6 महीने के अंदर गिर जाएगी मोदी सरकार, CJP प्रोटेस्ट के बीच संजय राउत का दावा, बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल होने वाली है
सांसद संजय राउत ने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ़ सनसनीखेज दावे किए हैं। ठाकरे गुट के सांसद राउत ने देश में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल की भविष्यवाणी की है और दावा किया है कि मोदी सरकार अगले छह महीनों में गिर जाएगी। दिल्ली में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला। वे पुणे में बोल रहे थे। संजय राउत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्होंने दिल्ली को 'जम्मू-कश्मीर' बना दिया है। दिल्ली की सभी सीमाएं बंद कर दी गई हैं, सड़कें सील कर दी गई हैं और उड़ानें व ट्रेनें रोक दी गई हैं। उन्होंने नाराज़गी जताते हुए पूछा कि देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री आतंकवादियों से लड़ने की बात करते हैं; तो जब देश के युवा लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करते हैं, तो क्या उन्हें आतंकवादी करार दिया जा रहा है? इस मौके पर बोलते हुए उन्होंने भविष्यवाणी की कि अप्रैल में सरकार गिर जाएगी और देश में एक वैकल्पिक सरकार बनेगी।
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उन्होंने पुलिस से यह भी कहा कि वे किसी भी गैर-कानूनी आदेश का पालन न करें। संजय राउत ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि वह दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में खुद शामिल होंगे और सरकार को ललकारा है कि अगर उनमें हिम्मत है तो उन्हें गिरफ़्तार करके दिखाए। महाराष्ट्र में सरकार के बारे में बात करते हुए राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस का दावा है कि उन्होंने इमरजेंसी के दौरान हिस्सा लिया था, फिर भी उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी, खासकर तब जब आज विरोध-प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं।" राउत ने आगे कहा कि यह सरकार लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करती, बल्कि दूसरों की मेहरबानी से सत्ता में आई है, और सरकार गिरने पर पार्टी के भीतर गुटबाजी सामने आ जाएगी।
चेन्नई में Congress के छात्रों की गूंज अभियान के छठे चरण में शामिल होंगे Rahul Gandhi
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी 10 अक्टूबर को चेन्नई में छात्रों से जुड़ने के लिए आयोजित कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' में हिस्सा लेंगे। चेन्नई का यह कार्यक्रम कांग्रेस पार्टी के उस देशव्यापी अभियान का छठा चरण है, जिसे छात्रों से जुड़ने और उनकी चुनौतियों को समझने के लिए शुरू किया गया था। यह अभियान 17 जून को राजस्थान के कोटा में शुरू हुआ था और तब से देहरादून (उत्तराखंड), प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), इंदौर (मध्य प्रदेश) और अन्य जगहों पर आयोजित किया जा चुका है।
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पिछले महीने इंदौर में कैंपेन के दौरान गांधी ने कहा कि इसका मकसद शिक्षा व्यवस्था से छात्रों का खोया हुआ भरोसा वापस लाना है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आपके दिलों में जो उम्मीद टूट गई थी, वह नए जोश के साथ वापस आए। हम चाहते हैं कि आप एक बार फिर शिक्षा और सिस्टम पर भरोसा करने लगें। उन्होंने छात्रों के लिए कई मुद्दे उठाए, जिनमें परीक्षा के पेपर लीक होना, संस्थानों का कामकाज, अर्थव्यवस्था में प्राइवेट कंपनियों की भूमिका और क्रिकेट प्रशासन में अमित शाह के बेटे जय शाह की नियुक्ति शामिल थी।
गांधी ने "अंधभक्तों" की आलोचना की और उनकी तुलना सवाल पूछने वाले छात्रों से की। उन्होंने कहा कि अंधभक्त कभी सवाल नहीं पूछता। छात्र वह होता है जो आवाज़ उठाता है। उन्होंने आगे कहा कि अंधभक्त छात्र का ठीक उल्टा होता है। जहाँ छात्र सवाल पूछता है और जिज्ञासु रहता है, वहीं अंधभक्त अपनी ही काल्पनिक दुनिया में रहता है। जहाँ छात्र निडर होता है, वहीं अंधभक्त डरपोक होता है। उन्होंने उन दावों का भी ज़िक्र किया जिनमें कहा जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी भगवान विष्णु के अवतार हैं। गांधी ने कहा कि अंधभक्त कहते हैं कि विकास की ज़रूरत नहीं है। मोदी जी विष्णु के अवतार हैं। लेकिन अंधभक्त कभी यह नहीं पूछते कि हमारे स्कूलों और कॉलेजों की हालत ऐसी क्यों हो गई है, हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर क्यों खराब हो गया है और हमारे पेपर क्यों लीक हो रहे हैं।
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कांग्रेस नेताओं द्वारा 2026 में शुरू किए गए 'छात्रों की गूंज' अभियान का मकसद छात्रों को परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत, भर्ती की चुनौतियों और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच देना है। इसे पहले पुणे, कोटा, देहरादून और प्रयागराज में चलाया जा चुका है, जिसका मकसद छात्रों की चिंताओं को राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनाना है।
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