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Delhi में CEC के खिलाफ प्रदर्शन से पहले SFI सदस्य और वकील हिरासत में

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले शनिवार को दिल्ली पुलिस ने ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) और अन्य छात्र संगठनों के कई सदस्यों के साथ-साथ उच्चतम न्यायालय से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे वकीलों को हिरासत में ले लिया। कॉजपा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में हेरफेर और मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 से जुड़ी गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।

दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं और जरूरी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। एसएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदर्श एम. साजी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि संगठन के 400 से अधिक सदस्यों को पूर्वाह्न करीब 10 बजे मार्च शुरू करने के बाद हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों को पूर्वाह्न करीब 11 बजे हिरासत में लिया गया।

हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस की बस के अंदर से एक प्रदर्शनकारी को यह कहते सुना जा सकता है, ‘‘प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया है। हम लोकतंत्र बचाने के लिए यहां आए हैं। यह तानाशाही और लोकतंत्र के बीच की लड़ाई है।

यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। ज्ञानेश कुमार को उनकी कुर्सी से हटाया जाएगा।’’ एसएफआई और ‘डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (डीवाईएफआई) के नेताओं ने गोल मार्केट स्थित एके गोपालन भवन से जंतर-मंतर तक रैली निकालने की योजना बनाई थी। उच्चतम न्यायालय के पास भगवान दास रोड पर कई वकीलों को भी हिरासत में लिया गया।

वे जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने अवरोधक लगाकर उन्हें रोक दिया। इससे पहले वकीलों ने नारे लगाए और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर लहराए।

एक वकील ने कहा, ‘‘हमें उच्चतम न्यायालय के गेट सी के ठीक पास हिरासत में लिया गया है। हमें कुछ दूरी तक मार्च करने दिया गया, फिर रोक दिया गया। मेरे कई साथी आगे निकल गए।

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Thane के आश्रम स्कूल में छात्र की मौत पर कार्रवाई, Principal समेत तीन निलंबित

(छठे पैरा में नाम ठीक करते हुए) ठाणे, 10 अक्टूबर महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक सरकारी आश्रम स्कूल के 11 वर्षीय आदिवासी छात्र की कथित तौर पर चिकित्सकीय लापरवाही के कारण हुई मौत के बाद स्कूल के प्रधानाचार्य और दो अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि छात्र विवेक सुभाष भोये भिवंडी तालुका के पिसे स्थित सरकारी आश्रम स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ता था।

उसे चार दिन से कथित तौर पर तेज बुखार था। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने शुक्रवार को छात्र की मां को उसकी तबीयत खराब होने की सूचना दी। पुलिस के अनुसार, छात्र की मां ने अपनी शिकायत में बताया कि शुक्रवार सुबह छात्रावास के वार्डन राहुल जांजल ने उन्हें फोन कर विवेक की तबीयत खराब होने और उसे शाहपुर के सरकारी अस्पताल ले जाने की जानकारी दी।

एक अधिकारी ने बताया कि इसके बाद मां स्कूल पहुंचीं, जहां उन्होंने देखा कि विवेक को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। जब उन्होंने स्कूल के प्रधानाचार्य जयवंत सपले, वार्डन जांजल और कक्षा शिक्षक अशोक साल्वे से समय पर सूचना नहीं देने तथा उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराने के बारे में सवाल किया, तो उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। अधिकारी के मुताबिक, स्कूल के कर्मचारी और छात्र की मां उसे शाहपुर के सरकारी अस्पताल ले गए।

चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन स्कूल के कर्मचारियों ने कथित तौर पर परिवार के सदस्यों को बाहर इंतजार करने के लिए कहा। करीब आधे घंटे के बाद छात्र ने दम तोड़ दिया जिसके बाद कर्मचारी अस्पताल परिसर से कथित तौर पर भाग गए। जनजातीय विकास विभाग की परियोजना अधिकारी तेजस्विनी गलांडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि घटना की तत्काल जांच के बाद लापरवाही के आरोप में स्कूल के प्रधानाचार्य, शिक्षक और छात्रावास के वार्डन को निलंबित कर दिया गया।

छात्र की मां की शिकायत के आधार पर शाहपुर पुलिस ने तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों और आदिवासी संगठनों ने शाहपुर स्थित जनजातीय विकास विभाग के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और छात्र का शव लेने से इनकार कर दिया।

आरोपियों को निलंबित किए जाने और उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद मामला शांत हुआ।

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  Sports

दोहरे शतक से चूके मैट रेनशॉ, हेजलवुड ने बिगाड़ी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत, ऑस्ट्रेलिया के सामने मुश्किल में मेजबान

AUS vs SA 1st Test Day 2: ऑस्ट्रेलिया ने डरबन टेस्ट के दूसरे दिन मैट रेनशॉ के शानदार 190 रन की बदौलत पहली पारी में 390 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया. पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ रिकॉर्ड साझेदारियों के दम पर कंगारू टीम ने संकट से उबरकर स्थिति मजबूत कर ली है. जवाब में उतरी दक्षिण अफ्रीका ने दिन का खेल खत्म होने तक एक विकेट पर 27 रन बना लिए हैं और वह अभी भी 363 रन पीछे है. Sat, 10 Oct 2026 22:33:07 +0530

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2026-10-10T18:31:53+00:00

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