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दिल्ली जाने वाली ट्रेन कैंसिल तो न हों परेशान, बस से लेकर दूसरे रेलवे स्टेशन तक ये हैं विकल्प

Delhi Train Cancel: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. प्रदर्शन के चलते नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास भीड़ बढ़ने और ट्रैफिक जाम होने की आशंका है.

इसे देखते हुए रेलवे ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाए हैं. इसके तहत सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच दिल्ली पहुंचने वाली कई मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया है. वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने मेट्रो के करीब 57 स्टेशनों को बंद रखने का अनुरोध भी किया है.

दिल्ली आने वाली ट्रेनें रद्द होने या रेल यातायात प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में सफर की योजना बनाने से पहले ट्रेन का स्टेटस चेक करना जरूरी है. अगर आपकी ट्रेन रद्द हो गई है या तय समय पर दिल्ली नहीं पहुंच रही है, तो आप बस, फ्लाइट, कैब या दूसरे रेलवे स्टेशन के जरिए अपनी यात्रा पूरी कर सकते हैं.

 

बस से कर सकते हैं सफर

ट्रेन रद्द होने पर बस एक विकल्प हो सकती है. उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान की रोडवेज बसों के अलावा निजी बस सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है. ये बसें दिल्ली के कश्मीरी गेट, आनंद विहार और अन्य बस अड्डों तक आती हैं. यात्रा से पहले बस की उपलब्धता, किराया और पहुंचने का समय जरूर जांच लें.

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लंबी दूरी के लिए फ्लाइट का विकल्प

अगर आप मुंबई, बेंगलुरु या कोलकाता जैसे दूर के शहरों से दिल्ली आ रहे हैं, तो फ्लाइट से यात्रा कर सकते हैं. हालांकि, टिकट बुक करने से पहले किराया और सीटों की उपलब्धता देखना जरूरी है, क्योंकि आखिरी समय में हवाई टिकट महंगे हो सकते हैं.

कैब या टैक्सी से भी पहुंच सकते हैं दिल्ली

जयपुर, आगरा, चंडीगढ़ और देहरादून जैसे शहरों से दिल्ली आने के लिए इंटरसिटी कैब या टैक्सी बुक की जा सकती है. यह विकल्प सुविधाजनक हो सकता है, लेकिन दूरी के हिसाब से इसका खर्च अधिक हो सकता है. कैब बुक करते समय किराये और यात्रा की शर्तों की जानकारी जरूर लें.

दिल्ली के दूसरे रेलवे स्टेशनों पर भी करें जांच

अगर आपकी ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन या हजरत निजामुद्दीन तक नहीं पहुंच रही है, तो दिल्ली के दूसरे रेलवे स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनों की जानकारी ले सकते हैं. इनमें पुरानी दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल, दिल्ली सराय रोहिल्ला और दिल्ली कैंट शामिल हैं. हालांकि, टिकट बुक करने से पहले संबंधित ट्रेन के संचालन की पुष्टि जरूर करें.

गाजियाबाद या आसपास के शहरों तक पहुंचने का विकल्प

कुछ परिस्थितियों में दिल्ली के बजाय गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम या सोनीपत तक ट्रेन से पहुंचना और वहां से बस, मेट्रो या कैब के जरिए आगे का सफर करना भी विकल्प हो सकता है. यह तरीका तभी अपनाएं, जब संबंधित ट्रेन और आगे के परिवहन साधन उपलब्ध हों.

ट्रेन रद्द होने पर कैसे मिलेगा रिफंड?

अगर भारतीय रेलवे ने आपकी ट्रेन रद्द की है, तो ऑनलाइन बुक किए गए पात्र टिकटों का रिफंड आम तौर पर निर्धारित नियमों के अनुसार स्वतः मिल जाता है. वहीं, काउंटर से खरीदे गए टिकट के लिए रेलवे के लागू रिफंड नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है. रिफंड की स्थिति और समयसीमा जानने के लिए IRCTC या रेलवे की आधिकारिक जानकारी देखें.

