Responsive Scrollable Menu

Parth Jindal ने Sourav Ganguly को सौंपी Delhi Capitals की कमान, बने Head Coach

मंगलवार को घोषणा की गई कि भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली 2027 इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सीज़न के लिए दिल्ली कैपिटल्स टीम के हेड कोच होंगे। गांगुली 2019 से इस फ़्रैंचाइज़ी से जुड़े हुए हैं, जब वह एक सलाहकार के तौर पर इसमें शामिल हुए थे। इन सालों में, उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स में कई लीडरशिप भूमिकाएँ निभाई हैं, जिनमें पुरुष और महिला दोनों टीमों के लिए 'डायरेक्टर ऑफ़ क्रिकेट' की भूमिका भी शामिल है।

इसे भी पढ़ें: VVS Laxman बोले Shreyas Iyer बनेंगे सफल कप्तान, रणनीति और तैयारी को सराहा

फ़्रैंचाइज़ी की ओर से जारी एक बयान में गांगुली ने कहा कि मैं IPL में हेड कोच की भूमिका निभाने के लिए उत्साहित हूँ। दिल्ली कैपिटल्स मेरे दिल के बहुत करीब है और इस फ़्रैंचाइज़ी के साथ मेरा रिश्ता सालों से बहुत मज़बूत रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने मालिकों, मैनेजमेंट, सपोर्ट स्टाफ़ और खिलाड़ियों के साथ मिलकर काम किया है, इसलिए यह मेरे लिए एक रोमांचक ज़िम्मेदारी है। हमारे पास एक टैलेंटेड ग्रुप है और हमने हाल के समय में अच्छा क्रिकेट खेला है।

उन्होंने आगे कहा कि मैं नए सीज़न में टीम के साथ काम करने और एक मज़बूत व निडर टीम बनाने के लिए उत्साहित हूँ। गांगुली ने हेमांग बदानी की जगह ली है, जो दो सीज़न तक इस भूमिका में थे। कैपिटल्स ने बॉलिंग कोच मुनाफ़ पटेल, टीम डायरेक्टर वेणुगोपाल राव और असिस्टेंट कोच इयान बेल को भी टीम में बनाए नहीं रखने का फ़ैसला किया है। दिल्ली कैपिटल्स IPL 2026 में छठे स्थान पर रही, जो पिछले सीज़न में हासिल किए गए पांचवें स्थान से एक पायदान नीचे है।

इसे भी पढ़ें: Ranji Trophy: मुंबई टीम से Suryakumar Yadav बाहर, Ayush Mhatre बने उपकप्तान

इस नियुक्ति पर बात करते हुए, दिल्ली कैपिटल्स के चेयरमैन और को-ओनर तथा JSW स्पोर्ट्स के फ़ाउंडर पार्थ जिंदल ने कहा कि दादा हमेशा से दिल्ली कैपिटल्स परिवार का अहम हिस्सा रहे हैं। मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत गर्व और सम्मान महसूस हो रहा है कि भारत के सबसे महान कप्तानों और एडमिनिस्ट्रेटर्स में से एक, अब दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच के तौर पर कोचिंग की दुनिया में कदम रख रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैं उन्हें इस भूमिका में देखने के लिए उत्साहित हूँ और मुझे यकीन है कि उनकी देखरेख और दूरदर्शी लीडरशिप में, दिल्ली कैपिटल्स IPL का खिताब जीतने की चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार होगी। मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ कि हमारे सभी खिलाड़ी और स्टाफ़ दादा से कुछ सीखें और मैं जल्द ही DC को एक्शन में देखने के लिए उत्सुक हूँ।

Continue reading on the app

Abhishek Sharma ने Vaibhav Sooryavanshi के साथ बॉन्ड पर की बात, कहा- हम सब उसके बड़े भाई जैसे हैं

भारतीय टीम अपनी चल रही मल्टी-फ़ॉर्मेट व्हाइट-बॉल सीरीज़ के तहत वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ पाँच T20I मैच खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है। दोनों टीमें 6 अक्टूबर को लखनऊ के एकाना स्टेडियम में पहला वनडे मैच खेलेंगी। सीरीज़ शुरू होने से पहले, सबकी नज़रें भारत की उस संभावित प्लेइंग इलेवन पर होंगी जो विंडीज़ का सामना करेगी। जब भारत विंडीज़ के ख़िलाफ़ खेलेगा, तो फ़ैन्स को 15 साल के वैभव सूर्यवंशी से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह युवा स्टार कैसा खेलता है, क्योंकि भारतीय टीम T20I सीरीज़ भी जीतने की कोशिश करेगी।

