मीठे के शौकीन हैं तो ये पांच विकल्प रखेंगे सेहत का ख्याल
नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। सफेद चीनी या टेबल शुगर हर घर की रसोई का हिस्सा है, और चाय से लेकर हर मीठे व्यंजन में सफेद चीनी का इस्तेमाल किया जाता है।
सफेद चीनी सेहत के लिए बड़ी खतरनाक है, क्योंकि इसमें 90 फीसदी तक सुक्रोज होता है, जो रक्त में शर्करा की मात्रा को तेजी से बढ़ाता है और लंबे समय तक सेवन करने से मोटापा, डायबिटीज और कई बीमारियों का कारण बन सकता है। यही कारण है कि सफेद चीनी को मीठा जहर भी कहा जाता है।
अगर आप भी मीठे के शौकीन हैं और सफेद चीनी को आहार में लेते हैं तो तुरंत बंद कर लें। इसके बजाय आहार में मीठे की जगह इन पांच विकल्पों को शामिल कर सकते हैं जो सफेद चीनी से कई गुना ज्यादा बेहतर हैं।
पहला है खजूर। बाजार में दो तरीके के खजूर मिलते हैं। एक प्राकृतिक रूप से पके हुए और दूसरे गुड़ में पके हुए। दोनों ही खजूर के अपने फायदे हैं, लेकिन मीठे की तलब को कम करने के लिए प्राकृतिक रूप से पके हुए खजूरों का सेवन करना लाभकारी रहता है। ये स्वाद में तो मीठे होते ही हैं, साथ ही हॉर्मोन्स को संतुलित करने का काम करते हैं।
दूसरा विकल्प है नारियल चीनी। नारियल के रस से बनी चीनी लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होती है, जो शुगर को रक्त में तेजी से नहीं बढ़ाती है, और इसमें खनिज और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं, लेकिन हां, इसमें कैलोरी ज्यादा होती है। इसका उपयोग रोजमर्रा की सफेद चीनी की जगह किया जा सकता है।
तीसरा विकल्प है स्टीविया, जिसे मीठी तुलसी के नाम से भी जाना जाता है। इससे बने उत्पाद जीरो कैलोरी और जीरो शुगर वाले होते हैं, लेकिन यह हल्के मीठे और कड़वे स्वाद के साथ आती है। खास बात ये है कि स्टीविया का सेवन करने से शुगर लेवल नहीं बढ़ता है। इसके अलावा, स्टीविया का उपयोग हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन, गैस एसिडिटी, त्वचा के रोग आदि के इलाज में भी किया जा सकता है।
चौथा विकल्प है धागे वाली मिश्री। धागे वाली मिश्री मीठी होती है, लेकिन ये पेट को ठंडक पहुंचाती है और पाचन में सहायता करती है। इसके अलावा, इसमें सफेद चीनी की तुलना में कम कैलोरी होती है।
पांचवां विकल्प है गुड़ या गुड़ से बनी शक्कर। गुड़ या गुड़ से बनी शक्कर बाजार में आसानी से मिल जाती है। ये चीनी की तुलना में कम नुकसानदेह होती है।
--आईएएनएस
पीएस/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
न्यूजीलैंड: सीवेज का पानी समुद्र में बहा, स्थानीय निवासियों को दी गई बीच पर न जाने की सलाह
वेलिंगटन, 7 फरवरी (आईएएनएस)। खूबसूरत देश न्यूजीलैंड में सीवेज लीक ने बड़ी मुसीबत को न्योता दे दिया है। राजधानी वेलिंगटन के समुद्र में हुए सीवेज लीक को स्थानीय अधिकारियों ने एनवायरनमेंटल डिजास्टर बताया है। वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की मरम्मत में महीनों लग सकते हैं। स्थिति भयावह है और इसे लेकर जल सेवा प्रदाता वेलिंगटन वॉटर ने जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