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जम्मू-कश्मीर: कुपवाड़ा में बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट मृत पाए गए, जांच शुरू

श्रीनगर, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक असिस्टेंट कमांडेंट बेसुध अवस्था में पाए गए। उन्हें अस्पलात ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अधिकारियों के मुताबिक, बीएसएफ अधिकारी कुपवाड़ा के डोबन इलाके में बेसुध अवस्था में पाए गए थे। मौत की सही वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। इस बीच, घटना की जांच शुरू कर दी गई है।

बीएसएफ देश की सीमाओं की सुरक्षा, सीमा पार से घुसपैठ रोकने और क्षेत्रीय सुरक्षा ग्रिड को सपोर्ट करने के लिए पूरे जम्मू-कश्मीर में एक मजबूत मल्टी-लेयर्ड तैनाती रणनीति अपनाती है।

यह मुख्य रूप से पाकिस्तान के साथ अहम इंटरनेशनल बॉर्डर (आईबी) और लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के कुछ हिस्सों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। यह जम्मू सेक्टर में आईबी के 485 किलोमीटर लंबे हिस्से की सुरक्षा करती है, जिसमें घने जंगल, नदियां और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाके शामिल हैं। इस फ्रंट लाइन पर लगभग एक दर्जन बटालियनें स्थायी रूप से तैनात हैं।

घने कोहरे और खराब मौसम के कारण कम विजिबिलिटी (साफ न दिखाई देने) की स्थिति में, घुसपैठ की कोशिशों को रोकने के लिए बीएसएफ सर्दियों में बॉर्डर मैनेजमेंट की एक सघन रणनीति अपनाती है। इसमें थर्मल इमेजिंग, हाई-डेफिनिशन कैमरे और रात में सक्रिय गश्त का इस्तेमाल किया जाता है।

बीएसएफ ने हथियारों, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले पाकिस्तानी ड्रोनों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर व्यवस्थित रूप से ड्रोन स्क्वाड्रन और विशेष ट्रैकिंग उपकरण तैनात किए हैं।

सुरक्षा चुनौतियों में बदलाव और सीमा पार से सामरिक खतरों में बढ़ोतरी के कारण, गृह मंत्रालय ने स्थानीय स्तर पर तैनाती को मजबूत किया है।

सितंबर 2026 के आखिर में, बीएसएफ ने खास तौर पर जम्मू इलाके में दो नई बटालियनों (2,000 से ज्यादा जवान) को तैनात किया। इन जवानों को ओडिशा में माओवाद-विरोधी अभियानों से हटाकर बॉर्डर पर तैनाती की मुख्य लाइन के ठीक पीछे वाले डेप्थ एरिया (अंदरूनी इलाकों) में तैनात किया गया।

ये जवान एक अहम दूसरी रुकावट के तौर पर काम करते हैं, जो सांबा जैसे इलाकों में बॉर्डर पार करने की कोशिश करने वाले आतंकवादियों को रोकते हैं। जबकि सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) बड़े शहरों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ज्यादातर जिम्मेदारियां संभालती है, बीएसएफ राज्य की व्यापक सुरक्षा में एक सक्रिय भूमिका निभाती है।

बीएसएफ कश्मीर फ्रंटियर कमांड के तहत, घुसपैठ-रोधी ग्रिड बनाए रखने के लिए कुपवाड़ा और बडगाम जैसी संवेदनशील अग्रिम जगहों पर यूनिट्स तैनात की गई हैं।

बीएसएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर सीमा से सटे रिहायशी इलाकों में स्थानीय स्तर पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) और इलाके पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए अभ्यास करती रहती है।

राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरतों के हिसाब से ऑपरेशनल तैनाती में बदलाव किया जाता है। उदाहरण के लिए, कुछ कंपनियों को कभी-कभी दूसरी जगहों पर बड़ी सुरक्षा तैनाती के लिए भेजा या बदला जाता है, जबकि साथ ही वे जम्मू-कश्मीर की सीमाओं की सुरक्षा पर भी ध्यान देती रहती हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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