मथुरा में एक्सप्रेस-वे पर 6 की मौत, कंटेनर ने रौंदा:बस से उतरकर सड़क किनारे खड़े थे, दिल्ली से कानपुर जा रही थी बस
मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस से उतरकर खड़े यात्रियों को तेज रफ्तार कंटेनर ने रौंद दिया। हादसे में 6 की मौके पर मौत हो गई। एक की गंभीर घायल है। घटना शनिवार तड़के 2.45 बजे की है। जानकारी के मुताबिक, बस दिल्ली के नागलोई से कानपुर देहात के रसूलाबाद जा रही थी। रास्ते में कुछ यात्रियों ने ड्राइवर को बाथरूम के लिए बस रोकने को कहा। ड्राइवर ने ग्रीन जोन की बजाय रास्ते में बस रोक दी। कुछ यात्री बस से उतरकर नीचे खड़े हो गए, तभी पीछे से आ रहे कंटेनर ने पहले बस को टक्कर मारी। फिर यात्रियों को रौंद दिया। कंटेनर का चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। मौके पर लंबा जाम लग गया। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एंबुलेंस से घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। हादसा सुरीर थाना क्षेत्र में माइल स्टोन-88 के पास हुआ। हादसे की तस्वीरें देखिए- मथुरा में हुए हादसे की पल-पल की अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-
राजस्थान में मोबाइल से टाइगर की फोटो-वीडियो लेने पर रोक:सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद वन विभाग के आदेश, उल्लंघन पर होगी FIR
राजस्थान के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व समेत कुल चार टाइगर रिजर्व में रील बनाने, वीडियो शूट करने और सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत उठाया गया है, जिससे वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में कोई बाधा न आए। सफारी के टूरिस्ट और गाइड मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। वन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए एक आदेश जारी किया है। इसके तहत टाइगर रिजर्व में पोस्टर और फ्लैक्स भी लगा दिए गए हैं। साथ ही गाइड को भी निर्देश दिए है कि वे मोबाइल फोन के रोक संबंधी आदेश के बारे में टूरिस्ट्स को भी अवगत करा दें। पहले पढ़िए- वन विभाग का आदेश जंगल का शांत माहौल प्रभावित न हो राजस्थान में फिलहाल चार टाइगर रिजर्व है। इनमें रणथंभौर टाइगर रिजर्व, सरिस्का टाइगर रिजर्व (अलवर), मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (कोटा) और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (बूंदी) शामिल हैं। धौलपुर-करौली और कुंभलगढ़ को भी टाइगर रिजर्व बनाने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन ये अभी पूरी नहीं हो पाई है। टाइगर रिजर्व के अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल के कारण कई पर्यटक जानवरों के बेहद करीब जाने की कोशिश करते हैं, जिससे जानवर परेशान होते हैं। सफारी गाड़ियां (कैंटर) एक जगह इकट्ठी हो जाती हैं। इससे जंगल का शांत माहौल प्रभावित होता है और वन्यजीवों पर दबाव बढ़ता है। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार, अब कोर टूरिज्म जोन और सफारी रूट्स पर पर्यटक, गाइड, ड्राइवर और नैचुरलिस्ट, किसी को भी मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। नियम टाइगर रिजर्व के सभी सफारी जोन में लागू किया गया है। रणथंभौर में सफारी एंट्री पॉइंट्स पर लगाए फ्लेक्स रणथंभौर टाइगर रिजर्व डीएफओ (पर्यटन) संजीव शर्मा कहते हैं- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वन विभाग की ओर से सफारी के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग पर रोक लगाई गई है। इसे लेकर वन विभाग ने एक आदेश जारी किया है। वन विभाग की ओर से गाइड एसोसिएशन और रणथंभौर सफारी व्हीकल्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ एक मीटिंग भी की गई है। साथ ही अब गाइडों के साथ सफारी पर जा रहे पर्यटकों को मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने के लिए समझाया जा रहा है। इसके साथ ही वन विभाग ने रणथंभौर टाइगर रिजर्व के सफारी एंट्री पॉइंट्स पर मोबाइल फोन के उपयोग नहीं करने के फ्लेक्स भी लगाए हैं। पर्यटकों की गाड़ियों में एक टूल बॉक्स या बैग लगाने की तैयारी है, जिसमें सफारी से पहले पर्यटकों से उनके मोबाइल लिए जाएंगे। इसके बाद सभी मोबाइल फोन को स्विच ऑफ किया जाएगा। फिर फोन्स को इस टूल बॉक्स या बैग में रख दिया जाएगा। सफारी खत्म होने के बाद गाइड इन मोबाइल फोन को फिर से पर्यटकों को सौंप देंगे। आदेश नहीं मानने पर जुर्माना और एफआईआर तक होगी डीएफओ शर्मा बताते हैं- आदेश का पालन नहीं करने पर वन विभाग की ओर से पर्यटकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे पर्यटकों पर पेनल्टी लगाई जाएगी। यह 100 रुपए से लेकर हजारों में हो सकती है। इसी के साथ ऐसे लोगों के खिलाफ वन विभाग एफआईआर भी दर्ज करा सकता है। हालांकि आदेश के तहत सफारी के दौरान सिर्फ मोबाइल फोन पर रोक रहेगी। डिजिटल कैमरे और डीएसएलआर कैमरे बिना किसी चार्ज के ले जा सकेंगे। साथ ही सैलानियों को निर्देश भी दिए गए है कि वे वन्यजीवों के पास नहीं जाएं, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (कोटा) सीसीएफ सुगनाराम जाट का कहना है- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद टाइगर रिजर्व के सफारी कोर एरिया में मोबाइल पर प्रतिबंध लागू किया है, जिससे वन्यजीवों को परेशानी नहीं हो। चार महीनों में ढाई लाख से ज्यादा सैलानी आए वन विभाग के अनुसार- अकेले रणथंभौर टाइगर रिजर्व में टूरिज्म सीजन में करीब 2 लाख से ज्यादा पर्यटक आए थे। डीएफओ का कहना कि पीक सीजन यानी अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक करीब 2 लाख पर्यटक टाइगर देखने आए थे। जनवरी को भी इसमें जोड़ दिया जाए तो आंकड़ा ढाई लाख से ऊपर पहुंच सकता है। जबकि सरिस्का समेत राजस्थान के अन्य टाइगर रिजर्व को जोड़ा जाए तो कुल आंकड़ा साढ़े चार से 5 लाख होने की संभावना है। बता दें कि राजस्थान में कुल बाघों की संख्या 140 से 160 के बीच है।
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