इसे भी पढ़ें: Harmanpreet Kaur ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ी, तीनों प्रारूपों से इस्तीफा

सीरीज़ से पहले, सूर्यवंशी के बैटिंग पार्टनर अभिषेक शर्मा ने युवा सूर्यवंशी के साथ अपने रिश्ते और बॉन्ड के बारे में बात की और बताया कि कैसे हर कोई उनके लिए बड़े भाई जैसा है। अभिषेक शर्मा ने JioHotstar से कहा कि हम अक्सर इस बारे में बात करते हैं कि वैभव को और सहज कैसे महसूस कराया जाए। हम सभी जानते हैं कि उसने क्या हासिल किया है और वह यहीं का है। मुझे लगता है कि यह मेरी ज़िम्मेदारी है कि मैं उसे यह महसूस कराऊं कि हम सब उसके बड़े भाई जैसे हैं; उसे बस खेल का मज़ा लेना है और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि वह अपनी उम्र के दूसरे बच्चों के मुकाबले काफी समझदार है। वह पहले से ही 2-3 साल से क्रिकेट के माहौल में है। इसलिए, उसे पता है कि क्या करना है, कहाँ करना है और कितनी प्रैक्टिस करनी है। मुझे लगता है कि ये ऐसी चीज़ें हैं जो वह अनुभव के साथ धीरे-धीरे सीख जाएगा। वर्ल्ड क्रिकेट में सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में से एक माने जाने वाले अभिषेक शर्मा ने बैटिंग के दौरान अपने बेखौफ अंदाज़ और इस बात पर बात की कि वे अपने लिए कोई खास रिकॉर्ड या माइलस्टोन बनाने पर ध्यान नहीं देते।

इसे भी पढ़ें: Gold Medal जीतना बहुत गर्व की बात, Asian Games की जीत पर बोले Coach VVS Laxman

अभिषेक शर्मा ने कहा कि मुझे आज भी याद है कि जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैं ऐसा खेलना चाहता था जिससे मेरी टीम पर असर पड़े। इसकी शुरुआत घरेलू क्रिकेट में पंजाब की टीम के साथ हुई। हमने 2024 में जीत हासिल की और मुझे लगता है कि वहीं से मैंने माइलस्टोन के पीछे न भागने की सोच अपनाई, क्योंकि ये आपके हाथ में नहीं होता। आपके हाथ में बस ये होता है कि आप कितना असर डाल सकते हैं, चाहे वो छोटी पारी हो, या कोई चौका या छक्का।

Continue reading on the app

  Sports

माया ने तोड़ा सानिया का 22 साल का पुराना रिकॉर्ड:17 साल की उम्र में बनी भारत की सबसे युवा महिला प्रो टेनिस चैंपियन

