Arvind Kejriwal ने गोवा के लिए 6 गारंटी का किया ऐलान, 300 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा
पणजी, नौ अक्टूबर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा चुनाव 2027 में जीतने पर मुफ्त बिजली, महिलाओं को हर माह तीन हजार रुपये देने समेत गोवा के लिए छह गारंटी की शुक्रवार को घोषणा की। पणजी में एक सभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) अधिनियम की धारा 39-ए को समाप्त करने का भी वादा किया। इस धारा के कथित दुरुपयोग और भूमि के इस्तेमाल में बदलाव को लेकर आलोचना होती रही है।
उन्होंने महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता के साथ मुफ्त बस यात्रा और प्रत्येक गांव में एक खेल मैदान बनाने की घोषणा की। आप नेता ने राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर देने के साथ ही 300 यूनिट मुफ्त बिजली और चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति का आश्वासन दिया। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आप राज्य में अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
पार्टी ने 2027 के चुनाव के लिए गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के साथ ‘गोवा फर्स्ट’ गठबंधन की घोषणा की है, जिसे भाजपा और कांग्रेस से इतर राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश किया गया है। केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और अन्य संबंधित लोगों के साथ बैठकें की थीं और विधानसभा चुनावों के लिए संगठन की तैयारियों पर चर्चा की थी।
MP High Court के आदेश से 14% हुआ OBC Quota, 13% रोके गए पदों पर अनारक्षित भर्ती होगी
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने शुक्रवार को 2019 के उस कानून को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया, जिसके तहत राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया गया था। इस फैसले के साथ ही OBC कोटा फिर से 14 प्रतिशत हो गया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने अपने 159 पन्नों के आदेश में भर्ती एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे उन 13 प्रतिशत पदों को तीन महीने के भीतर भरें, जिन्हें कानून को चुनौती दिए जाने के बाद रोक दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि इन पदों को अब अनारक्षित श्रेणी से भरा जाना चाहिए। राज्य सरकार की ओर से पेश हुए एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने कहा कि कोर्ट ने दस्तावेज़ों, डेटा और टेबल की जांच करने के बाद यह फ़ैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि यह विवाद 2019 में सरकारी नौकरियों और शिक्षा में OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने को लेकर था, न कि पिछड़े समुदायों के लिए आरक्षण को लेकर।
इसे भी पढ़ें: Riyadh Airport पर हमले में 3 की मौत और कई घायल, जांच के बाद उड़ानें फिर सामान्य
उन्होंने कहा कि इंदिरा साहनी और जयश्री लक्ष्मणराव पाटिल मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसलों को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट को आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को पार करने को सही ठहराने वाली कोई असाधारण स्थिति नहीं मिली। कोर्ट ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन बोर्ड और दूसरी भर्ती एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे 13 प्रतिशत पदों पर ज़रूरी कार्रवाई तीन महीने के अंदर पूरी करें। कमलनाथ के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार, जो दिसंबर 2018 से मार्च 2020 तक सत्ता में थी, ने 8 मार्च 2019 को जारी एक अध्यादेश के ज़रिए OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया था। उसी साल 14 अगस्त को यह कानून बन गया। इस कदम को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा और फिर इसे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में वापस भेज दिया गया ताकि इससे जुड़ी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई और फैसला हो सके। इन याचिकाओं पर आखिरी सुनवाई 5 अगस्त, 2026 को पूरी हुई, जिसके बाद बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में सफलता के बाद भी विदेशी Archery Coach Dave Cousins को तीन माह से वेतन नहीं मिला
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि उनकी पार्टी 27 प्रतिशत OBC आरक्षण के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने BJP सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर OBC के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। OBC महासभा ने भी इस फ़ैसले पर निराशा जताई। संगठन की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य और याचिकाकर्ताओं में से एक, लोकेन्द्र गुर्जर ने कहा कि संगठन इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा और OBC के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य-व्यापी आंदोलन शुरू करेगा। मध्य प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष जे.पी. धनोपिया ने आरोप लगाया कि यह फ़ैसला राज्य सरकार की "गलत नीयत" का नतीजा है। उन्होंने कहा कि सरकार कोर्ट के सामने तथ्यों को सही ढंग से पेश करने में नाकाम रही, जिससे OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण का फ़ायदा नहीं मिल पाया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








