हिरासत में अभिजीत दीपके, उधर गम में डूब गया उनका परिवार, क्या वापस लौटेंगे मुंबई?
महाराष्ट्र के हिंगोली ज़िले में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक और संयोजक अभिजीत डिपके की दादी, सावित्रीबाई शंकर डिपके का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह लगभग 80 साल की थीं। सावित्रीबाई ने अभिजीत डिपके के पैतृक गाँव संटुक पिंपरी में अंतिम सांस ली, जहाँ उनके दादा-दादी रहते थे। उनके निधन से डिपके परिवार और गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है। दिल्ली पुलिस ने अभिजीत डिपके को सौरव दास और आशुतोष रंका के साथ विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया, जैसे ही उनकी फ़्लाइट राष्ट्रीय राजधानी में उतरी। सीजेपी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए मुंबई से यहाँ पहुँचे थे।
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छत्रपति संभाजीनगर में अपने घर 'शंकर सदन' में रहने वाले उनके माता-पिता, सावित्रीबाई की मौत के बाद संटुक पिंपरी जाने की तैयारी कर रहे हैं। डिपके के चाचा ने मीडिया को बताया कि सावित्रीबाई का अंतिम संस्कार रविवार सुबह 9:30 बजे से 10 बजे के बीच होगा। उम्मीद है कि अभिजीत डिपके भी अपने पैतृक गांव में अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
प्रोटेस्ट के बीच सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को दिल्ली पुलिस बस में भरकर कहां ले जा रही थी? तुरंत एक्शन में आए CJI सूर्यकांत
दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट परिसर के पास विरोध प्रदर्शन करते समय हिरासत में लिए गए लगभग 50-60 वकीलों (जिनमें सीनियर और महिला वकील भी शामिल थे) को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के दखल के बाद कुछ घंटों बाद रिहा कर दिया गया। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी, और इसी दौरान ये गिरफ्तारियां हुईं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) द्वारा CJI को पत्र लिखकर हिरासत में लिए गए वकीलों के मामले में दखल की मांग करने के बाद उन्हें रिहा किया गया। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने अधिकारियों से हिरासत में लिए गए वकीलों को रिहा करने को कहा। सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट देवव्रत ने भी पुष्टि की कि CJI ने अधिकारियों को वकीलों को रिहा करने का निर्देश दिया था। SCBA के प्रेसिडेंट प्रदीप राय ने सुबह करीब 11:30 बजे एक्स पर एक पोस्ट में यह मुद्दा उठाया और सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को उनके चैंबर से हिरासत में लिए जाने की खबरों को बेहद परेशान करने वाला बताया।
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राय ने कहा कि यह मामला तुरंत CJI के ध्यान में लाया जा रहा है और उन्होंने वकीलों की तुरंत रिहाई की मांग की। राय ने कहा वकीलों को मनमाने ढंग से हिरासत में लेना और उन्हें डराना-धमकाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं वकीलों की तुरंत रिहाई की मांग करता हूं। लगभग 10 मिनट बाद, राय ने एक अपडेट पोस्ट किया कि उन्होंने नई दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (DCP) से भी बात की है, जिन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि हिरासत में लिए गए वकीलों को तुरंत रिहा कर दिया जाएगा। राय ने एक और पोस्ट में लिखा, अभी नई दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस से बात हुई। वे वकीलों को तुरंत रिहा कर रहे हैं।
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इस बीच, SCBA की मानद सचिव प्रज्ञा बघेल ने CJI को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर शांतिपूर्ण विरोध कर रहे वकीलों को हिरासत में लिए जाने के मामले में तुरंत दखल देने की मांग की। अपने पत्र में बघेल ने कहा कि कई सीनियर वकीलों और अन्य वकीलों (जिनमें महिला वकील भी शामिल हैं) को कथित तौर पर पुलिस की ज़रूरत से ज़्यादा ताक़त का इस्तेमाल करके हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने इस कथित कार्रवाई की निंदा करते हुए और "गहरी चिंता" ज़ाहिर करते हुए एक प्रस्ताव पास किया है। SCBA ने CJI से अपील की कि वे संबंधित अधिकारियों से बात करके हिरासत में लिए गए वकीलों की जगह और सुरक्षा का पता लगाएं, उन्हें कानूनी मदद मिलनी सुनिश्चित करें और उन लोगों को रिहा करवाएं जिन्हें हिरासत में लेने का कोई कानूनी आधार नहीं था।
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