भारत की 17 साल की टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन रेवती ने सानिया मिर्जा का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। माया ने रविवार को पुर्तगाल के लागोस में ITF W35 टूर्नामेंट का सिंगल्स खिताब जीतकर यह उपलब्धि हासिल की। वह 17 साल 3 महीने की उम्र में इस स्तर का खिताब जीतने वाली सबसे युवा भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सानिया के नाम था, जिन्होंने 2004 में 17 साल 10 महीने की उम्र में खिताब जीता था। माया ने फाइनल में स्पेन की 28 साल की सीलिया सरविनो रुइज को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 से हराया। उन्होंने यूक्रेन की येलिजवेता कोट्लियार के साथ डबल्स खिताब भी अपने नाम किया। माया ने क्वालीफाइंग राउंड से शुरुआत की थी और पूरे सिंगल्स टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया। सानिया और माया ने लागोस में ही जीते खिताब माया और सानिया की उपलब्धि में एक खास समानता भी है। दोनों ने 17 साल की उम्र में लागोस में खिताब जीते। हालांकि, सानिया ने 10 अक्टूबर 2004 को नाइजीरिया के लागोस में खिताब जीता था, जबकि माया ने 11 अक्टूबर 2026 को पुर्तगाल के लागोस में जीत हासिल की। सानिया उस समय 17 साल 10 महीने की थीं, जबकि माया ने 17 साल 3 महीने की उम्र में खिताब जीतकर उनका रिकॉर्ड तोड़ा। यानी माया ने सानिया से करीब 7 महीने कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल की। पहले राउंड में 0-5 से पिछड़ने के बाद टॉप सीड को हराया दुनिया की 1038वें नंबर की खिलाड़ी माया ने मुख्य ड्रॉ के पहले राउंड में टॉप सीड और वर्ल्ड नंबर-246 जुस्तिना मिकुलस्काइट को 7-6(1), 6-1 से हराया। पहले सेट में वह 0-5 से पिछड़ गई थीं, लेकिन इसके बाद वापसी करते हुए सेट टाईब्रेकर में जीत लिया। दूसरे राउंड में माया ने अर्जेंटीना की बर्टा बोनार्डी को 6-2, 6-0 से हराया। क्वार्टर फाइनल में आठवीं सीड तियान जियालिन को 6-2, 6-1 से मात दी। सेमीफाइनल में ब्रिटेन की ब्रिट डु प्री के खिलाफ वॉकओवर मिलने के बाद वह फाइनल में पहुंचीं। दबाव कम करने के लिए मन में गाना गुनगुनाया फाइनल में पहला सेट जीतने के बाद माया को अपना पहला प्रोफेशनल खिताब जीतने का दबाव महसूस होने लगा। इसी दौरान उन्हें सुबह सुने एक गाने की धुन याद आई और उन्होंने मन ही मन गाना गुनगुनाना शुरू कर दिया। माया ने कहा, “मुझे लगा कि मैं बहुत ज्यादा दबाव ले रही हूं। तनाव कम करने के लिए मैंने मन में गाना गुनगुनाना शुरू कर दिया। इससे मुझे काफी मदद मिली। मैच पॉइंट आने पर भी मैंने उसे खास पॉइंट की तरह नहीं लिया। मेरे लिए वह एक सामान्य पॉइंट था।” उन्होंने कहा, “पहला खिताब हमेशा खास होता है। इस हफ्ते की कई अच्छी यादें मेरे साथ रहेंगी। इस जीत से मुझे आत्मविश्वास मिला है कि मैं बड़े स्तर पर मुकाबला कर सकती हूं।” डबल्स फाइनल में पहला सेट हारने के बाद जीतीं माया ने यूक्रेन की येलिजवेता कोट्लियार के साथ डबल्स खिताब भी जीता। फाइनल में उनकी जोड़ी ने मिन लियू और कार्लोटा मोचिया को 0-6, 6-2, 10-7 से हराया। पहला सेट 0-6 से गंवाने के बाद माया और कोट्लियार ने दूसरे सेट में वापसी की। इसके बाद निर्णायक सुपर टाईब्रेकर 10-7 से जीतकर खिताब अपने नाम किया। 15 साल की उम्र में मुंबई ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची थीं कोयंबटूर की माया ने 2025 में 15 साल की उम्र में मुंबई ओपन WTA 125 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। उन्होंने क्वालीफाइंग राउंड से शुरुआत की थी। इस प्रदर्शन के बाद उन्हें पहली बार WTA रैंकिंग मिली और वह सीधे दुनिया की 642वें नंबर की खिलाड़ी बन गईं। माया ने शुरुआती करियर में स्पेन की राफेल नडाल एकेडमी में ट्रेनिंग ली। अब वह फ्रांस के कान्स स्थित एलीट टेनिस सेंटर में अभ्यास करती हैं। जूनियर सर्किट में भी माया ने इस साल फ्रांस के बियोलियू-सुर-मेर और जर्मनी के बामबर्ग में J300 खिताब जीते हैं। पिछले साल उन्होंने नई दिल्ली में J300 टूर्नामेंट जीता था। पिछले महीने वह जापान के ओसाका में J500 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं। ------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान का टी-20 इंटरनेशनल में अपना दूसरा सबसे बड़ा स्कोर:श्रीलंका को 82 रन से हराया: माज सदाकत शतक से चूके; सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त पाकिस्तान ने दूसरे टी-20 इंटरनेशनल में श्रीलंका को 82 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। रविवार को टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 215 रन बनाए। यह टी-20 इंटरनेशनल में पाकिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। टीम का सर्वोच्च स्कोर 232/6 है, जो उसने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था। पूरी खबर Mon, 12 Oct 2026 01:30:42

  Videos
See all

Delhi Weather News : Delhi-NCR में मूसलाधार बारिश, गरज-चमक के साथ चलीं तूफानी हवाएं | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-12T01:32:47+00:00

CJI Refused To Meet Opposition Leaders | CJI ने विपक्षी नेताओं से मिलने से किया इनकार |#shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-12T01:39:43+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers