PM मोदी 8 साल बाद मलेशिया दौरे पर जाएंगे:10 साल से फरार जाकिर नाइक का मुद्दा उठाएंगे, कल CEO फोरम में शामिल होंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 फरवरी को दो दिन के मलेशिया दौरे पर जाएंगे। यह दौरा मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर इब्राहिम के न्योते पर हो रहा है। विदेश मंत्रालय के सचिव पी. कुमरन ने बताया कि यह दौरा भारत के आसियान देशों के साथ रिश्तों को और मजबूत करने और मलेशिया के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए अहम है। उन्होंने ये भी बताया इस यात्रा में 10 साल से मलेशिया में रह रहे भगोड़े जाकिर नाइक के मुद्दों पर भी चर्चा होगी। भारत इससे पहले भी अलग-अलग मौकों पर ये मामला उठा चुका है। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान 8 फरवरी को भारत–मलेशिया सीईओ फोरम की 10वीं बैठक भी कुआलालंपुर में होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री मलेशिया के बड़े उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। मलेशिया के प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय चर्चा करेंगे PM मोदी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों देश यह देखेंगे कि भारत और मलेशिया के बीच बनी 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' में अब तक कितना डेवलपमेंट हुआ है और आगे क्या किया जा सकता है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बातचीत में व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और लोगों के आपसी संपर्क जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। पी. कुमरन ने बताया कि दोनों देश रेलवे जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, नवीकरणीय ऊर्जा और दूसरे सहयोग के क्षेत्रों पर भी काम करने की सोच रहे हैं। इसके साथ ही छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की संख्या बढ़ाने और मलेशिया में थिरुवल्लुवर सेंटर फॉर इंडियन स्टडीज खोलने पर विचार हो रहा है। मलेशिया में 29 लाख भारतीय रहते हैं इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे। मलेशिया में लगभग 29 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और मलेशिया के रिश्ते बहुत पुराने हैं और इतिहास, संस्कृति और सभ्यता से जुड़े हुए हैं। मलेशिया में रहने वाले भारतीयों का इतिहास भी काफी पुराना है और उन्होंने भारत के आजादी के आंदोलन में भी भूमिका निभाई थी। विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा कि भारत और मलेशिया आपसी व्यापार को बैलेंस करने और लंबे समय तक आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इसके लिए भारत-मलेशिया ‘कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन एग्रीमेंट’ की समीक्षा की जा रही है। ASEAN के लिहाज से क्यों अहम है यह दौरा मलेशिया ASEAN का एक अहम सदस्य देश है और ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा भारत-ASEAN संबंधों को नई ताकत दे सकती है। भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ में ASEAN हमेशा से केंद्रीय भूमिका में रहा है और मलेशिया इस ग्रुप में भारत का एक भरोसेमंद साझेदार है। खास बात यह है कि भारत इस समय ASEAN के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (AITIGA) को अपडेट करने की कोशिश कर रहा है। मौजूदा समझौते को लेकर भारत को लंबे समय से यह शिकायत रही है कि इससे व्यापार घाटा बढ़ा है और भारतीय कंपनियों को बराबर का फायदा नहीं मिल पा रहा। भारत का आसियान के साथ व्यापार घाटा 2022-23 में यह लगभग 43 अरब डॉलर तक पहुंच गया। ऐसे में पीएम मोदी का यह दौरा AITIGA को ज्यादा बैलेंस और आधुनिक बनाने के लिए ASEAN देशों का समर्थन जुटाने में मदद कर सकता है। भारत-मलेशिया के रिश्तों में जाकिर नाइक की वजह से तनाव जाकिर नाइक भारत और मलेशिया के रिश्तों में बार-बार तनाव की वजह बनता है। भारत में जाकिर नाइक पर मनी लॉन्ड्रिंग और कट्टरता फैलाने के केस दर्ज है। गिरफ्तारी के डर से वह 2016 में मलेशिया भाग गया था। जून 2017 में कोर्ट ने नाइक को अपराधी घोषित किया था। उस पर मलेशिया में अल्पसंख्यक हिंदुओं और चीन के लोगों की भावनाएं आहत करने का भी आरोप है। भारत चाहता है कि मलेशिया उन्हें भारत को सौंपे, ताकि कानून के मुताबिक उन पर मुकदमा चलाया जा सके। हालांकि उसे मलेशिया में स्थायी निवास (परमानेंट रेजीडेंसी) मिली हुई है।
