बिना Oven के सिर्फ भाप में बनाएं बंगाली Bhapa Doi, मुंह में घुल जाएगा इसका स्वाद
भारतीय खानपान में मिठाइयां खास मौके या शादी की दावतों में रौनक बढ़ाती हैं। खाने के साथ रसगुल्ले का हो या गुलाब जामुन की। हर एक मिठाई का अपना स्वाद होता है। रसगुल्ला का नाम याद आता है, तो बंगाल का स्वाद सबके जुबान पर आ जाता है।
लेकिन सिर्फ रसगुल्ला ही नहीं, बल्कि बंगाल की फेमस 'भापा दोई' भी वहां की एक खास पहचान मानी जाती है। असल में भापा दोई पारंपरिक रुप से भाप पकाकर तैयार की जाने वाली बंगाली मिठाई है, जो मुंह जाते ही घुल जाती है। आइए आपको इसकी आसान रेसिपी के बारे में बताते हैं।
भापा दोई बनाने के लिए जरूरी सामग्रियां
1 कप गाढ़ा दही
1 कप कंडेंस्ड मिल्क
आधा कप दूध
फ्लेवर के लिए थोड़ा सा इलायची पाउडर
बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स
भापा दोई बनाने की आसान विधि
- सबसे पहले ताजे दही को मलमल या सूती कपड़े में बांधकर 1 से 2 घंटे के लिए लटका दें।
- जब दही का सारा पानी निकल जाए, तो आपको गाढ़ा चक्का मिल जाएगा।
-अब गाढ़े दही को एक गहरे बर्तन में निकालें और चम्मच या व्हिस्कर से अच्छी तरह फेंट लें।
-इसमें कंडेंस्ड मिल्क और आधा कप दूध डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
-सभी चीजों को मिलाकर एक गाढ़ा और क्रीमी मिश्रण तैयार कर लें।
-अब इसमें थोड़ा इलायची पाउडर और बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालें।
-तैयार मिश्रण को स्टील के टिफिन या बेकिंग डिश में डाल दें।
-बर्तन को एल्युमिनियम फॉयल या ढक्कन से अच्छी तरह ढक दें, ताकि भाप का पानी मिठाई में न जाए।
स्टीम के लिए करें ये काम
इसको स्टीम करने के लिए आपको कढ़ाई की मदद ले सकते हैं। कढ़ाई में दो गिलास पानी गर्म करें और बीच में एक स्टैंड रख दें। इसके बाद ढके हुए बर्तन को स्टैंड पर रखकर और कढ़ाई का ढक्कन बंद कर दें। अब धीमी आंच पर इसे करीब 15 से 20 मिनट तक पकाएं। 20 मिनट के बाद ढक्कन हटाएं और टूथपिक की मदद से चेक करें। यदि टूथपिक साफ बाहर आती है, तो आपकी भापा दोई बनकर तैयार है। इसको अब कढ़ाई से निकालकर 1 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें।
Pitru Paksha में ऐसे तैयार करें श्राद्ध की थाली, खीर-पूड़ी के साथ रखें पितरों की पसंदीदा डिश
पितृ पक्ष की शुरुआत हो चुकी है और इसका समापन अमावस्या के दिन होता है। इन 16 दिनों में पूर्वजों का तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध किए जाते हैं। हम सभी के घरों में श्राद्ध भोजन जरुर तैयार किया जाता है। कोशिश की जाती है कि इस दिन सादा खाना, ताजा और सात्विक होना काफी जरुरी माना जाता है।
श्राद्ध के लिए बनाई जाने वाली भोजन की थाली में ऐसी चीजें जरुर रखी जाती है, जिन्हे परिवार में लंबे समय से श्राद्ध के भोजन का हिस्सा माना जाता है। खीर, पूरी, दाल, चावल और सब्जी जैसी चीजें कई घरों में बनती है।
सबसे खास बात यह है कि जिन परिवारों में पितरों की पसंद का खाना याद रखा जाता है, वहां उनकी पसंदीदा डिश को भी थाली में जगह देने की मान्यता है। अगर घर के किसी बुजुर्ग को कोई खास मिठाई या सब्जी बहुत पसंद थी, तो श्राद्ध के दिन उसे बनाकर पितरों को याद किया जाता है।
पितरों के लिए कैसी होनी चाहिए थाली?
