6 टीमें 86 रेसलर्स... प्रो कुश्ती लीग का छठा एडिशन 9 जनवरी से, 34 ओलंपियन भी दिखाएंगे दमखम
Pro Wrestling league starts on 9th January 2027: प्रो कुश्ती लीग का छठा एडिशन अगले साल 9 से 26 जनवरी तक नई दिल्ली के केडी सिंह जाधव कुश्ती एरिना में खेला जाएगा. भारतीय कुश्ती महासंघ के तहत होने वाली इस लीग में छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी. प्रतियोगिता में 34 ओलंपियन सहित 86 शीर्ष पहलवान मैट पर उतरेंगे. रोमांच बढ़ाने के लिए मैचों का फॉर्मेट 2x3 मिनट का होगा और 'पावर मिनट' नियम लागू रहेगा.
इंदौर में IDA कार्यालय के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल गांधी के कार्यक्रम और भाजपा के आयोजन की अनुमति व शुल्क सार्वजनिक करने की मांग की
इंदौर में मैदान आवंटन और किराए को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के कार्यालय में प्रदर्शन किया। दरअसल कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए मैदान का किराया 14 लाख रुपए से ज्यादा लिया गया था जबकि विजय नगर में भाजपा के कार्यक्रम के लिए जमीन मुफ्त दे दी गई। वहीं पार्टी ने दोनों आयोजनों की अनुमति, शुल्क और शर्तों का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। हालांकि IDA CEO ने भाजपा के कार्यक्रम को शासन का आयोजन बताया है।
दरअसल कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक जमीन के आवंटन में सभी आयोजनों के लिए एक जैसे नियम होने चाहिए। पार्टी ने मांग की है कि जब तक मैदान पर हुए कार्यक्रमों की अनुमति से जुड़ी रसीद और जानकारी नहीं मिलती तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए मैदान का किराया 14 लाख रुपए से अधिक लिया गया था। वहीं पार्टी का आरोप है कि विजय नगर में भाजपा के सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रम के लिए IDA ने जमीन मुफ्त उपलब्ध कराई। इसी अंतर को लेकर कांग्रेस ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि मैदान पर हुए कार्यक्रमों की अनुमति की रसीद मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं पार्षद राजू भदौरिया ने भी IDA के अधिकारियों को निशाने पर लिया। उन्होंने CEO पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा की चर्बी चढ़ गई है जिसे उतार लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार आने वाली है।
लागू शर्तों का ब्योरा सार्वजनिक किया जाए: कांग्रेस
कांग्रेस की मांग है कि दोनों आयोजनों के लिए जमीन आवंटन की अनुमति, किराए की राशि और लागू शर्तों का ब्योरा सार्वजनिक किया जाए। पार्टी यह भी जानना चाहती है कि शुल्क तय करने का आधार क्या था और क्या दोनों आयोजनों के लिए अलग-अलग नियम लागू किए गए थे। हालांकि जमीन मुफ्त दिए जाने और नियमों की अनदेखी के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
IDA के पटाखा बाजार का किराया भी चर्चा में
दरअसल इंदौर में IDA की जमीन के किराए को लेकर सवाल केवल राजनीतिक आयोजनों तक सीमित नहीं हैं। पिपल्याराव स्थित रीजनल पार्क के सामने भारत जोड़ो मैदान पर थोक पटाखा बाजार के लिए 41 अस्थायी दुकानें बनाई जा रही हैं। यहां जनरेटर रूम, लाइट टावर और पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। जानकारी के मुताबिक दुकानों का निर्माण शुरू हो चुका है लेकिन IDA ने अब तक किराए की अंतिम राशि तय नहीं की है और न ही आधिकारिक डिमांड नोट जारी किया है। इस बीच बाजार के किराए को लेकर 5 से 7 लाख रुपए तक की चर्चा है। पटाखा व्यापारी एसोसिएशन ने फिलहाल प्रत्येक दुकान लगाने वाले व्यापारी से एक-एक लाख रुपए जुटाने को कहा है। इसमें दुकान बनाने, मैदान के किराए, बिजली, सुरक्षा और दूसरे खर्च शामिल बताए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने इस मामले को भी अपने सवालों में शामिल किया है। पार्टी का कहना है कि अगर 3-4 दिन के राजनीतिक कार्यक्रम के लिए 14 लाख रुपए से ज्यादा किराया लिया गया तो करीब 40 दिन चलने वाले व्यावसायिक पटाखा बाजार का किराया किस आधार पर तय होगा। कांग्रेस ने पिछले साल और इस साल के पटाखा बाजार के आवंटन, शुल्क और खर्च का विवरण भी सार्वजनिक करने की मांग की है।
IDA CEO का जवाब- शासन का कार्यक्रम था
हालांकि कांग्रेस के आरोपों पर IDA CEO परिक्षित झाड़े ने अपनी बात रखी। दरअसल उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर को विजय नगर में IDA की जमीन पर हुआ आयोजन भाजपा का कार्यक्रम नहीं था बल्कि शासन का कार्यक्रम था। इसी वजह से इसके लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया गया।
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