इस्लामाबाद धमाके पर भारत बोला:पाकिस्तान खुद को धोखा दे रहा; पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने भारत पर आरोप लगाया था, हमले में 31 मौतें हुईं
भारत ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार सुबह शिया मस्जिद में आत्मघाती हमले की निंदा करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने देर रात बयान जारी कर कहा कि हमले में भारत के शामिल होने का दावा निराधार और निरर्थक है। विदेश मंत्रालय ने कहा- भारत इस्लामाबाद की मस्जिद पर हुए बम धमाके में जानमाल की हानि पर गहरी संवेदना व्यक्त करता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक ताने-बाने को जकड़े हुए मुद्दों का हल ढूंढने के बजाय, दूसरों को अपनी परेशानियों के लिए दोषी ठहरा रहा है। विदेश मंत्रालय ने आगे कहा- पाकिस्तान खुद को ही धोखा दे रहा है। भारत ऐसे हर आरोप को खारिज करता है, जो निराधार और निरर्थक दोनों है। भारत का ये बयान पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि हमले में भारत और अफगानिस्तान शामिल थे। इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद (इमामबाड़ा) में आत्मघाती हमला हुआ था। पाकिस्तानी अखबार द डॉन के मुताबिक, हमले में 31 लोगों की मौत हो गई और 169 घायल हुए हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में 69 मौतों की जानकारी दी जा रही है। हमले से जुड़ी 6 तस्वीरें… राष्ट्रपति बोले- ये हमला इंसानियत के खिलाफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने धमाके में मारे गए लोगों के लिए शोक जताया है। उन्होंने कहा कि बेगुनाह लोगों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ है। जरदारी ने घायलों के जल्द ठीक होने की दुआ की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को हर संभव बेहतर इलाज की सुविधा दी जाए। मंत्री ने कहा- ऐसी घटनाएं देश का हौसला नहीं तोड़ सकती पार्लियामेंट्री अफेयर्स के मंत्री डॉ. तारिक फजल चौधरी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस्लामाबाद में हुए धमाके की मैं कड़ी निंदा करता हूं। इस हमले में मारे गए लोगों के लिए दुखी हूं। ऐसी आतंकी घटनाएं देश और लोगों का हौसला नहीं तोड़ सकती। जरूरत है कि हम सब मिलकर शांति के लिए एकजुट हों और कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों के साथ मजबूती से खड़े रहें। तीन महीने पहले आत्मघाती धमाके में 12 लोग मारे गए थे इससे पहले भी 11 नवंबर 2025 को इस्लामाबाद के G-11 इलाके में जिला और सत्र न्यायालय के बाहर आत्मघाती धमाका हुआ था। उस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई थी और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक, बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है, जबकि 2024 में यह चौथे स्थान पर था। 2025 में TTP के हमलों में 90% की वृद्धि हुई है। वहीं बलूच आर्मी (BLA) के हमलों में 60% बढ़ोतरी हुई। इस्लामिक स्टेट- खुरासान (IS-K) ने अब पाकिस्तानी शहरों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित इलाके हैं। देश भर की कुल आतंकी घटनाओं में से 90% इसी इलाके में हुईं। रिपोर्ट में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को लगातार दूसरे साल पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन बताया गया। 2024 में इस ग्रुप ने 482 हमले किए, जिसकी वजह से 558 मौतें हुई थीं, जो 2023 के मुकाबले 91% ज्यादा हैं। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी PM बोले- कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा: कश्मीरियों के साथ मजबूती से खड़े, यह इलाका PAK की लाइफ लाइन है पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को PoK में कश्मीर को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है। मुजफ्फराबाद में विधानसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा।’ पूरी खबर पढ़ें…
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