दें कि हमले में गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छार को पहले ताबुक में प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में बेहतर चिकित्सा के लिए अबू धाबी स्थानांतरित किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 7–8 अक्टूबर को बताया था कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है और वह इलाज पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं। भारतीय दूतावास उनके परिवार, चिकित्सकों और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। 10 अक्टूबर तक उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कोई नई, विस्तृत आधिकारिक चिकित्सकीय जानकारी सामने नहीं आई है।
उधर, कैप्टन मच्छार की बहादुरी की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। इजराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने कैप्टन मच्छार को Presidential Award for Civilian Heroism से सम्मानित किए जाने की घोषणा की है। यह सम्मान विमान में यात्रियों की जान बचाने में उनकी भूमिका के लिए दिया जायेगा।
दूसरी ओर, NIA की जांच अब इस घटना को केवल विमान के भीतर हुई हिंसा तक सीमित नहीं रखेगी। विमान के कॉकपिट तक पहुंच, सह-पायलट की पृष्ठभूमि, सुरक्षा जांच की प्रभावशीलता और संभावित वैचारिक या अन्य संपर्कों की पड़ताल अहम होगी। यह भी स्पष्ट करना होगा कि क्या किसी स्तर पर पहले से चेतावनी के संकेत मौजूद थे और क्या उन्हें नजरअंदाज किया गया। देखा जाये तो इस घटना का रणनीतिक महत्व इसलिए भी बड़ा है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में एक व्यक्ति की कार्रवाई कई देशों की सुरक्षा को एक साथ प्रभावित कर सकती है। भारत, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इजराइल के बीच जांच संबंधी सहयोग तथा खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण होगा। NIA की जांच यह समझने में मदद कर सकती है कि विमानन सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए किन उपायों की जरूरत है।
CEC के खिलाफ Jantar Mantar पर प्रदर्शन की कोशिश, 3000 लोग दिल्ली पुलिस की हिरासत में
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे लगभग 3000 प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को हिरासत में ले लिया। सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को नयी दिल्ली इलाके और अन्य जिलों से हिरासत में लिया गया। पुलिस प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है।
प्रदर्शनकारियों को रीगल सिनेमा के पास, मिंटो ब्रिज और आकाशवाणी भवन के पास सहित कई स्थानों से हिरासत में लिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जंतर मंतर पर कॉजपा के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले एहतियाती उपायों के तहत राष्ट्रीय राजधानी के सभी जिलों से आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। सूत्रों ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति न पैदा करें।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस कुछ ऐसे लोगों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रख रही है, जो प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों को जुटा सकते हैं या उन्हें इसमें शामिल होने के लिए प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा उपायों के तहत ऐसे लोगों के घरों के बाहर निगरानी भी बढ़ा दी गई है। विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) देवेश श्रीवास्तव ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने आज सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं और पड़ोसी राज्यों से सटे इलाकों में पड़ोसी पुलिस बलों के समन्वय से ‘पिकेट’ स्थापित किए गए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों को जमीनी स्तर पर तैनात किया गया है। इसके साथ ही हमें नागरिकों का सहयोग मिल रहा है और अमन कमेटी जैसी हमारी ‘कम्युनिटी पुलिसिंग’ टीम काम कर रही हैं।’’ उन्होंने बताया कि पुलिस ने नागरिकों से इस प्रदर्शन में हिस्सा न लेने की अपील की है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
जंतर-मंतर की ओर जाने वाले लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है, क्योंकि हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ऐसे किसी प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।’’ किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजधानी भर में, विशेषकर जंतर-मंतर की ओर जाने वाले मार्गों और अन्य संवेदनशील इलाकों में रणनीतिक स्थानों पर पुलिसबल को तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत कड़ी निगरानी रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने के संदिग्ध लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने कहा कि नयी दिल्ली क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू है और लोगों से पाबंदियों का पालन करने की अपील की गई है।
कॉजपा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने और नए मतदाता के पंजीकरण के वास्ते इस्तेमाल होने वाले ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप लगा रही है। इस मुद्दे को लेकर कॉजपा ने विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है।
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