Team India कोच Gautam Gambhir के बार-बार बदलाव पर Shane Watson ने उठाए सवाल
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति और खिलाड़ियों के चयन को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर शेन वॉटसन का मानना है कि गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी दिखाई दी है। उन्होंने इसकी बड़ी वजह बल्लेबाजी क्रम में बार-बार बदलाव और खिलाड़ियों को लगातार टीम में शामिल करने या बाहर करने की रणनीति को बताया है। हालांकि, वॉटसन ने यह भी माना कि गंभीर ने कुछ खिलाड़ियों का समर्थन करके अच्छे नतीजे हासिल किए हैं।
गौतम गंभीर ने 2024 के मध्य में भारतीय टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 विश्व कप का खिताब जीता है। इन सफलताओं के बावजूद, भारतीय टीम के टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन को लेकर चिंता बढ़ी है। घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, इसी साल भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू एकदिवसीय सीरीज में भी हार मिली। पिछले 12 महीनों में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम को शिकस्त झेलनी पड़ी है। इस साल जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में भी भारत को हार मिली थी।
शेन वॉटसन ने प्राइम वीडियो के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कहा कि टीम में लगातार बदलाव होने से खिलाड़ियों के लिए अपनी भूमिका समझना और एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाना मुश्किल हो जाता है। उनके अनुसार, जब बल्लेबाजी क्रम में बार-बार फेरबदल होता है और खिलाड़ी लगातार टीम में आते-जाते रहते हैं, तो टीम का प्रदर्शन स्थिर नहीं रह पाता है। वॉटसन का मानना है कि भारतीय टीम के हालिया उतार-चढ़ाव के पीछे यह एक बड़ी वजह है।
हालांकि, वॉटसन ने गंभीर के काम की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में गंभीर ने कई अच्छी चीजें भी जोड़ी हैं। खिलाड़ियों पर भरोसा जताना उनकी सकारात्मक रणनीतियों में से एक है। इस सिलसिले में उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का उदाहरण दिया।
वॉटसन के मुताबिक, गंभीर ने संजू सैमसन का लगातार समर्थन किया और सैमसन ने टी20 विश्व कप के अहम मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करके इस भरोसे को सही साबित किया। इससे पता चलता है कि खिलाड़ियों को अवसर देना और उन पर भरोसा बनाए रखना टीम के लिए फायदेमंद हो सकता है।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर ने कहा कि भारतीय टीम में खिलाड़ियों को लेकर बहुत ज्यादा बदलाव करने के बजाय कुछ हद तक निरंतरता बनाए रखने की जरूरत है। उनका मानना है कि अगर भारत अपनी टीम और बल्लेबाजी क्रम को स्थिर रखता है, तो उसे हराना दुनिया की किसी भी टीम के लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा।
बता दें कि भारतीय टीम इस समय वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज खेल रही है। इसके बाद टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर जाएगी, जहां उसे तीनों प्रारूपों में मुकाबले खेलने हैं। इस दौरे में 2 टेस्ट, 5 एकदिवसीय और 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल हैं। ऐसे में गंभीर और भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों के चयन, बल्लेबाजी क्रम और प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखना अहम चुनौती होगी।
रतलाम में रेलवे के दो कर्मचारियों के बीच विवाद CCTV में कैद, स्टेशन मास्टर पर JE की कॉलर पकड़ने का आरोप
रतलाम रेल मंडल के मोरवानी रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह सिग्नल में तकनीकी खराबी के बाद स्टेशन मास्टर सुभाष यादव और सिग्नल विभाग के जूनियर इंजीनियर यश व्यास के बीच विवाद हो गया। दरअसल JE ने सिग्नल फेलियर का मेमो मांगा तो कहासुनी बढ़ गई। आरोप है कि स्टेशन मास्टर ने उनकी टी-शर्ट की कॉलर खींची और गला पकड़ने की कोशिश की। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई।
विवाद स्टेशन मास्टर सुभाष यादव और सिग्नल विभाग के JE यश व्यास के बीच हुआ। बताया गया कि रेलवे ट्रैक पर लगे सिग्नल में खराबी की सूचना मिलने के बाद यश व्यास और दूसरे कर्मचारी जांच करने पहुंचे थे। खराबी मिलने पर कर्मचारियों ने सिग्नल को ठीक किया। इसके बाद वे स्टेशन मास्टर के कमरे में पहुंचे जहां मेमो देने की बात पर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।
सिग्नल फेलियर का मेमो मांगने पर बढ़ा विवाद
जानकारी के मुताबिक सिग्नल में खराबी मिलने के बाद JE यश व्यास ने स्टेशन मास्टर सुभाष यादव से सिग्नल फेलियर का मेमो देने को कहा था। रेलवे में मेमो एक विभागीय दस्तावेज होता है, जिसमें संबंधित खराबी या घटना का रिकॉर्ड रखा जाता है। इसी मेमो को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। बताया गया कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और स्टेशन मास्टर ने JE की टी-शर्ट की कॉलर पकड़कर खींच दी। आरोप यह भी है कि उन्होंने JE का गला पकड़ने की कोशिश की। अचानक हुए इस घटनाक्रम के बाद वहां मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया और दोनों को अलग कर दिया। पूरी घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई है।
दोनों कर्मचारियों ने शिकायत नहीं की
वहीं घटना के बाद इसकी सूचना रतलाम DRM कार्यालय के कंट्रोल रूम को दी गई। कंट्रोल रूम से जानकारी मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम मोरवानी स्टेशन पहुंची। हालांकि मामले में एक अहम बात यह रही कि स्टेशन मास्टर सुभाष यादव और JE यश व्यास दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई। जानकारी के अनुसार दोनों कर्मचारियों ने लिखित में दिया कि वे इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते। इसके बाद शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई का सवाल फिलहाल सामने नहीं आया है। हालांकि घटना CCTV में रिकॉर्ड होने की बात कही गई है और इसकी जानकारी DRM कार्यालय तक पहुंच चुकी है।
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