दरअसल, श्राद्ध की थाली को लेकर हर घर में एक तरह का नियम नहीं होता है। अलग-अलग जगह और परिवार के हिसाब से इसमें थोड़ा बदलाव देखने को मिलता है। खासतौर पर सादा खाना रखा जाता है और अधिक मासलेदार या तामझाम वाला भोजन बनाने के बजाय घर का बना सामान्य खाना तैयार किया जाता है। वैसे कई परिवारों में लहसुन-प्याज भी इस्तेमाल नहीं किया जाता है। आइए जानते हैं थाली में आप क्या चीजें शामिल करें-
-खीर
-पूड़ी
-दाल
-चावल
-कद्दू की सब्जी
-दूसरी मौसमी सब्जी
-तिल से बनी मिठाई
-परिवार की परंपरा के हिसाब से बनाएं कोई खास पकवान
मीठे में रखें खीर
श्राद्ध की थाली जब तैयार की जाती है, तो सबसे पहले खीर का नाम आता है। कई घरों में चावल और दूध से खीर तैयार की जाती है। कई घरों में मखाने की खीर बनाई जाती है। अगर आपके परिवार में किसी दिवंगत सदस्य को कोई स्पेशल खीर पसंद थी जैसे-चावल, मखाने, साबूदाना या सेवई तो उनकी पसंद के अनुसार ही खीर बनाएं।
पूड़ी के साथ रखें उनकी पसंदीदा सब्जी
श्राद्ध के खाने में पूड़ी बनाई जाती है। इसके साथ ही आप कद्दू या अरबी की सब्जी जरुर रखें, लेकिन आपके घर में पितरों को कोई सब्जी बहुत ही ज्यादा पसंद थी, तो आप उस सब्जी को भी जरुर बनाएं। वहीं, परिवार और इलाके की परंपरा के हिसाब से दूसरी मौसमी सब्जियों को थाली में जरुर रखें।
चने की दाल या दूसरी सादी दाल
श्राद्ध की खाली में दाल भी जरुर रखें। ऐसे में आप प्याज-लहसुन का इस्तेमाल न करें। चने की दाल को बिना प्याज-लहसुन के सादे तरीके से बना दें। कुछ परिवारों में दूसरी दाल भी परंपरा के अनुसार बनाई जाती है। अगर आपके पितरों को तड़के वाली दाल पसंद थी, तो आप इसमें थोड़ा-सा ट्विस्ट एड करें, इसे ढाबे वाला टच जरुर दें।
चावल भी रखें
इतना ही नहीं, आप पितरों की थाली में चावल जरुर रखें। ऐसे में आप उनकी पसंद के हिसाब से सादे चावल या फ्राइड राइस को भी थाली में रख सकते हैं।
पितरों की पसंदीदा डिश जरूर याद रखें
थाली में आ उनकी पसंद की अन्य चीजों को जरुर रखें। जैसे कि पेस्ट्री, समोसे, पकौड़े, कचौड़ियां या कोई नमकीन। इसके अतिरिक्त मीठे में खीर, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, रसमलाई, रबड़ी या चम्मच पसंद हैं, तो इन्हें भी थाली में जगह दें।
पितृपक्ष की थाली बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- खाना फ्रेश और घर का बना ही थाली में रखें।
- थाली में पितरों की पंसद को ही प्राथमिकता दें।
- प्याज-लहसुन को लेकर अपने परिवार में चली आ रही परंपरा को जरुर ध्यान दें।
- खाना बनाते समय साफ-सफाई को जरुर ध्यान दें।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi







