Zoho प्रमुख Sridhar Vembu ने भारतीय IT प्रोफेश्नल्स से की अपील, US छोड़ भारत लौटकर बनाएं देश
अमेरिका में काम कर रहे भारतीय तकनीकी पेशेवरों के भविष्य को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने उनसे भारत लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारतीयों ने अमेरिका की तकनीकी तरक्की में बड़ा योगदान दिया है, लेकिन अब वहां के एक बड़े वर्ग में उनके प्रति पहले जैसा समर्थन नहीं दिख रहा है। ऐसे में भारतीय पेशेवरों को देश लौटकर भारत के तकनीकी क्षेत्र को मजबूत बनाने में योगदान देना चाहिए।
श्रीधर वेम्बु ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारतीयों ने अमेरिका की तकनीकी क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। इसके बावजूद अब अमेरिका का एक बड़ा हिस्सा भारतीयों को वहां नहीं देखना चाहता। उन्होंने कहा कि अमेरिकी वीजा पर रह रहे कई भारतीयों के सामने ऐसी स्थिति बन गई है, जिसमें उन्हें मेहनत से बनाई गई अपनी जिंदगी को छोड़कर भविष्य के बारे में दोबारा सोचना पड़ रहा है।
वेम्बु ने भारतीय पेशेवरों से अपील की कि वे इस मुश्किल दौर को एक नए अवसर के रूप में देखें। उनके मुताबिक, भारत लौटकर देश के विकास में योगदान देने का यह सही समय हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय पेशेवरों को मिलकर देश में तकनीकी क्षेत्र का विस्तार करना चाहिए और एक नए भविष्य की नींव रखनी चाहिए।
बता दें कि वेम्बु की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से 8 बड़ी तकनीकी और आउटसोर्सिंग कंपनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद आई है। अमेरिकी प्रशासन ने इन कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों के लिए स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया से जुड़े स्थायी लेबर प्रमाणन कार्यक्रम से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल, कॉग्निजेंट, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी शामिल हैं।
इस कार्यक्रम को आमतौर पर पीईआरएम कहा जाता है। अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों के लिए रोजगार आधारित स्थायी निवास हासिल करने की प्रक्रिया में यह एक अहम कदम है। निलंबन के बाद संबंधित कंपनियां नए आवेदन जमा नहीं कर सकेंगी और पहले से लंबित आवेदनों की प्रक्रिया भी रोक दी गई है।
अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई में हुई प्रेस वार्ता के दौरान इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कदम जारी आपराधिक और संघीय जांच के बीच उठाया गया है। उनके मुताबिक, संबंधित कंपनियों ने 2009 से अब तक कुल मिलाकर करीब 30 लाख विदेशी कर्मचारियों के लिए अनुरोध किया था। इन कंपनियों को 2.3 लाख से अधिक एच-1बी वीजा की मंजूरी और 1 लाख से ज्यादा स्थायी लेबर सर्टिफिकेशन मिले थे।
वहीं, जेडी वेंस ने आरोप लगाया कि कुछ कंपनियां एच-1बी वीजा कार्यक्रम का इस्तेमाल अमेरिकी कर्मचारियों की जगह कम वेतन पर विदेशी कर्मचारियों को रखने के लिए कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे कुशल विदेशी पेशेवरों को लाना है, जिनके काम के लिए अमेरिका में उपयुक्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका में एच-1बी वीजा और ग्रीन कार्ड से जुड़े नियमों में सख्ती का असर भारतीय तकनीकी पेशेवरों पर पड़ सकता है। ऐसे में श्रीधर वेम्बु की अपील ने भारत में रोजगार, तकनीकी अवसरों और देश की कंपनियों को मजबूत बनाने की जरूरत पर फिर से चर्चा शुरू कर दी है।
Delhi Police ने कॉजपा प्रदर्शन रोका, राजधानी की 30 सड़कों पर Traffic डायवर्जन
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर दिल्ली यातायात पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देजनर शनिवार को 30 सड़कों और फ्लाईओवर पर यातायात प्रभावित रहने की चेतावनी दी है। यातायात पुलिस ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर शनिवार को राजधानी में 30 स्थानों और उनके आसपास के मार्गों पर यातायात प्रभावित रहने की आशंका है। पुलिस के परामर्श के अनुसार, स्थिति के आधार पर 10 अक्टूबर को सुबह छह बजे से यातायात मार्ग परिवर्तन लागू किए जाएंगे और प्रभावित होने वाले स्थानों में शंकर रोड-वंदे मातरम टी-प्वाइंट, धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान, पंचकुइयां, मंडी हाउस, डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक (डब्ल्यू-प्वाइंट), राम चरण अग्रवाल चौक (आईटीओ), मिंटो रोड-दीन दयाल उपाध्याय मार्ग, गुरु नानक चौक और कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल-चेम्सफोर्ड रोड टी-प्वाइंट शामिल हैं।
इसके अलावा, भैरों रोड-एमजीएम (रिंग रोड) टी-प्वाइंट, लोधी रोड फ्लाईओवर, नीला गुंबद गोलचक्कर, मदरसा टी-प्वाइंट, सम्राट होटल गोलचक्कर, सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग क्रॉसिंग, भीकाजी कामा प्लेस के नीचे, मोती बाग फ्लाईओवर के नीचे, रिंग रोड-सैन मार्टिन मार्ग टी-प्वाइंट, अशोक रोड-जंतर मंतर रोड गोलचक्कर और विंडसर प्लेस गोलचक्कर पर भी यातायात प्रभावित रहने की आशंका है। परामर्श में टॉल्सटॉय मार्ग-जनपथ क्रॉसिंग, रेल भवन गोलचक्कर, जय सिंह रोड-संसद मार्ग क्रॉसिंग, कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल-बाराखंभा रोड टी-प्वाइंट, गोल डाकखाना गोलचक्कर, पटेल चौक गोलचक्कर, राम मनोहर लोहिया अस्पताल गोलचक्कर और कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल-संसद मार्ग टी-प्वाइंट भी प्रभावित स्थानों में शामिल है। दिल्ली यातायात पुलिस ने नयी दिल्ली और मध्य दिल्ली से होकर रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डों (आईएसबीटी) या हवाई अड्डे जाने वाले यात्रियों को यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की सलाह दी है।
पुलिस ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने का भी अनुरोध किया है। परामर्श के अनुसार, यातायात प्रबंधन के उपाय मौके की स्थिति के आकलन के आधार पर लागू किए जाएंगे या उनमें ढील दी जाएगी। यात्रियों को यातायात संबंधी ताजा जानकारी, वैकल्पिक मार्गों और अन्य सूचनाओं के लिए दिल्ली यातायात पुलिस के आधिकारिक मंचों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
दिल्ली पुलिस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से शुक्रवार को इनकार करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं जिनमें 25 हजार सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने के साथ-साथ 57 मेट्रो स्टेशन बंद करना, सीमावर्ती स्थलों, बस टर्मिनल, होटलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जांच करना शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, व्यापक सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर अनधिकृत धरना देने से रोकना और शहर भर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। पुलिस ने अनुमति देने से इनकार करने का कारण संगठन द्वारा पहले किए गए प्रदर्शन के दौरान कानूनी निर्देशों और अपने आश्वासनों का पालन नहीं करना बताया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








