10 October को खुला था Vidyasagar Setu, जानिए इस तारीख से जुड़ा इतिहास
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर इतिहास में 10 अक्टूबर का दिन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में देश के विशेषज्ञों की एक बड़ी उपलब्धि से जुड़ा है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कलकत्ता (अब कोलकाता) को औद्योगिक शहर हावड़ा से जोड़ने के लिए बनाए गए विद्यासागर सेतु को 1992 में आज ही के दिन यातायात के लिए खोला गया था। मानवीय कौशल का अनुपम उदाहरण माना गया यह पुल उस समय केबल से बना देश का सबसे बड़ा पुल था।
देश-दुनिया के इतिहास में 10 अक्टूबर की तारीख पर दर्ज प्रमुख घटनाएं इस प्रकार है:- 1845 : अमेरिका की नौसेना को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए जार्ज बेनक्रोफ्ट ने एनापोलिस, मैरीलैंड में नौसैन्य अकादमी की स्थापना की। 1846 : ब्रिटेन के खगोलविद् विलियम लासेल ने नेपच्यून ग्रह के सबसे बड़े उपग्रह ट्राइटन की खोज की। 1911 : क्रांतिकारियों के एक समूह ने चीन के वूचांग में बगावत का बिगुल फूंक दिया, जिसे चीन की क्रांति की औपचारिक शुरूआत माना जाता है।
यह एक ऐसी लोकतांत्रिक बगावत थी, जिसने चिंग साम्राज्य का तख्ता पलट दिया। 1911 : पंडित मदन मोहन मालवीय की अध्यक्षता में वाराणसी में पहले अखिल भारतीय हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया। 1954: भारतीय सिने जगत की सदाबहार अभिनेत्री रेखा का जन्म।
रेखा ने दक्षिण भारतीय फिल्मों से शुरुआत करने के बाद हिंदी सिनेमा में अपनी अदाकारी से मील के कई पत्थर स्थापित किए। 1970 : फिजी ने ग्रेट ब्रिटेन से आजादी हासिल की। 1978 : रोहिणी खडिलकर राष्ट्रीय शतरंज चैंपियनशिप जीतने वाली पहली महिला बनीं।
1980 : उत्तरी अल्जीरिया के शहर अल अस्नाम में भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए। बीस हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका। 1991 : भारत ने विश्व कैरम चैंपियनशिप में टीम खिताब जीता।
1992 : कलकत्ता (अब कोलकाता) को हावड़ा से जोड़ने के लिए हुगली नदी पर बने विद्यासागर सेतु को खोला गया। केबल से बने देश के इस सबसे बड़े सेतु के निर्माण में करीब 13 साल लगे। 2011: प्रसिद्ध गजल गायक जगजीत सिंह का निधन।
2015: तुर्किये के अंकारा में एक शांति रैली में बम विस्फोट से कम से कम 95 लोगों की मौत और 200 लोग घायल हुए। 2024: गाजा में आश्रयस्थल पर इजराइली हमले में 27 लोग मारे गये। 2025: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा।
शारदीय नवरात्रि 2026: बिना मावा, सिर्फ 1 चम्मच घी से बनाएं काजू मिल्क पेड़ा, मां दुर्गा को लगाएं भोग
शारदीय नवरात्रि में माता रानी को भोग लगाने के लिए आप ये दूध और काजू से बने पेड़े बनाकर तैयार कर सकते हैं। बिना मावा के बनने वाले ये पेड़े फटाफट बनकर तैयार हो जाते हैं और इन्हें व्रत में भी खाया जा सकता है। आइए फटाफट से जान लेते हैं इनकी रेसिपी
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