वेलिंगटन के लोगों को सलाह दी गई है कि वे पानी में न जाएं, सीफूड इकट्ठा न करें, या लोकल बीच पर अपने कुत्तों को भी न घुमाएं।
4 फरवरी 2026 को इस आपदा का पता चला। न्यूजीलैंड की राजधानी वेलिंगटन में मुआ पॉइंट सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में गंभीर खराबी की खबर मिली। इसका कारण लगभग 70 मिलियन लीटर अनुपचारित सीवेज वॉटर का समुद्र में बहना बताया गया।
वेलिंगटन वॉटर के अनुसार, बुधवार को भारी बारिश के कारण मोआ पॉइंट सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की निचली मंजिलों में पूरी तरह पानी भर गया, जिससे 1.8 किमी लंबी आउटफॉल पाइप में सीवेज बैकअप हो गया, जो आम तौर पर ट्रीटेड गंदे पानी को कुक स्ट्रेट (कुक जलडमरूमध्य) में छोड़ता है।
नतीजतन, बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज एक छोटी पांच-मीटर आउटफॉल पाइप से वेलिंगटन के दक्षिणी तट के पानी में बहने लगा।
न्यूजीलैंड के 1न्यूज ने बताया कि वेलिंगटन वॉटर के मुख्य कार्यकारी पैट डोहर्टी ने कहा कि लगभग 70 मिलियन लीटर रॉ वेस्ट वॉटर लीक हो गया था।
डोहर्टी ने कहा कि आउटफॉल पाइप क्यों फेल हो गई, इसे वो समझ नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा, आउटफॉल पाइपलाइन की क्षमता ट्रीटमेंट प्लांट से अधिक है; इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि कुछ भी हो जाए, यह काम करे।
वेलिंगटन के मेयर एंड्रयू लिटिल ने गुरुवार को इस लीक को भयानक विफलता करार दिया और कहा: यह एक सीवेज प्लांट है जो एक बड़े शहर के सीवेज को प्रोसेस करता है, और यह पूरी तरह से फेल हो गया है।
शुक्रवार सुबह एक फेसबुक अपडेट में, वेलिंगटन वॉटर ने कहा कि उसने लंबी आउटफॉल पाइप और स्क्रीनिंग सिस्टम के ऑपरेशन को आंशिक रूप से बहाल कर दिया है, जो गंदे पानी से सैनिटरी पैड और वेट वाइप्स को हटाता है।
आरएनजी न्यूज के अनुसार, वेलिंगटन वॉटर ने लंबे आउटफॉल पाइप को आंशिक रूप से बहाल किया है, लेकिन पीक फ्लो के दौरान छोटे पाइप का उपयोग जारी रहने की उम्मीद है। यह रिसाव वेलिंगटन के दक्षिण तट के समुद्र में हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।
इस विनाशकारी घटना के बाद अधिकारियों ने दक्षिण तट के समुद्र तटों को बंद कर दिया है और लोगों को तैरने या शेलफिश इकट्ठा करने से बचने की चेतावनी दी है, क्योंकि पानी में बैक्टीरिया और वायरस का खतरा है।
वेलिंगटन में डाइविंग का भी खूब क्रेज है। लोग इसे शौकिया या नियमित तौर पर खेल के रूप में अपनाते हैं। लेकिन अब इस पर भी आशंका के बादल मंडराने लगे हैं।
डाइव वेलिंगटन के मालिक डेव ड्रेन ने ओटागो डेली टाइम्स को बताया, “यह हम पर आर्थिक रूप से भी नकारात्मक असर डालेगा। खबर फैल गई है और लोग कहने लगे हैं कि वे वेलिंगटन में डाइविंग नहीं सीखेंगे, और साथ ही वे बुकिंग भी जो हमें कैंसिल करनी पड़ेंगी।” उन्होंने कहा कि पास के रिजर्व में 30 स्टूडेंट्स को पहले ही अपनी प्लान की गई डाइव कैंसिल करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
--आईएएनएस
केआर/
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