मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा जरूरी, Jairam Ramesh ने SIR प्रक्रिया रोकने की मांग की
कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से ‘‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बेहद घबराए हुए हैं। पार्टी ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा देना ‘‘नैतिक रूप से जरूरी’’ हो गया है। विपक्षी दल ने यह भी कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाना जरूरी है, क्योंकि इसके कारण पहले ही करीब 14 करोड़ भारतीय मताधिकार से वंचित हो चुके हैं।
उसने कहा कि एसआईआर पर रोक से चुनाव प्रणाली में लोगों का विश्वास बहाल करने में मदद मिलेगी। कांग्रेस महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि देश की राजधानी को किले में तब्दील कर दिया गया है और हर जगह हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। रमेश ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री (नरेन्द्र मोदी-अमित शाह) की जोड़ी युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से बुरी तरह घबराई और बौखलाई हुई है।
ये युवा संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मिले अपने मताधिकार को छीनने की सुनियोजित कोशिश को लेकर गहरी चिंता में हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) कुमार ने अपनी नियुक्ति के समय उन्हें ‘‘विनाशकारी जोड़ी’’ की ओर से दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन किया। रमेश ने कहा कि दिसंबर 2023 में उन्हें आजीवन कानूनी संरक्षण देने वाला कानून संसद में विपक्ष के 145 सांसदों को निलंबित किए जाने के दौरान जबरन पारित कराया गया था। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा देना नैतिक रूप से जरूरी हो गया है, जिन्होंने उच्चतम न्यायालय के सामने भी झूठ बोला है।
लेकिन यह हमारे लोकतंत्र की बुनियाद को फिर से मजबूत करने की दिशा में केवल पहला कदम है। यह सभी लोगों, खासकर युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है।’’ रमेश ने कहा, ‘‘एसआईआर पर रोक लगाना जरूरी है, क्योंकि इसके कारण पहले ही करीब 14 करोड़ भारतीयों को मतदान के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। एसआईआर पर रोक से हमारी चुनाव प्रणाली पर से लोगों का भरोसा बहाल होगा।’’ उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाली है।
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कॉजपा के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। सूत्रों ने बताया कि नयी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। कॉजपा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में कथित हेरफेर और मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में बदलाव के आरोपों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ इस प्रदर्शन का आह्वान किया है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले बड़ी कार्रवाई! CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को फ़्लाइट से हिरासत में लिया गया, ध्रुव राठी और रत्ना सिंह पर भी एक्शन
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के फ़ाउंडर अभिजीत दिपके को शनिवार को दिल्ली में फ़्लाइट से उतरने के बाद हिरासत में ले लिया गया। वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर होने वाले विरोध प्रदर्शन के लिए आए थे।दिपके के साथ, CJP के को-कन्वीनर सौरव दास और आशुतोष रंका को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें दिपके उन पुलिसकर्मियों से बहस करते दिख रहे हैं जो उन्हें हिरासत में लेने के लिए फ़्लाइट के अंदर आए थे। वीडियो में दिपके को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "आप हमारे बाहर आने का इंतज़ार कर सकते थे। आइए हमें गिरफ़्तार कीजिए, हम डरते नहीं हैं।"
दिपके को हिरासत में लेने से ठीक एक घंटे पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी और CJP के लीगल सेल की हेड रत्ना सिंह को भी उनके घरों से हिरासत में लिया गया था। CJP ने अपने नेताओं को हिरासत में लिए जाने की आलोचना की है और इसे आने-जाने की आज़ादी का उल्लंघन बताया है, साथ ही उनकी तुरंत और बिना शर्त रिहाई की मांग की है। पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी है और इसे एक किले में बदल दिया है। CJP के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले पुलिस ने लगभग 1,500 लोगों को हिरासत में लिया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखें और शांतिपूर्ण स्थिति सुनिश्चित करने में पुलिस की मदद करें।
दिल्ली पुलिस ने पहले सुरक्षा कारणों और प्रक्रियात्मक ज़रूरतों का हवाला देते हुए CJP को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने कहा कि राजधानी में निषेधाज्ञा लागू है और लोगों से प्रतिबंधों का पालन करने की अपील की।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने संस्थापक अभिजीत दिपके और सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रंका को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की निंदा की है। उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में उनकी फ़्लाइट के उतरने के कुछ ही देर बाद हिरासत में लिया गया था। एक बयान में, पार्टी ने इस कार्रवाई को तानाशाहीपूर्ण बताया और आरोप लगाया कि पुलिस की यह कार्रवाई पहले से सोची-समझी थी, ताकि उनके नेताओं को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की जगह तक पहुँचने से रोका जा सके।
CJP ने पुलिस पर नेताओं की आवाजाही की आज़ादी का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और उनकी तुरंत और बिना शर्त रिहाई की मांग की।
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